नई दिल्ली : नवनिर्वाचित न्यूयॉर्क मेयर जोहरान मामदानी के कार्यालय ने हाल ही में विश्व हिजाब दिवस पर शुभकामनाएं पोस्ट कीं, जिसे लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। कई लोगों ने मेयर की महिलाओं के अधिकारों और उनके स्वतंत्र विचारों पर सवाल उठाए हैं।
न्यूयॉर्क मेयर के हिजाब दिवस पोस्ट पर आलोचना
पोस्ट में मुस्लिम महिलाओं और लड़कियों का जश्न मनाने की बात कही गई, जिन्होंने हिजाब पहनना चुना है और इसे विश्वास और गर्व का प्रतीक बताया गया। लेकिन आलोचकों का कहना है कि यह पोस्ट उन महिलाओं की पीड़ा को नजरअंदाज करता है, जिन्हें ईरान और अफगानिस्तान जैसे देशों में जबरन हिजाब पहनने के लिए मजबूर किया जाता है। इन देशों में हिजाब न पहनने पर लड़कियों और महिलाओं को जेल, हिंसा और हत्या का सामना करना पड़ता है।
निवासित एक्टिविस्ट मसीह अलिनेज़ाद ने मेयर को कठोर शब्दों में निशाना बनाया और कहा, “जब ईरान में महिलाएं हिजाब कानून के खिलाफ संघर्ष कर रही हैं और उन्हें मार डाला जा रहा है, तब न्यूयॉर्क में इसे जश्न के रूप में मनाना शर्मनाक है। आपकी चुप्पी इस जश्न के साथ बेहद चिंताजनक है।” तहमीनह देबोजोरगी ने भी कहा कि महिलाओं पर अत्याचार के प्रतीक का महिमामंडन अमेरिका में जगह नहीं बना सकता।
ईरान-अफगान महिलाओं की तस्वीरों से सोशल मीडिया पर चर्चा
पत्रकार खदिजा खान ने लिखा कि हिजाब महिलाओं को नियंत्रित करने का एक साधन बन सकता है, जिससे उनकी स्वतंत्रता छिनती है और उन्हें दमनकारी संस्कृति के दायरे में रखा जाता है। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने ईरान और अफगानिस्तान की महिलाओं की तस्वीरें साझा कीं, जो अनिवार्य हिजाब के कारण संघर्ष कर रही हैं।
आलोचकों का कहना है कि मेयर के कार्यालय से आधिकारिक तौर पर इस दिन को मनाने का संदेश उनके महिलाओं के प्रति दृष्टिकोण पर सवाल उठाता है और यह दिखाता है कि उनका असली नजरिया क्या है।













