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कच्छ का रण देख भूल जाएंगे स्विट्जरलैंड, जाने कैसे पहुंचे और क्या देखें?

रण उत्सव के दौरान गुजरात टूरिज्म बोर्ड द्वारा धोरडो गांव में एक खास टेंट सिटी बनाई जाती है। यह टेंट सिटी अस्थायी होती है, लेकिन यहां रहने की सभी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होती हैं।

Written byMahak SinghMahak Singh
Jan 25, 2026, 02:25 pm IST
inयात्रा

गुजरात के कच्छ जिले में स्थित कच्छ का रण भारत के सबसे अनोखे और खूबसूरत स्थानों में से एक है। यह मीलों तक फैला हुआ नमक का रेगिस्तान अपनी चमकदार सफेदी और शांत वातावरण के लिए प्रसिद्ध है। दूर-दूर तक फैली सफेद जमीन किसी सपनों की दुनिया जैसी लगती है। खासकर चांदनी रात में जब चंद्रमा की रोशनी नमक पर पड़ती है, तो पूरा रण चांदी की तरह चमक उठता है। यह नजारा हर किसी का दिल जीत लेता है।

कच्छ का रण सिर्फ अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए ही नहीं, बल्कि अपने समृद्ध इतिहास और संस्कृति के लिए भी जाना जाता है। यहां कभी कई राजाओं और राजवंशों का शासन रहा है। समय के साथ-साथ इस क्षेत्र ने अनेक सभ्यताओं को देखा है, जिनके निशान आज भी यहां मौजूद हैं। यही वजह है कि कच्छ का रण इतिहास और प्रकृति का सुंदर संगम माना जाता है।

रण उत्सव

हर साल दिसंबर से मार्च के बीच कच्छ के रण में रण उत्सव का आयोजन किया जाता है। यह उत्सव दुनियाभर के पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है। रण उत्सव धोरडो गांव में आयोजित होता है, जो भारत-पाकिस्तान सीमा के पास स्थित है। इस दौरान पूरा इलाका रंग, संगीत और खुशियों से भर जाता है। रण उत्सव में कच्छ की लोकसंस्कृति को करीब से देखने का मौका मिलता है। यहां पारंपरिक कच्छी नृत्य, लोकगीत, संगीत और रंग-बिरंगे परिधान लोगों का मन मोह लेते हैं। स्थानीय कलाकारों द्वारा बनाए गए हस्तशिल्प, कढ़ाई वाले कपड़े, आभूषण और सजावटी सामान भी यहां देखने और खरीदने को मिलते हैं। यह उत्सव गुजरात की समृद्ध संस्कृति को जीवंत रूप में प्रस्तुत करता है।

टेंट सिटी

रण उत्सव के दौरान गुजरात टूरिज्म बोर्ड द्वारा धोरडो गांव में एक खास टेंट सिटी बनाई जाती है। यह टेंट सिटी अस्थायी होती है, लेकिन यहां रहने की सभी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होती हैं। पर्यटक अपने बजट और सुविधा के अनुसार बेसिक, डीलक्स और प्रीमियम टेंट का चयन कर सकते हैं। इन टेंटों में साफ-सुथरे कमरे, आरामदायक बिस्तर, बिजली, पानी और स्वादिष्ट भोजन की व्यवस्था होती है। यहां रहते हुए आप लोकनृत्य, संगीत कार्यक्रम और पारंपरिक गुजराती खाने का भरपूर आनंद ले सकते हैं। रण उत्सव के लिए टेंट की बुकिंग पहले से कराना बेहतर होता है, क्योंकि इस समय यहां काफी भीड़ रहती है।

कच्छ कैसे पहुंचें?

कच्छ पहुंचना काफी आसान है। अगर आप गुजरात में हैं तो अहमदाबाद, राजकोट और भुज जैसे शहरों से सड़क मार्ग द्वारा आसानी से यहां पहुंच सकते हैं। कच्छ का सबसे नजदीकी हवाई अड्डा भुज में स्थित है। भुज से टेंट सिटी तक पहुंचने में लगभग डेढ़ घंटे का समय लगता है। यहां से आप टैक्सी या बस के जरिए आराम से धोरडो पहुंच सकते हैं।

यह भी पढ़ें- दिल्ली के पास ये 5 शांत और खूबसूरत जगहें आपका वीकेंड बना देंगी स्पेशल

कच्छ के आसपास घूमने लायक जगहें

  • धोलावीरा सिंधु घाटी सभ्यता का एक प्रमुख और ऐतिहासिक स्थल है। यह कच्छ के पास खादिर द्वीप पर स्थित है। यहां पहुंचते ही ऐसा लगता है जैसे आप हजारों साल पीछे चले गए हों। प्राचीन नगर योजना, जल प्रबंधन प्रणाली और पत्थर की संरचनाएं इस जगह को बेहद खास बनाती हैं।
  • काला डूंगर, जिसे काली पहाड़ी भी कहा जाता है, कच्छ का सबसे ऊंचा स्थान है। यहां से आपको पूरे कच्छ का शानदार दृश्य देखने को मिलता है। यह जगह पाकिस्तान सीमा के काफी पास है, इसलिए यहां भारतीय सेना की चौकी भी देखने को मिलती है। यहां की शांति और ऊंचाई से दिखने वाला नज़ारा मन को सुकून देता है।
  • मांडवी एक सुंदर समुद्र तटीय शहर है। यहां का समुद्र तट साफ और शांत है। रेत, समुद्र और सूरज का संगम इसे घूमने के लिए बेहतरीन बनाता है। यहां आप ऊंट की सवारी और घुड़सवारी का आनंद ले सकते हैं।
  • पिंग्लेश्वर बीच मांडवी के पास स्थित एक शांत और कम भीड़ वाला समुद्र तट है। यहां दूर-दूर तक फैली सुनहरी रेत और समुद्र की लहरें मन को शांति देती हैं। अगर आप भीड़ से दूर सुकून भरा समय बिताना चाहते हैं, तो यह जगह आपके लिए एकदम सही है।
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Mahak Singh
Mahak Singh
2022 में ज़ी न्यूज़ से पत्रकारिता की शुरुआत की। उसके बाद न्यूज़ नेशन, दैनिक जागरण और न्यूज़ 24 जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में कार्य करते हुए पत्रकारिता के विभिन्न आयामों का अनुभव प्राप्त किया। वर्तमान में पाञ्चजन्य में सब एडिटर के रूप में कार्यरत हूं। ज़िमा ज़ी इंस्टीट्यूट ऑफ मीडिया आर्ट्स से मैने पत्रकारिता की है। [Read more]
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