भुवनेश्वर। ओडिशा पुलिस द्वारा संगठित गौवंश तस्करी रैकेट पर बड़ी कार्रवाई के बाद अब गौवंश तस्कर नए तरीके से तस्करी करने की कोशिश कर रहे हैं। वे अब वाहन या कंटेनर के माध्यम से गौवंशों की तस्करी करने के बजाय, गायों को राष्ट्रीय राजमार्ग के माध्यम से पैदल पश्चिम बंगाल ले जाने का प्रयास कर रहे हैं। उत्तरी ओडिशा में इसका एक उदाहरण सामने आया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, उत्तरी ओडिशा के मयुरभंज जिले से पश्चिम बंगाल ले जाए जा रहे 300 से अधिक गौवंश को बरामद करते हुए पुलिस ने 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई पहले क्योंझर से शुरू हुए अभियान का हिस्सा है, जिसे अब पांच से अधिक जिलों तक विस्तारित किया गया है।
राष्ट्रीय राजमार्ग पर पैदल ले जाए जा रहे थे मवेशी पुलिस सूत्रों के अनुसार, 11 आरोपियों को बारिपदा क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग-49 पर मवेशियों को पैदल तस्करी करते हुए पकड़ा गया। बांगिरिपोसी के स्थानीय निवासियों ने तस्करों को रोककर पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद आरोपियों को हिरासत में लिया गया। गिरफ्तार सभी आरोपी भद्रक, जाजपुर और क्योंझर जिलों के निवासी बताए जा रहे हैं। मुख्य साजिशकर्ताओं के ठिकानों पर छापेमारी पुलिस ने इस गौवंश तस्करी रैकेट के कथित मुख्य साजिशकर्ता सुरजीत मोहंती के बारिपदा स्थित आवास पर छापा मारा। इस दौरान लगभग33 लाख रुपये नकद, साथ हीसोने-चांदी के आभूषण बरामद किए गए। इसके अलावा, रायरंगपुर के टेंटोपोसी इलाके में पुलिस ने सात संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी करचार पिकअप वाहन और नौ मोटरसाइकिलें जब्त कीं।
इस कार्रवाई में छह लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया। गौवंश माफिया सुजीत मोहंती का बालासोर कनेक्शन जांच के घेरे में मयूरभंज जिले के झारपोखरिया क्षेत्र के निवासी कथित मवेशी माफिया सुजीत मोहंती की गतिविधियों को लेकर नई जानकारी सामने आई है, जिससे उसके बालासोर जिले में लिंक और संपत्तियों का खुलासा हुआ है। सूत्रों के अनुसार, सुजीत के बालासोर क्षेत्र में कई संपत्तियां होने का संदेह है, जो अब पुलिस की जांच के दायरे में आ गई हैं। मामले की कड़ी में क्योंझर पुलिस ने बालासोर शहर के पदुआपाड़ा इलाके में छापेमारी की। हाल ही में क्योंझर पुलिस ने सुजीत के रिश्तेदार और भाई तपन मोहंती के घर पर व्यापक तलाशी अभियान चलाया था। गहन जांच के बाद पुलिस टीम उसी दिन लौट गई। यह कार्रवाई सुजीत के खिलाफ चल रही बड़ी जांच का हिस्सा है, जिसमें उसके कथित अवैध वित्तीय लेन-देन की पड़ताल की जा रही है।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने रिश्तेदार के स्वामित्व वालीतीन मंजिला इमारत की जांच की और परिसर में खड़ी एक हाई-एंड बीएमडबलू कार के दस्तावेजों का भी सत्यापन किया। अधिकारियों को संदेह है कि इन संपत्तियों को खरीदने में इस्तेमाल की गई रकम अवैध गतिविधियों से प्राप्त हुई हो सकती है। पुलिस अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि जैसे-जैसे और जानकारी सामने आएगी, आगे भी छापेमारी और पूछताछ की कार्रवाई जारी रहेगी। आर्थिक अपराध के तहत भी होगी कार्रवाई बारिपदा सदर के सब डिविजनल पुलिस अधिकारी (SDPO) ने बताया कि आने वाले दिनों में छापेमारी और जब्ती की कार्रवाई और तेज की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस रैकेट से जुड़े लोगों परआर्थिक अपराध के प्रावधानों के तहत भी मामला दर्ज किया जाएगा। पुलिस आरोपियों की आय के स्रोत और उनकी संपत्ति की जांच कर रही है।
