पाकिस्तान के बलूचिस्तान में हाल के दिनों में बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) ने पाकिस्तानी सेना को एक प्रकार से घुटनों पर ला दिया है। उसकी कमजोरी सबके सामने आ गई है। इसे पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने खुद संसद में मान लिया कि स्थिति उनके हाथ से निकलती जा रही है।
आधुनिक हथियारों से लैश हैं बलूच बल
ख्वाजा आसिफ ने नेशनल असेंबली में कहा कि बलूच विद्रोही (बलूच बल) अब कोई छोटा-मोटा ग्रुप नहीं रहे। ये एक पूरा नेटवर्क बन चुके हैं। उनके पास ऐसे हथियार हैं जो पाकिस्तानी सेना के पास भी नहीं हैं। उन्होंने बताया कि विद्रोहियों के पास 20 लाख रुपये वाली राइफल है, जो हीट डिटेक्ट करके ऑटोमैटिक फायर करती है। इसमें लेजर लाइट लगी है, जिसकी कीमत 4-5 हजार डॉलर (करीब 4.5 लाख रुपये) है। पूरा गियर मिलाकर 20 हजार डॉलर (लगभग 18 लाख रुपये) का होता है। ये ज्यादातर अमेरिकी हथियार बताए जा रहे हैं, जैसे नाइट विजन डिवाइस और एडवांस्ड राइफल्स, जो अफगानिस्तान से छूटे हुए हो सकते हैं। विद्रोही स्थानीय इलाके की भौगोलिक स्थिति का बहुत अच्छा फायदा उठा रहे हैं।
पाकिस्तान की स्वीकारोक्ति
रक्षा मंत्री ने खुलकर इस बात को स्वीकार किया कि बलूचिस्तान का 40 फीसदी से ज्यादा इलाका उनके नियंत्रण से बाहर हो चुका है। इतनी बड़ी और दुर्गम जमीन पर सेना की तैनाती के बावजूद नियंत्रण बनाए रखना बहुत मुश्किल है। उन्होंने माना कि सुरक्षा बल वहां खुद को बेबस महसूस कर रहे हैं। विद्रोही बेहतर तरीके से तैयार हैं और उनके हथियार पाक फौज से ज्यादा एडवांस्ड हैं। आसिफ ने भारत और अफगानिस्तान पर आरोप लगाया कि सीमा पार से मदद मिल रही है और विद्रोहियों का लीडरशिप अफगानिस्तान में है।
हाल की घटनाएं
31 जनवरी 2026 से शुरू हुए हमलों में BLA ने बलूचिस्तान के कई इलाकों में एक साथ हमला किया। पुलिस स्टेशन, जेल, सिक्योरिटी फोर्सेस के ठिकानों और आम नागरिकों पर गन और बम से हमले हुए। ये हमले 12 अलग-अलग जगहों पर हुए। BLA ने इसे ‘हेरोफ’ या ‘ब्लैक स्टॉर्म’ ऑपरेशन बताया और दावा किया कि उन्होंने दर्जनों सैनिक मारे और कुछ को अगवा किया। पाकिस्तान की तरफ से कहा गया कि 31 आम नागरिक और 17 सिक्योरिटी पर्सनल मारे गए। जवाबी कार्रवाई में 40 घंटे से ज्यादा चली फाइटिंग में 145 से 177 तक विद्रोहियों को मार गिराया गया। पाकिस्तान ने बड़े काउंटर-टेरर ऑपरेशन चलाए, जिसमें ड्रोन और हेलीकॉप्टर भी इस्तेमाल हुए।
आजादी की मांग कर रहे बलोच
बलूचिस्तान पाकिस्तान का सबसे बड़ा प्रांत है, लेकिन आबादी कम और इलाका पहाड़ी-रेगिस्तानी है। यहां संसाधन बहुत हैं, लेकिन स्थानीय लोग लंबे समय से अलगाव की मांग कर रहे हैं। विद्रोहियों के वीडियो में दिखाया जा रहा है कि उन्होंने पाक फौज को कैसे मुश्किल में डाला है। पाकिस्तान की सेना भले ही बड़े ऑपरेशन चला रही हो, लेकिन विद्रोहियों के आधुनिक हथियार और रणनीति से लग रहा है कि चुनौती बढ़ती जा रही है।

















