उधम सिंह नगर जिले में काशीपुर, काजीबाग स्थित मस्जिद में कथित फर्जी कमेटी गठन और दस्तावेजों के सहारे चार्ज हड़पने की साजिश का मामला अब गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। कोर्ट के आदेश पर काशीपुर कोतवाली में इस प्रकरण में संगीन धाराओं में एफआईआर दर्ज किए जाने के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।
फर्जी दस्तावेज से मस्जिद प्रबंधन पर कब्जा
मामले में आरोप है कि मस्जिद प्रबंधन को अपने कब्जे में लेने के उद्देश्य से फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए, जिनमें बस स्पॉट ईओ के नकली हस्ताक्षर तक किए गए। इतना ही नहीं, नमाज के दौरान मस्जिद में कथित रूप से फर्जी ऐलान कर नई कमेटी होने की घोषणा भी की गई, जिसे बाद में विवाद का कारण बताया जा रहा है।
इस मामले में मोहम्मद कासिम और मोहम्मद फईम नामक युवकों के खिलाफ काशीपुर कोतवाली में एफआईआर दर्ज हुई है। आरोप है कि उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा करते हुए अवैध कमेटी बनाकर मस्जिद का चार्ज लेने की कोशिश की गई। अली अनवर एडवोकेट ने इस प्रकरण में बड़ा दावा करते हुए कहा है कि यदि निष्पक्ष जांच होती है तो कुछ “सफेदपोश” लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वर्ष 2019 में एक व्यक्ति द्वारा 63 लोगों के फर्जी हस्ताक्षर कर सामूहिक इस्तीफे का दस्तावेज तैयार किया गया था, जिसकी परछाईं इस मामले में भी दिख रही है।
मस्जिद के अध्यक्ष और सचिव के खिलाफ केस दर्ज
कोर्ट के सख्त रुख के बाद मस्जिद काजीबाग फर्जी कमेटी मामले में अध्यक्ष और सचिव के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि सभी तथ्यों की गहनता से जांच की जा रही है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम से काशीपुर में सियासी और सामाजिक हलचल तेज हो गई है। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या जांच के दायरे में और बड़े नाम सामने आएंगे और क्या इस मामले में जल्द कोई नया खुलासा होगा।











