Union Budget 2026: केद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज (1 फरवरी 2026) संसद में बजट 2026-27 पेश करेंगी। ये उनका नौवां लगातार बजट है और इतिहास में पहली बार रविवार को पेश होने जा रहा है। अगर इसके समय की बात करें चो बजट सत्र सुबह 11 बजे शुरू होगा। ये बजट ऐसे समय आ रहा है जब वैश्विक चुनौतियां हैं, जैसे अमेरिका से 50% टैरिफ का खतरा, लेकिन भारत की इकोनॉमी मजबूत बनी हुई है। आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट में जिसमें ग्रोथ अच्छी बताई गई। इसमें भारत की विकास दर को 6.5% से बढ़ाकर 7% का अनुमान लगाया गया, जो IMF (6.4%), विश्व बैंक और ADB (6.5%) के अनुमानों से ज्यादा है।
देश की अर्थव्यवस्था पर रहेगा फोक्स
रिपोर्ट्स के अनुसार, बजट सुबह 11 बजे शुरू हुआ। यह मोदी सरकार 3.0 का तीसरा पूरा बजट है। वैश्विक चुनौतियों जैसे अमेरिकी टैरिफ और ट्रेड फ्रिक्शन्स के बीच भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूत रखने पर फोकस रहेगा। बजट में मैन्युफैक्चरिंग, घरेलू मांग, कैपेक्स (पूंजीगत खर्च) और सुधारों पर जोर दिया जा सकता है।
राजकोषीय घाटा और कर्ज
वित्त वर्ष 2025-26 के लिए राजकोषीय घाटा 4.4% रहने का अनुमान था। 2026-27 के लिए 4% का लक्ष्य रखा गया। कर्ज-जीडीपी अनुपात अभी 56% के आसपास है, इसे कम करने पर जोर दिया जा रहा है। FRBM कानून के तहत राजकोषीय सुदृढ़ीकरण का रास्ता पूरा करने की दिशा में कदम।
आयकर से जुड़ी बातें
मिडिल क्लास को टैक्स में राहत की काफी उम्मीद थी। नए टैक्स रिजीम में स्टैंडर्ड डिडक्शन 75 हजार से बढ़ाकर 1 लाख रुपये करने की संभावना जताई गई थी, जिससे वेतनभोगियों की 13 लाख तक की इनकम टैक्स-फ्री हो सकती थी। लेकिन बजट में कोई बड़ा टैक्स स्लैब बदलाव या नई छूट की स्पष्ट घोषणा नहीं हुई। व्यापारियों और नौकरीपेशा लोगों को अभी इंतजार जारी है।
NPS और स्टॉक मार्केट
राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) में कोई खास बदलाव या नई सुविधा नहीं आई। स्टॉक मार्केट (BSE-NSE) बजट के दिन सामान्य समय पर खुले रहे। कोई नई स्टॉक या कैपिटल गेन टैक्स से जुड़ी घोषणा नहीं हुई।

















