महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार की मौत वाले प्लेन क्रैश की खबर ने सबको हिला दिया है। 29 जनवरी 2026 को बुधवार सुबह बारामती में एक लियरजेट 45 बिजनेस जेट क्रैश हो गया, जिसमें अजित पवार समेत पांच लोगों की जान चली गई। ये प्लेन मुंबई से बारामती आ रहा था। अब नया सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जिससे एक्सपर्ट्स ने क्रैश के तीन संभावित कारण बताए हैं। जांच अभी चल रही है, और ब्लैक बॉक्स मिल चुका है।
घटना क्या हुई
प्लेन का रजिस्ट्रेशन VT-SSK था, और ये दिल्ली की कंपनी VSR वेंचर का था। ये आठ सीट वाला लियरजेट 45 था, जिसमें इंजन पीछे की तरफ लगे होते हैं। प्लेन बारामती एयरपोर्ट पर लैंड करने की कोशिश कर रहा था। पहली कोशिश में गो-अराउंड किया गया, यानी लैंडिंग छोड़कर दोबारा चक्कर लगाया। दूसरी कोशिश में लैंडिंग क्लियरेंस मिलने के बाद 60 सेकंड के अंदर क्रैश हो गया। कोई मेडे कॉल (इमरजेंसी सिग्नल) नहीं आई। एयरपोर्ट पर कोई एडवांस्ड नेविगेशन सिस्टम नहीं है, इसलिए पायलट्स को सिर्फ अपनी आंखों से देखकर लैंड करना पड़ता है।
बोर्ड पर कौन-कौन था
- महाराष्ट्र के डिप्टी चीफ मिनिस्टर अजित पवार
- उनका पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर विधित जाधव
- पायलट-इन-कमांड सुमित कपूर
- फर्स्ट ऑफिसर शंभवी पाठक
- कैबिन क्रू मेंबर पिंकी माली
नया फुटेज क्या दिखाता है
समाचार एजेंसी पीटीआई की ओर से सीसीटीवी वीडियो जारी किया गया है, जिसमें क्रैश के आखिरी पलों को दिखाया गया है। इसमें प्लेन सीधा उड़ रहा है, लेकिन अचानक उसका लेफ्ट विंग नीचे गिर जाता है। प्लेन एक तरफ तेजी से झुकता है, लगभग टूटने जैसा हो जाता है, और फिर जमीन पर गिरकर आग का गोला बन जाता है। ये फुटेज एक्सपर्ट्स के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे क्रैश के तरीके का अंदाजा लगता है।
तीन थ्योरीज़ जो सामने आई हैं
एरोडायनामिक स्टॉल
प्लेन बहुत कम स्पीड पर था, और विजुअल मैन्यूवर करते वक्त क्रिटिकल एंगल ऑफ अटैक पार हो गया। एक विंग को लिफ्ट कम मिली, दूसरी को ज्यादा, जिससे असिमेट्रिक स्टॉल हुआ और प्लेन तेजी से रोल हो गया। ऐसे केस पहले भी बिजनेस जेट्स में हुए हैं, जैसे अमेरिका में कुछ क्रैश। स्टिक शेकर (वार्निंग) बजना चाहिए था, और फ्लाइट डेटा से स्पीड व एंगल पता चलेगा।
इंजन फेलियर
एक इंजन का पावर चला गया तो प्लेन उस तरफ खिंच सकता है, यॉ और रोल होता है। लियरजेट 45 कम स्पीड पर इंजन फेलियर हैंडल करने के लिए नहीं बना है। लेकिन कोई मेडे कॉल न आने से ये थोड़ा कम लगता है।
शार्प मैन्यूवर
रनवे से मिसअलाइनमेंट हुआ, और आखिरी पल में पायलट्स ने तेज बैंक (झुकाव) किया ताकि रनवे पर आ जाएं। एयरपोर्ट पर नेविगेशन एड नहीं है, सन ग्लेयर या खराब विजिबिलिटी हो सकती है। 2017 के एक अमेरिकी क्रैश से मिलता-जुलता।
एक्सपर्ट्स जैसे CS रंधावा (फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स), मार्क डी मार्टिन, अमित सिंह वगैरह ने ये बातें कही हैं। हो सकता है एक से ज्यादा वजहें मिलकर हों, जैसे इंजन प्रॉब्लम के साथ स्पीड कम होना।
ब्लैक बॉक्स रिकवर
क्रैश के अगले दिन 30 जनवरी को ब्लैक बॉक्स (फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर) रिकवर कर लिया गया। ये अब एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो के पास है। इसमें एयरस्पीड, एंगल ऑफ अटैक, कंट्रोल इनपुट्स और पायलट्स की बातचीत से साफ तस्वीर आएगी। बॉम्बार्डियर कंपनी जांच में मदद कर रही है, लेकिन कारण पर अभी कुछ नहीं बोल रही। ऑल इंडिया पायलट्स एसोसिएशन ने कहा है कि स्पेकुलेशन न करें, पायलट्स ने पूरी कोशिश की थी।

















