नई दिल्ली (हि.स.) । उच्चतम न्यायालय ने मदुरै के थिरुप्परनकुंद्रम की पहाड़ी पर भगवान अरुलमिगु सुब्रमण्यम स्वामी के मंदिर और पुराने दीपाथून पिलर पर रोजाना कार्तिगई दीपम (पवित्र दीया) जलाने को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) द्वारा अपने हाथ में लेने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र, तमिलनाडु सरकार और एएसआई को नोटिस जारी किया है। जस्टिस अरविंद कुमार की अध्यक्षता वाली बेंच ने ये आदेश दिया।
सुनवाई के दौरान उच्चतम न्यायालय में दी गई जानकारी
सुनवाई के दौरान शुक्रवार को कोर्ट को बताया गया कि मद्रास हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने 6 जनवरी को दीप जलाने के सिंगल बेंच के आदेश पर मुहर लगा दी थी। याचिका हिन्दू धर्म परिषद ने दायर की है। याचिका में मांग की गई है कि हर साल कार्तिगई में मंदिर में दीया जलाने और सबसे ऊपर एक दीया यानि दीपाथून जलाने की अनुमति दी जाए।
मदुरै प्रशासन और डिवीजन बेंच का विवाद
इसके पहले मदुरै प्रशासन ने उच्च न्यायालय के डिवीजन बेंच के आदेश को चुनौती दी थी। डिवीजन बेंच ने मदुरै प्रशासन की सिंगल बेंच के आदेश के खिलाफ दायर याचिका खारिज कर दिया था।
सिंगल बेंच का निर्देश
डिवीजन बेंच की ओर से याचिका खारिज होने के बाद सिंगल बेंच ने 4 दिसंबर 2025 की शाम को दीया जलाने का निर्देश दिया था। मदुरै प्रशासन ने दीया जलाने की इजाजत नहीं दी और सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।

















