उत्तर भारत में शुक्रवार सुबह मौसम ने अचानक करवट ले ली। दिल्ली-एनसीआर समेत कई राज्यों में बारिश, तेज हवाओं और बर्फबारी ने ठंड को एक बार फिर लौटा दिया है। सुबह-सुबह दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और आसपास के इलाकों में झमाझम बारिश देखने को मिली, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार, दिनभर बादल छाए रहेंगे और दोपहर या शाम के समय हल्की से मध्यम बारिश का एक और दौर आ सकता है। तेज हवाओं के कारण लोगों को ठंड का ज्यादा एहसास हो रहा है।
बर्फबारी ने पूरे क्षेत्र को सफेद चादर में ढक दिया- उधर, कश्मीर घाटी में शुक्रवार को हुई ताजा बर्फबारी ने पूरे क्षेत्र को सफेद चादर में ढक दिया है। गुलमर्ग समेत ऊंचाई वाले इलाकों में लगातार हिमपात हो रहा है, जबकि श्रीनगर और अन्य मैदानी क्षेत्रों में तेज हवाएं चलीं। बर्फबारी का सीधा असर हवाई और सड़क यातायात पर पड़ा है। एहतियात के तौर पर जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे (NH-44) को नवयुग टनल के पास बंद कर दिया गया है। इसके अलावा मुगल रोड और सिंथन रोड भी कई स्थानों पर बर्फ जमने के कारण बंद हैं। फिसलन को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने वाहनों को सुरक्षित स्थानों पर रोक दिया है।
बर्फबारी से कश्मीर-हिमाचल में यातायात प्रभावित- भारी बर्फबारी की वजह से श्रीनगर एयरपोर्ट पर भी उड़ानों का संचालन प्रभावित हुआ है। इंडिगो समेत कई एयरलाइंस ने कुछ उड़ानों को अस्थायी रूप से रद्द किया है। श्रीनगर एयरपोर्ट प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले अपनी फ्लाइट का ताजा स्टेटस जरूर जांच लें। लगभग तीन महीने के लंबे इंतजार के बाद डोडा जिले के भलेसा और आसपास के इलाकों में भी आधी रात से बर्फबारी शुरू हुई। स्थानीय लोगों ने इस बर्फबारी को राहत भरी बताते हुए खुशी जताई है। वहीं हिमाचल प्रदेश में भी मौसम ने रंग दिखाया है। शिमला और मनाली में इस साल की पहली बर्फबारी हुई, जिससे पर्यटक और स्थानीय लोग उत्साहित नजर आए। कुफरी, नारकंडा और सोलंग वैली में भी हिमपात की संभावना जताई गई है, जबकि मंडी, कांगड़ा और सोलन समेत कई जिलों में बारिश और ओलावृष्टि का यलो अलर्ट जारी किया गया है।
ठंड बढ़ने के आसार- उत्तराखंड में भी तड़के से ठंडी हवाओं के साथ बारिश और ऊंचे इलाकों में बर्फबारी हुई। बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब की चोटियों पर हिमपात से ठंड और बढ़ गई है। वहीं पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गरज-चमक के साथ बारिश और ओलावृष्टि की संभावना बनी हुई है। राजस्थान के उत्तरी जिलों में भी हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं। यह बदला मिजाज अगले कुछ दिनों तक ठंड बढ़ाने वाला साबित हो सकता है।
















