माँ को बच्चे और करियर के बीच चुनना नहीं पड़ेगा: दिल्ली हाईकोर्ट ने अमेरिका जाने की दी इजाजत
October 19, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Copy
    • Subscribe & Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Copy
    • Subscribe & Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम भारत दिल्ली

माँ को बच्चे और करियर के बीच चुनना नहीं पड़ेगा: दिल्ली हाईकोर्ट ने अमेरिका जाने की दी इजाजत

दिल्ली हाईकोर्ट ने माँ ट्विंकल विनायक को नाबालिग बेटे के साथ अमेरिका जाकर पोस्ट-ग्रेजुएट कोर्स पूरा करने की इजाजत दी। जस्टिस सौरभ बनर्जी बोले- माँ को बच्चे और करियर में से एक नहीं चुनना पड़ेगा। शर्तों के साथ फैसला।

Written byकुलदीप सिंहकुलदीप सिंह
Feb 7, 2026, 11:52 am IST
inदिल्ली
Delhi High court Arvind Kejriwal Delhi liquor scam

प्रतीकात्मक तस्वीर

दिल्ली हाईकोर्ट ने एक माँ को अमेरिका जाने की इजाजत दे दी है, ताकि वो अपना पोस्ट-ग्रेजुएट कोर्स पूरा कर सके और अपने नाबालिग बेटे को साथ ले जा सके। ये फैसला 5 फरवरी 2026 को आया, जिसमें जस्टिस सौरभ बनर्जी ने कहा कि माँ को बच्चे और करियर के बीच चुनना नहीं पड़ना चाहिए।

क्या है पूरा मामला

माँ का नाम ट्विंकल विनायक है और पिता विशाल वर्मा। दोनों की शादी 2014 में हुई थी और 2017 में एक बेटा हुआ। मई 2019 में दोनों अलग हो गए, तब से बच्चा माँ के साथ ही रह रहा है। जनवरी 2023 में फैमिली कोर्ट ने पिता को विजिटेशन राइट्स दिए थे, जिन्हें बाद में हाईकोर्ट ने थोड़ा बदला। जुलाई 2024 में माँ बिना कोर्ट की पहले से इजाजत लिए बच्चे को लेकर अमेरिका चली गईं, क्योंकि उन्हें वर्जीनिया के मैरीमाउंट यूनिवर्सिटी में पब्लिक हेल्थ एजुकेशन एंड प्रमोशन में मास्टर्स प्रोग्राम (MS) मिल गया था।

ये कोर्स अगस्त 2024 से अगस्त 2027 तक चलना है। पिता ने हेबियस कॉर्पस पिटीशन दाखिल की। सुप्रीम कोर्ट के अगस्त 2025 के आदेश के बाद माँ ने हाईकोर्ट में अप्लिकेशन डाली कि उन्हें बच्चे के साथ अमेरिका वापस जाने की परमिशन मिले कोर्स पूरा करने के लिए।

माँ का बयान

माँ की तरफ से एडवोकेट डॉ. स्वाति जिंदल गर्ग ने कहा कि ये कोर्स उनकी करियर ग्रोथ के लिए बहुत जरूरी है, जिससे वो आर्थिक रूप से मजबूत होंगी और बच्चे को बेहतर जिंदगी दे पाएंगी। उन्होंने बताया कि पहला सेमेस्टर पूरा कर लिया है और GPA भी अच्छा है। उनके माता-पिता ने अपनी प्रॉपर्टी बेचकर फाइनेंशियल सपोर्ट किया है। माँ की ओर से कई पुराने केसों का हवाला दिया, जैसे विवेक सिंह बनाम रोमानी सिंह, जिसमें कहा गया कि माँ नैचुरल गार्जियन है और बच्चे के डेवलपमेंट के लिए उसकी मौजूदगी जरूरी है।

पिता का बयान

पिता की तरफ से एडवोकेट उदित गुप्ता ने कहा कि ये आवेदन पिता के विजिटेशन राइट्स को खत्म करने की कोशिश है। बच्चे का कल्याण माँ के करियर से ऊपर होना चाहिए। बच्चा भारत में स्थिर माहौल से उखड़ जाएगा और कोर्ट की जूरिस्डिक्शन कमजोर हो जाएगी। उन्होंने रोसी जैकब और शिल्पा अग्रवाल जैसे केसों का जिक्र किया। पिता को डर था कि माँ शायद वापस न आएं और वो बेटे से हमेशा के लिए अलग हो जाएं।

कोर्ट का बैलेंसिंग फैसला

कोर्ट ने बच्चे के कल्याण और माँ के पर्सनल डेवलपमेंट के अधिकार को बैलेंस किया। आर्टिकल 21 के तहत जीवन का अधिकार सिर्फ जिंदा रहना नहीं, बल्कि पर्सनल ग्रोथ और अच्छे फैसले लेने की आजादी भी है। जस्टिस बनर्जी ने कहा कि माँ प्राइमरी केयरगिवर है, बच्चे की जिम्मेदारी उसकी है, इसलिए उसे शिक्षा या सेल्फ-एडवांसमेंट छोड़ने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। इससे माँ की गरिमा, आर्थिक इंडिपेंडेंस और कल्याण मजबूत होता है, जो आखिरकार बच्चे के लिए भी अच्छा माहौल बनाता है।

कोर्ट ने माना कि माँ का अमेरिका जाना बोनाफाइड और समझदारी वाला फैसला है। बच्चे को कोई बड़ा नुकसान नहीं दिखा। माँ ने पहले कोर्ट के सामने आने का वादा निभाया, जिससे उनकी क्रेडिबिलिटी साबित हुई। पुराने केस विक्रम वीर वोहरा का हवाला देते हुए कहा कि हर इंसान को अपनी पूरी क्षमता दिखाने का हक है और माँ को बच्चे-करियर में से एक चुनने नहीं कहा जा सकता।

