लंदन, (हि.स.)। ब्रिटेन की एक अदालत ने तेईस वर्षीय अफगान शरणार्थी अहमद मुलाखिल को 12 साल की एक लड़की को अगवा कर दुष्कर्म करने के मामले में दोषी ठहराया है। वकीलों ने कहा कि मुलखिल ने पिछले साल जुलाई में मध्य इंग्लैंड के न्युनेटन शहर के एक पार्क में इस लड़की को निशाना बनाया।
अपना देश वापस चाहिए के लगे नारे
स्काई न्यूज की रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई। रिपोर्ट में कहा गया कि इस मुकदमे की सुनवाई वारविक क्राउन कोर्ट में हुई। यह घटना सामने आते ही शहर में विरोध प्रदर्शन हुए। प्रदर्शनकारियों ने सेंट जॉर्ज क्रॉस के झंडे और यूनियन के झंडे पकड़े हुए थे और वे “नावों को रोको” और “हमें अपना देश वापस चाहिए” के नारे लगाते हुए सड़क पर उतरे थे।
सुनवाई से पहले जुर्म स्वीकार किया
मुलाखिल को वारविक क्राउन कोर्ट ने एकमत से दोषी ठहराया। उसने सुनवाई से पहले ही दुष्कर्म का आरोप स्वीकार कर लिया था। कोर्ट ने उसे इस घटना का वीडियो बनाने का भी दोषी ठहराया। कोर्ट ने मुलाखिल के इस कृत्य में सहयोगी अफगान नागरिक मोहम्मद कबीर को बरी कर दिया। कोर्ट के दस्तावेजों के मुताबिक, कबीर 24 साल का है, लेकिन उसने जूरी को बताया कि वह 22 साल का है। उसे यह कहकर बरी कर दिया गया कि उसने पीड़ित को छुआ तक नहीं और न ही उसका उसके प्रति कोई गलत इरादा नहीं था।
चार महीने पहले ब्रिटेन आया था
कोर्ट को बताया गया कि मुलखिल इस घटना से चार महीने पहले ब्रिटेन आया था और उसने अफगानिस्तान में हुई “समस्याओं” से जुड़ा इमिग्रेशन आवेदन दिया था। कोर्ट में यह नहीं बताया गया कि वह छोटी नाव से ब्रिटेन आया था, या कबीर भी 2024 में क्रिसमस के दिन उसी तरीके से आया था।

