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निर्माण सामग्री के व्यापार की आड़ में हो रही थी तस्करी पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपीलोहे के सरिए, सीमेंट और अन्य निर्माण सामग्री के व्यापार की आड़ में मवेशी तस्करी कर रहे थे। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार 11 आरोपी मुख्य रूप से गौवंश के परिवहन में शामिल थे, जबकि इस नेटवर्क के मास्टरमाइंड की पहचान कर ली गई है। जांच आगे बढ़ने के साथ और गिरफ्तारी की संभावना है। गौवंश तस्करी रैकेट: क्योंझर पुलिस 50 बैंक खातों की जांच करेगी, 20 से अधिक लॉकर खोले जाएंगे उधर शनिवार सुबह क्योंझर पुलिस ने संगठित गौवंश तस्करी रैकेट पर भद्रक, मयूरभंज, जाजपुर और क्योंझर जिलों में संयुक्त रूप से छापेमारी, निरीक्षण और तलाशी अभियान चलाया, जिसके परिणामस्वरूप 10 गौवंश तस्करों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, आरोपी लंबे समय से अवैध गोवंश परिवहन और तस्करी में शामिल थे।
सभी आरोपियों को सोमवार को अदालत में पेश किया गया। पुलिस ने भद्रक निवासीशेख ताजुद्दीन उर्फ राजन को इस मामले का मुख्य आरोपी बताया है। उसकी गिरफ्तारी के बाद विभिन्न जिलों में समन्वित अभियान चलाकर तस्करी नेटवर्क के अन्य सदस्यों को भी हिरासत में लिया गया। बैंक खाते और लॉकर जांच के घेरे में वित्तीय जांच के तहत पुलिसकरीब 50 बैंक खातों की जांच करेगी और आरोपियों से जुड़े20 से अधिक लॉकरों को खोलेगी। अधिकारियों का कहना है कि इसका उद्देश्य अवैध मवेशी व्यापार से अर्जित संपत्तियों और लेन-देन का पता लगाना है।
दो दिन पहले पुलिस ने पांच जिलों में कई ठिकानों पर बड़े पैमाने पर छापेमारी की थी। इस दौरान आरोपियों के घर, बैंक जमा, जमीन और अन्य संपत्तियों को जब्त किया गया। नकद, सोना और वाहन बरामद जब्ती में1.52 करोड़ रुपये से अधिक नकद, 1 किलो 131 ग्राम सोना, 3 किलो 80 ग्राम चांदी, 23 चारपहिया वाहन, 23 दोपहिया वाहन, 13 मोबाइल फोन और 21 महंगी घड़ियां शामिल हैं। पुलिस ने घड़ियों की वास्तविक बाजार कीमत जानने के लिए संबंधित कंपनियों से संपर्क किया है। 2025 की घटना से खुला नेटवर्क पुलिस के मुताबिक, वर्ष 2025 में दैतारी पुलिस ने एक मवेशी तस्करी ऑपरेशन को रोकने का प्रयास किया था, जिसमें तस्करों ने वाहन चढ़ाकर दो पुलिसकर्मियों को घायल कर दिया था। इसके बाद से निगरानी बढ़ा दी गई और लगभग आठ महीनों की जांच के बाद पांच स्थानों पर एक साथ छापेमारी कर 46 अन्य ठिकानों से भी इस नेटवर्क के तार जोड़े गए। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच केवल गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि तस्करी नेटवर्क कीआर्थिक जड़ों को भी खत्म करने पर केंद्रित है। जांच में यह भी सामने आया है कि शेख ताजुद्दीन के पास10 से अधिक लॉकर हैं, जिनकी जांच की जाएगी। करोड़ों की संपत्ति जब्त होने की संभावना पुलिस सूत्रों के अनुसार, अब तक50 लाख रुपये से अधिक की संपत्तियां चिन्हित की जा चुकी हैं। आगे की जांच में कई करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति सामने आने की संभावना है, जिन्हें कानून के तहत जब्त किया जाएगा। सूत्रों ने आरोपियों के बिहार, पश्चिम बंगाल और झारखंड से संभावित संबंधों की भी आशंका जताई है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

















