दुनिया का सिरमाैर बनेगा भारत : डॉ मोहन भागवत
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दुनिया का सिरमाैर बनेगा भारत : डॉ मोहन भागवत

सरसंघचालक माेहन भागवत ने सामाजिक सद्भाव विचार गोष्ठी को किया संबोधित

Written byएजेंसीएजेंसी
Jan 25, 2026, 11:18 pm IST
in संघ @100, बिहार
श्री मोहन भागवत, सरसंघचालक, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ

श्री मोहन भागवत, सरसंघचालक, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ

पटना, (हि.स.)। संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सर संघचालक डॉ मोहनराव भागवत ने कहा कि अपना देश आगे बढ़े और दुनिया का सिरमौर बने। इसकी परिस्थिति भी बन रही है, लेकिन चुनौती भी कम नहीं हैं। कुछ देशों को भारत का आगे बढ़ना अच्छा नहीं लग रहा है। उन्हें अपनी दुकान बंद होने का खतरा दिख रहा है। जिससे वे आगे बढ़ने के मार्ग में बाधा खड़ी करने में लगे हुए हैं। उन्होंने कहा कि डर दूर करने के लिए निर्भयता जरूरी है।निर्भयता से सबलता आएगी जिससे समस्याओं को दूर किया जा सकता है।

डॉ भागवत ने कहा कि दुनिया में सद्भाव जरूरी है। सद्भाव नहीं रहने पर लोग आपस में लड़कर मर जाएंगे। उन्होंने कहा कि किसी भी विदेशी शक्ति ने अपनी ताकत के बल पर हमें पराधीन नहीं किया। विदेशी शक्तियों ने हमारी फुट का लाभ उठाकर जीत हासिल की। उन्होंने कहा कि समाज मे सद्भाव रहने पर लोग सभी के सुख दुख में शामिल होंगे, इससे समस्या अपने आप दूर हो जाएगी।

उन्होंने कहा कि अब अपना समाज भी जाग रहा है। देश भी आगे बढ़ रहा है। खंड या प्रखंड स्तर पर बैठकर समाज की समस्या दूर करने पर लोगों को किसी नेता का मोहताज नहीं होना होगा। उन्होंने लोगों से अपनी अपनी जाति बिरादरी की उन्नति, प्रगति के लिए प्रयत्न करने, दूसरी जाति या बिरादरी की समस्या दूर करने या सामूहिक रूप से समस्या दूर करने के लिए किए गए कार्य की जानकारी ली।

दूसरे सत्र में प्रश्नकाल के बाद सरसंघचालक जी ने कहा कि समस्या बताने के साथ उपाय भी बताना चाहिए। आज देश सज्जनशक्ति के भरोसे चल रहा है। सज्जन लोग अपने अपने स्तर पर समस्या दूर करने का प्रयास कर रहे हैं। इस कड़ी को और नीचे ले जाना होगा।

उन्होंने कहा कि सिर्फ व्यवस्था से समस्या दूर नहीं होगी। समाज के लोग आपस मे बैठकर चिंतन करेंगे तब समस्या से मुक्ति मिलेगी।

उन्होंने कहा कि संघ समाज के लोगों को जागृत कर रहा है, लेकिन जागरूकता जमीन पर होना चाहिए। प्रखंड स्तर पर समाज और जाति का संगठन चलाने वालों को समाज के भौतिक और नैतिक उत्थान पर विचार करना चाहिए। उन्हें जाति बिरादरी का अभाव दूर करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि संपन्न लोग ही समाज की सेवा करेंगे ऐसा नहीं है। जिनके मन में सद्भाव आ जायेगा वहीं पीड़ित और अभावग्रस्त लोगों की सेवा कर पायेगा।

उन्होंने कहा कि सबको मिलकर अभावग्रस्त, समस्या पीड़ित और जरूरतमंद की समस्या दूर करने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कई गांवों का उदाहरण देते हुए कहा कि समाज के लोगों ने सरकार के सहयोग के बगैर ही अपनी समस्या दूर की। इसलिए अपने स्तर पर सभी चिंतन कर अपने अपने यहां की समस्या दूर करें।

उन्होंने कहा कि प्रान्त स्तर पर किसी समस्या को दूर नहीं किया जा सकता, लेकिन ब्लॉक स्तर पर किया जा सकता है। संघ गांव और प्रखंड स्तर पर बैठक करेगा जिसमें सभी लोग अपने शामिल होने के साथ अपने अपने जाति और बिरादरी के लोगों को भी साथ लाएं। जब सभी लोग एक साथ बैठकर समस्या पर चिंतन करेंगे तो कोई दूसरा हिन्दू समाज को नहीं तोड़ पायेगा।

जनसंख्या नियंत्रण के सवाल पर कहा कि हिन्दू समाज को तीन बच्चे पैदा करने से किसी ने रोका तो नहीं है। सरकार भी 2.1 बच्चे पैदा करने को कहती है। उन्होंने कहा कि देश को हिन्दू राष्ट्र घोषित करने की जरूरत नहीं है। यह हिन्दू राष्ट्र ही है। उन्होंने कहा कि समाज में विविधता है, अलगाव नहीं है। अंग्रेजों ने अलगाव को चौड़ा कर शासन किया। उस अलगाव को दूर कर हिन्दू समाज को एकजुट करना है।

प्रारंभ में क्षेत्र कार्यवाह मोहन सिंह ने विषय प्रवेश कराया। मंच संचालन चंद्रमोहन खन्ना उर्फ चन्नी ने किया जबकि धन्यवाद ज्ञापन संजीव कुमार ने किया। कार्यक्रम में क्षेत्र संघचालक देवव्रत पाहन, उत्तर बिहार के संघचालक गौरीशंकर प्रसाद, प्रांत प्रचारक रविशंकर सिंह, वाल्मीकि विमल आदि उपस्थित थे।

विचार गोष्ठी सह संवाद में लोगों ने अपने अपने संगठन की ओर से किये गए काम की जानकारी दी। विभिन्न सामाजिक व जातीय संगठन के प्रमुख लोगों ने कोरोना काल किये गए कार्य, गरीब बच्चियों की शादी, गरीब बच्चों की पढ़ाई लिखाई, अभवग्रस्त लोगों को भोजन कराने, अपने संगठन के माध्यम से लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने आदि कार्य करने की जानकारी दी।

संगठन के माध्यम से सेवा कार्य करने की जानकारी देने वालों में मुंजफ्फरपुर के जितेंद्र गुप्ता, पर्यावरण कर्मी और लीचीपुरम अभियान के सुरेश गुप्ता, उदयशंकर प्रसाद सिंह, समस्तीपुर के धर्मांश रंजन, वैशाली के आलोक चंद्र राय, अररिया के अशोक कुमार विश्वास, बोचहा के जयनंदन साहनी, पूर्णिया के अनिल कुमार गुप्ता, समस्तीपुर के सचिन जायसवाल आदि ने विचार रखा।

Topics: हिंदू समाजमोहन भागवतसंघ शताब्दी वर्षसरसंघचालक
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हिंदुस्थान समाचार (प्रतिष्ठत समाचार एजेंसी) [Read more]
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