ईरान में करीब 2 सप्ताह से भी अधिक वक्त से मुल्ला सरकार के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शनों में अब तक 12000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। ईरानी सरकार के क्रूर दमन के बावजूद प्रदर्शनकारी लगातार खामेनेई के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। इस बीच अमेरिका के हमलों के खौफ के बीच ईरानी सुप्रीम लीडर अली खामेनेई राजधानी तेहरान में एक विशेष खुफिया बंकर में चले गए हैं।
खामेनेई अंडरग्राउंड शेल्टर में
ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई तेहरान में एक स्पेशल अंडरग्राउंड शेल्टर में चले गए हैं। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, सीनियर मिलिट्री और सुरक्षा अधिकारियों ने अमेरिकी हमले का खतरा ज्यादा होने का आकलन किया था। यह जगह मजबूत है, जिसमें आपस में जुड़े टनल हैं। खामेनेई के तीसरे बेटे मसूद खामेनेई अब उनके ऑफिस का रोज़ाना का काम संभाल रहे हैं और सरकार के बाकी हिस्सों से संपर्क का मुख्य जरिया बने हुए हैं।
ईरान में धीमी इंटरनेट बहाली
ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने ढाई हफ्ते से ज्यादा चले डिजिटल ब्लैकआउट को खत्म करने की मंजूरी दी है। हालांकि तकनीकी दिक्कतों के चलते बहाली धीमी है। ईरान टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी के सीईओ ने कहा कि शनिवार या रविवार तक ज्यादातर समस्याएं सुलझ जाएंगी। शनिवार दोपहर से कुछ यूजर्स को थोड़ी देर के लिए एक्सेस मिला, लेकिन 30 मिनट बाद फिर कट गया। इंटरनेशनल एक्सेस बहाल करने की कोशिश जारी है, लेकिन पूरी स्थिरता में समय लगेगा।
खामेनेई विरोधी नारेबाजी
अराक शहर में एक विरोध प्रदर्शन के शिकार की अंतिम यात्रा में खामेनेई के खिलाफ नारे लगे। पूर्व इंटेलिजेंस मिनिस्टर अली यूनिसी के बेटे हसन यूनिसी ने X पर पोस्ट करके ईरान की थियॉक्रेसी और विलायत-ए-फकीह (संरक्षकत्व) को निशाना बनाया। उन्होंने लिखा कि वे उस सिस्टम से नफरत करते हैं जिसने यह अपराध और नरसंहार का आदेश दिया। सरकार और रिफॉर्मिस्ट कैंप को भी इसमें शामिल बताया और कहा कि वे ईरान के बच्चों के लिए दुखी हैं।
यूनिवर्सिटी ने लारीजानी की बेटी को निकाला
इस बीच ईरान पर दबाव बनाने की कोशिशों के तहत अमेरिका की एमोरी यूनिवर्सिटी ने ईरान के सीनियर अधिकारी की बेटी फातेमेह अर्देशिर लारीजानी को विंशिप कैंसर इंस्टीट्यूट से निकाल दिया। यूनिवर्सिटी ने पुष्टि की कि वह अब उनकी कर्मचारी नहीं है। संस्थान ने इसे व्यक्तिगत मामला करार देते हुए ज्यादा डिटेल नहीं दी। इस बीच सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सेक्रेटरी अली लारीजानी ने IRGC के कमांडर-इन-चीफ मोहम्मद पाकपुर से मुलाकात की। यह मुलाकात नेशनल गार्ड डे के मौके पर हुई, जो 1980 के दशक से IRGC को सम्मान देने के लिए मनाया जाता है।

सरकार ने ब्रीफिंग दी
वहीं प्रांतीय गवर्नरों और सुरक्षा अधिकारियों ने सुधारवादियों को बुलाकर प्रदर्शन दमन और हत्याओं को जस्टिफाई करने की ब्रीफिंग दी। एक शख्स ने बताया कि बहस गर्म हुई और हत्याओं की संख्या पर आपत्ति जताई गई। अधिकारियों ने मारे गए लोगों को “आतंकवादी” या “विदेश से आए” बताया। प्रेसिडेंट मसूद पेजेश्कियान ने कहा कि समाज के अलग-अलग हिस्सों, खासकर डॉक्टर्स को मनाने की जरूरत है।

