मां को मिली राहत

कोर्ट ने माँ के आवेदन को मंजूर कर लिया है। उन्हें बच्चे के साथ अमेरिका जाने और कोर्स पूरा करने की इजाजत मिल गई है। लेकिन कई शर्तें भी रखी हैं:

  • माँ को अमेरिका में एफिडेविट दाखिल करना होगा कि वो एड्रेस नहीं बदलेगी बिना बताए।
  • पिता को वीकेंड पर 30 मिनट और बुधवार को 10-15 मिनट वीडियो कॉल का अधिकार।
  • बच्चा भारत में समर वेकेशन में 2 महीने और विंटर में 10 दिन रहेगा, जिसमें पिता को हफ्ते में दो 4 घंटे की मीटिंग और वीकेंड पर ओवरनाइट विजिट मिलेगा।
  • कोर्स पूरा होने के बाद माँ कोई नया कोर्स या जॉब शुरू किए बिना भारत वापस आएगी।
  • फाइनेंशियल डिटेल्स और पिता के आईटीआर भी देने होंगे।
  • FRRO और इमीग्रेशन ब्यूरो को ऑर्डर की जानकारी दी जाएगी ताकि ट्रैवल आसान हो।

 

Topics: Article 21Delhi High Courtदिल्ली हाईकोर्टअनुच्छेद 21
कुलदीप सिंह
कुलदीप सिंह
नागपुर स्थित राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज विद्यापीठ (नागपुर यूनिवर्सिटी) से मॉस कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट। बीते एक दशक से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विशेष रुचि। पत्रकारिता की इस यात्रा की शुरुआत नागपुर नवभारत में इंटर्नशिप से शुरू होती है, तदोपरांत GTPL न्यूज चैनल, लोकमत समाचार, ग्रामसभा मेल, मोबाइल न्यूज 24 और Way2News हैदराबाद के बाद अब पाञ्चजन्य के साथ सफर जारी है। [Read more]
Share
Tweet
SendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

दिल्ली दंगा: अभी जेल में ही रहेंगे उमर खालिद-शरजील इमाम, हाई कोर्ट ने खारिज की नियमित जमानत याचिका 

Sharjeel Imam And Umar Khalids bial cancelled

उमर खालिद-शरजील इमाम की जमानत याचिका का दिल्ली पुलिस ने हाईकोर्ट में विरोध, कहा- ये कमांड अथॉरिटी वाले मास्टरमाइंड

बोफोर्स घोटाला: दिल्ली हाईकोर्ट के 2005 फैसले को चुनौती देने वाली याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की

अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया (फाइल चित्र)

जस्टिस के खिलाफ सोशल मीडिया अभियान: अवमानना केस में केजरीवाल-सिसोदिया को HC का अल्टीमेटम, 4 सप्ताह में मांगा जवाब!

दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा- शिक्षकों को BLO बनाया जा सकता है लेकिन उन पर अनावश्यक दबाव न हो

कोर्ट का फैसला (प्रतीकात्मक चित्र)

दिल्ली हाईकोर्ट से अरविंद केजरीवाल को झटका, जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने सुनवाई से हटने की मांग खारिज की

Load More

ताज़ा समाचार

कांग्रेस ने 70 साल CEC नियुक्ति पर नियंत्रण रखा, अब SIR के बहाने संस्थाओं पर हमला कर रहे: राजनाथ सिंह

शीतल देवी

शीतल देवी ने तीरंदाजी में रचा इतिहास, 704 अंक हासिल कर की वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी; पायल नाग ने भी किया कमाल

West Bengal Durga Puja

कोलकाता दुर्गा पंडाल भगदड़: श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नहीं, मां की आराधना के लिए उमड़ रही भीड़

Ashutosh ranka Saurav Das Bail Judge

सीजेपी के सौरव दास-आशुतोष रांका जमानत मामले में ट्विस्ट: मजिस्ट्रेट ने जान का खतरा बताकर केस से अलग हुए

LeT terrorist Chaudhary Muhammed Sarwar

लाहौर में लश्कर-ए-तैयबा के टॉप आतंकी चौधरी मोहम्मद सरवर उर्फ अबू हाशिम की रहस्यमय मौत

France Violence

हिंसा की आग में जल रहा फ्रांस: 1500 से ज्यादा दुकानें लूटी, 2400 गिरफ्तार और 1000 पुलिसकर्मी भी घायल

आज का श्लोक : परिश्रम वह साधन है जो भाग्य को वास्तविकता में बदलता है

टाइगर श्रॉफ पर हमला

टाइगर श्रॉफ पर हमला, कार पर ताबड़तोड़ फायरिंग : लॉरेंस गैंग ने ली जिम्मेदारी! सलमान खान का लिया नाम

अभाविप की लोकतंत्र के समर्थन में लखनऊ में छात्र हुंकार रैली

बांग्लादेश-नेपाल जैसे हालात भारत में नहीं होंगे स्वीकार! लखनऊ में अभाविप की विशाल छात्र हुंकार रैली

दरभंगा में आयोजित सामाजिक सद्भाव विचार गोष्ठी सह संवाद में उद्बोधन देते सह सरकार्यवाह कृष्ण गोपाल जी।

सामाजिक-आध्यात्मिक संस्थाओं के बीच नियमित संवाद से सुदृढ़ होगा सामाजिक समन्वय : डॉ. कृष्ण गोपाल जी

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies