पश्चिम बंगाल में कोयला घोटाले में शामिल कथित पॉलिटिकल कंसल्टेंसी कंपनी I-PAC की मुश्किलें बढ़ने वाली है। इसको लेकर प्रवर्तन निदेशालय ने कोलकाता में एक मीटिंग की, जिसमें तय किया गया है कि जांच एजेंसी I-PAC के चीफ प्रतीक जैन से पूछताछ करेगी। इससे पहले जांच एजेंसी कंपनी के बाकी लोगों के बयान ले लिए हैं।
क्या है पूरा मामला
ED की जांच मूल रूप से कोल स्मगलिंग (कोयला तस्करी) के एक बड़े केस से जुड़ी है। इस केस में आरोप है कि पश्चिम बंगाल में ECL की जमीन से अवैध तरीके से कोयला निकाला जाता था और उसे बैंकुरा, बर्धमान, पुरुलिया जैसे जिलों की फैक्टरियों और प्लांट्स को बेचा जाता था। मुख्य आरोपी अनूप माझी है। ED का कहना है कि इस तस्करी से निकले काले धन को हवाला के जरिए लेयर किया गया और उसमें से कई करोड़ रुपये I-PAC को ट्रांसफर हुए। यानी ED को शक है कि I-PAC ने अनअकाउंटेड कैश (काला धन) को लॉन्डर किया।
हाल की कार्रवाई
8 जनवरी 2026 को ED ने I-PAC के दफ्तर (सॉल्ट लेक, कोलकाता) और प्रतीक जैन के घर (लाउडन स्ट्रीट) पर छापेमारी की। छापेमारी के दौरान हवाला ऑपरेटर्स से पूछताछ भी हुई और उनके बयान दर्ज किए गए। ED ने दावा किया कि छापेमारी में दिक्कत हुई क्योंकि वहां से डॉक्यूमेंट्स और डिजिटल डिवाइसेज (मोबाइल, लैपटॉप आदि) जब्त करने से पहले ही ले लिए गए।
ED के मुताबिक, ममता बनर्जी खुद प्रतीक जैन के घर पहुंचीं और वहां से कुछ सामान लेकर निकलीं। फिर वे I-PAC ऑफिस गईं, जहां उनके साथियों और राज्य पुलिस ने भी कथित तौर पर ED के काम में रुकावट डाली और सबूत हटाए। ED के पास इसकी वीडियो ग्रैब्स (फुटेज के स्क्रीनशॉट) भी हैं।
क्या है ED की योजना
बुधवार को कोलकाता में ED डायरेक्टर राहुल नवीन की मौजूदगी में एक रिव्यू मीटिंग हुई। अब ED प्रतीक जैन के असोसिएट्स के बयान दर्ज करने के बाद उन्हें समन भेजकर पूछताछ करने वाली है। साथ ही, ED डिस्ट्रक्शन ऑफ एविडेंस (सबूत मिटाने) का अलग केस चलाना चाहती है, जिसमें ममता बनर्जी और राज्य के अधिकारियों पर आरोप लगाए गए हैं।
सुप्रीम कोर्ट में केस
ED ने सुप्रीम कोर्ट में एक क्रिमिनल रिट पिटीशन दाखिल की है, जिसमें 8 जनवरी की छापेमारी में रुकावट डालने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। इसमें ममता बनर्जी को रिस्पॉन्डेंट नंबर 2 बनाया गया है। बाकी रिस्पॉन्डेंट्स में राज्य DGP राजीव कुमार, कोलकाता पुलिस कमिश्नर मनोज वर्मा, DCP साउथ कोलकाता प्रियब्रत रॉय, यूनियन होम सेक्रेटरी, DoPT सेक्रेटरी और बंगाल के चीफ सेक्रेटरी शामिल हैं। सुप्रीम कोर्ट ने इन सबको नोटिस जारी कर दिया है। अगली सुनवाई फरवरी के पहले हफ्ते में होगी। ED इस पूरे मामले को गंभीरता से ले रही है और जांच को आगे बढ़ाने के मूड में है।

















