फ्लोरिडा में एक बिल आगे बढ़ रहा है, जिसका नाम यहूदिया और सामरिया अधिनियम को मान्यता देना है। ये बिल राज्य के सरकारी दस्तावेजों, स्कूलों और यूनिवर्सिटी में “वेस्ट बैंक” शब्द के इस्तेमाल पर रोक लगाने की कोशिश कर रहा है। इसके बजाय “यहूदिया और सामरिया” का इस्तेमाल अनिवार्य करने की बात है। ये इलाका अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वेस्ट बैंक के नाम से जाना जाता है, जो जॉर्डन नदी के पश्चिम में है और 1967 के युद्ध में इजरायल ने जॉर्डन से लिया था। ये फिलिस्तीनी क्षेत्र है, जिसे इजरायल कब्जे में रखता है, लेकिन इजरायल की दक्षिणपंथी सरकार और कुछ लोग इसे बाइबिल के नाम से जूडिया (दक्षिण हिस्सा) और सामारिया (उत्तर हिस्सा) कहते हैं।
बिल क्या कहता है?
बिल के तहत राज्य की सभी एजेंसियां—जैसे विभाग, बोर्ड, कमीशन, पब्लिक कॉलेज और यूनिवर्सिटी—अपने आधिकारिक दस्तावेजों, गाइडलाइंस, कम्युनिकेशन, प्रेस रिलीज या किसी भी कामकाजी पेपर में “वेस्ट बैंक” शब्द नहीं इस्तेमाल कर सकेंगी। अगर कोई ऐसा दस्तावेज बनाना हो तो उसमें “जूडिया और सामारिया” लिखना होगा।
K-12 पब्लिक स्कूलों और चार्टर स्कूलों में नए इंस्ट्रक्शनल मटेरियल (टेक्स्टबुक, पढ़ाई का सामान) और लाइब्रेरी की किताबें जो 1 जुलाई 2026 के बाद अपनाई या खरीदी जाएंगी, उनमें भी ये बदलाव लागू होगा। मतलब, पुरानी किताबों पर शायद असर न हो, लेकिन नई वाली में “वेस्ट बैंक” की जगह “जूडिया और सामारिया” आएगा। बिल में ये भी लिखा है कि ये इलाका 1967 के सिक्स-डे वॉर में इजरायल ने जॉर्डन से “लिबरेट” किया था, और इसका ऐतिहासिक नाम “जूडिया और सामारिया” है।
कौन ला रहा है बिल?
हाउस में बिल HB 31 है, जिसे रिपब्लिकन प्रतिनिधि चेस ट्रामोंट (पोर्ट ऑरेंज) और डेमोक्रेट प्रतिनिधि डेबरा टेंड्रिच ने स्पॉन्सर किया है। सीनेट में इसका साथी बिल SB 1106 है। फ्लोरिडा में रिपब्लिकन का बहुमत है दोनों चैंबर में।
अभी तक क्या हुआ?
जनवरी 2026 में ये बिल कमिटी से पास हो चुका है। हाउस की सरकारी संचालन उपसमिति में 16-1 वोट से, और राज्य मामलों की समिति में 20-4 वोट से पास हुआ। अब ये हाउस फ्लोर पर डिबेट के लिए लिस्टेड है। सीनेट वाला अभी कमिटी स्टेज में है। अगर पास हो गया तो 1 जुलाई 2026 से लागू होगा। अभी तक कानून नहीं बना है।
क्यों ला रहे हैं ये बिल?
स्पॉन्सर डेबरा टेंडरिच ने कमिटी में कहा कि “जॉर्डन ने वेस्ट बैंक नाम इसलिए दिया ताकि इस जमीन से यहूदी कनेक्शन मिट जाए।” उनका कहना है कि ये बिल यहूदी लोगों के ऐतिहासिक और धार्मिक लिंक को बचाने के लिए है। ये अर्कंसास राज्य के बाद दूसरा ऐसा प्रयास है, जहां 2025 में ऐसा ही कानून बना। कुछ अमेरिकी रिपब्लिकन और इजरायल समर्थक इसे ऐतिहासिक सटीकता के तौर पर देखते हैं।
विरोध क्यों हो रहा है?
कई लोग कह रहे हैं कि ये फिलिस्तीनी पहचान को मिटाने जैसा है। डेमोक्रेट प्रतिनिधि एंजी निक्सन ने कहा कि ये “फिलिस्तीनी लोगों पर हमला और उनकी मिटाने जैसा” लग सकता है। एमगेज एक्शन के एडम अबुता ने कहा कि ये एक नैरेटिव को ऊपर उठाता है और दूसरे को मिटाता है, जबकि अमेरिकी सरकार और दुनिया “वेस्ट बैंक” को मानती है। PEN अमेरिका के विलियम जॉनसन ने चेतावनी दी कि फ्लोरिडा में हजारों फिलिस्तीनी-अमेरिकी रहते हैं, और ये बिल उनकी पहचान को नजरअंदाज करता है, खासकर जब मुस्लिम विरोधी और फिलिस्तीन विरोधी भावनाएं बढ़ रही हैं। PEN अमेरिका इसे महंगा, कन्फ्यूजिंग और विचारधारा आधारित बताता है, जो मिडिल ईस्ट के बारे में पढ़ाई को प्रभावित करेगा।
फ्लोरिडा में पहले से ही स्कूल टेक्स्टबुक और लाइब्रेरी में LGBTQ+, रेस, क्लाइमेट चेंज जैसे टॉपिक्स पर कई पाबंदियां लग चुकी हैं। ये बिल उसी सिलसिले में देखा जा रहा है।











