'जनता ने ठुकराया तो प्रसिद्धि के लिए न्यायिक मंच का इस्तेमाल कर रहे': SC ने प्रशांत किशोर को लगाई फटकार
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‘जनता ने ठुकराया तो प्रसिद्धि के लिए न्यायिक मंच का इस्तेमाल कर रहे’: SC ने प्रशांत किशोर को लगाई फटकार

सुप्रीम कोर्ट ने प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी की याचिका खारिज कर दी, जिसमें 2025 बिहार विधानसभा चुनाव रद्द करने की मांग थी। CJI सूर्यकांत ने कड़ी टिप्पणी की- "लोगों ने आपको ठुकरा दिया, अब न्यायिक मंच से पॉपुलैरिटी?"

Written byकुलदीप सिंहकुलदीप सिंह
Feb 6, 2026, 02:15 pm IST
inभारत
SC Raps up Prashant kishore

सुप्रीम कोर्ट ने प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी की उस याचिका को शुक्रवार को खारिज कर दिया, जिसमें 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव को रद्द करके नए सिरे से चुनाव कराने की मांग की गई थी। शीर्ष अदालत ने टिप्पणी की कि लोगों ने आपको ठुकरा दिया और अब आप न्यायिक मंच का इस्तेमाल प्रसिद्धि हासिल करने के लिए करते हैं।

याचिका पर सुनवाई से इनकार किया

मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत और जस्टिस जॉयमलया बागची की बेंच ने जन सुराज पार्टी की इस मांग को सीधे तौर पर ठुकरा दिया। कोर्ट ने कोई भी निर्देश जारी करने से मना कर दिया कि पूरे राज्य के चुनाव नतीजों को रद्द किया जाए या नए चुनाव हों। मुख्य न्यायाधीश ने काफी सख्त लहजे में टिप्पणी की, “आपकी पार्टी को कितने वोट मिले? लोग आपको ठुकरा देते हैं और फिर आप न्यायिक मंच का इस्तेमाल पॉपुलैरिटी हासिल करने के लिए करते हैं।” उन्होंने आगे कहा, “हम पूरे राज्य के लिए कोई ऑल-इन-वन निर्देश नहीं जारी कर सकते, वो भी एक राजनीतिक पार्टी के कहने पर।”

जन सुराज पार्टी के आरोप

जन सुराज पार्टी ने आरोप लगाया था कि बिहार सरकार ने चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के बाद मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट (MCC) का उल्लंघन किया। खास तौर पर मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत महिलाओं को 10,000 रुपये ट्रांसफर किए गए। पार्टी का कहना था कि यह एक तरह की रिश्वत और भ्रष्ट आचरण है, जिसने चुनाव में समान अवसर का मैदान बिगाड़ दिया। उन्होंने दावा किया कि कर्ज में डूबे राज्य ने चुनाव से ठीक पहले 15,600 करोड़ रुपये महिलाओं के खातों में डाले, जो संविधान के अनुच्छेद 324 और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 123 का उल्लंघन है। पार्टी ने इसे वोटरों को प्रभावित करने वाला कदम बताया और पूरे चुनाव को अमान्य घोषित करने की मांग की।

चुनाव के नतीजे

2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में 243 सीटों वाली विधानसभा के लिए मतदान हुआ था। बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन ने 202 सीटें जीतीं और सत्ता बरकरार रखी, जबकि इंडिया गठबंधन को 35 सीटें मिलीं। जन सुराज पार्टी ने अपनी शुरुआती चुनावी लड़ाई में अच्छी-खासी मेहनत की, ज्यादातर सीटों पर उम्मीदवार उतारे, लेकिन एक भी सीट नहीं जीत पाई। पार्टी के अधिकांश उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई। यह पार्टी के लिए बड़ा झटका था, क्योंकि यह चुनाव में पहली बार उतरी थी और प्रशांत किशोर खुद इसकी कमान संभाल रहे थे।

कोर्ट ने क्या सलाह दी

बेंच ने स्पष्ट कहा कि यह मामला सिर्फ एक राज्य से जुड़ा है, इसलिए याचिका पर सुनवाई नहीं की जा सकती। पार्टी को पटना हाई कोर्ट जाने की सलाह दी गई। कोर्ट ने यह भी कहा कि पूरे राज्य के चुनाव को रद्द करने जैसा व्यापक आदेश एक हारी हुई पार्टी के आधार पर नहीं दिया जा सकता। मुख्य न्यायाधीश ने पार्टी की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि हार के बाद न्यायालय का रास्ता अपनाना पॉपुलैरिटी के लिए लगता है।

Topics: Supreme Courtसुप्रीम कोर्टप्रशांत किशोरPrashant Kishorबिहार विधानसभा चुनाव 2025Bihar Assembly Elections 2025जन सुराज पार्टीChief Justice Surya Kantमुख्य न्यायाधीश सूर्यकांतJan Suraj Party
कुलदीप सिंह
कुलदीप सिंह
नागपुर स्थित राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज विद्यापीठ (नागपुर यूनिवर्सिटी) से मॉस कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट। बीते एक दशक से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विशेष रुचि। पत्रकारिता की इस यात्रा की शुरुआत नागपुर नवभारत में इंटर्नशिप से शुरू होती है, तदोपरांत GTPL न्यूज चैनल, लोकमत समाचार, ग्रामसभा मेल, मोबाइल न्यूज 24 और Way2News हैदराबाद के बाद अब पाञ्चजन्य के साथ सफर जारी है। [Read more]
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