नई दिल्ली । सोशल मीडिया पर श्री दरबार साहिब स्वर्ण मंदिर अमृतसर का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में काली टोपी पहने एक मुस्लिम व्यक्ति सरोवर के पवित्र पानी से हाथ-पैर, मुंह धोते और उसमें कुल्ला करते रील बनाते हुए दिखाई दे रहा है। इस वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सबसे पहले शुक्रवार (16 जनवरी) को गगनदीप सिंह ने साझा किया, जो देखते ही देखते वायरल हो गया।
ये बंदा Gurudwara Sri Harmandir Sahib के पावन सरोवर में कुल्ला कर रहा और आपत्तिजनक हरकतें कर रहा है ? 😡 ऊपर से video भी बनवा रहा है… ?
यदि यह Video सही है तो इसका इलाज कर देना चाहिए 😡 pic.twitter.com/bxOwgmMR0g
— Jyot Jeet (@activistjyot) January 16, 2026
लोगों के आपत्ति जताने के बाद सुभान रंगरेज ने माफी मांगी
हालांकि, वीडियो पर कई लोगों के आपत्ति जताने के बाद सुभान रंगरेज नाम के मुस्लिम शख्स ने माफी मांग ली है। उसके माफी मांगने का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वह कहता है, “तीन दिन पहले में श्री दरबार साहिब गया था। मैं बचपन से वहां जाना चाहता था। भाइयों मुझे वहां की मर्यादा के बारे में नहीं पता था। मैंने सरोवर के पानी से वजू किया था। मेरे मुंह से पानी निकलकर उसमें गिर गया। इसके लिए मैं अपने सभी पंजाबी भाइयों और सिख समुदाय से माफी मांगता हूं। मैं वहां आकर भी सभी से माफी मांगूगा। मैं सभी धर्मों का सम्मान करता हूं।”
वायरल वीडियो पर एसजीपीसी ने क्या कहा?
वहीं शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) ने इस मामले पर कहा कि उस व्यक्ति को शायद यहां की मर्यादा के बारे में पता नहीं होगा। हम इसकी जांच करेंगे। हम अपने सेवादारों को भी पूरी निगरानी करने के लिए कहेंगे।
अर्चना मकवाना के खिलाफ हुई थी एफआईआर
मुस्लिम व्यक्ति के खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई न करने पर सोशल मीडिया यूजर्स भड़क गए हैं। उन्होंने मुस्लिम व्यक्ति के साथ स्वर्ण मंदिर के सामने योग करने वाली अर्चना मकवाना की तस्वीर शेयर करते हुए सवाल उठाया है। यूजर्स ने कहा कि गुजरात की सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अर्चना मकवाना ने जून 2024 में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर स्वर्ण मंदिर के सरोवर के पास योग किया, तो एसजीपीसी ने इस पर आपत्ति जताई थी। उनके खिलाफ धार्मिक भावनाएं भड़काने के आरोप में आईपीसी की धारा 295-ए के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी। यहीं नहीं उस दिन ड्यूटी पर तैनात तीन सेवादारों को भी निलंबित कर दिया गया था।
तुषार नाम के यूजर ने इस मामले पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए लिखा, “सरोवर के पानी से मुंह धोना और हाथ-पैर धोना तो ठीक है, लेकिन श्री दरबार साहिब में योग करना आपत्तिजनक माना जाता है।” एक अन्य यूजर ने लिखा कि अभी हिंदू होता तो बेअदबी में उसकी मॉब लिचिंग हो जाती, लेकिन ये उस धर्म के हैं, जो गुरुद्वारे के अंदर कुछ भी कर सकते हैं।
प्रमोद कुमार सिंह लिखते हैं, “निहंग कहां हैं? मुझे पता है कि श्री दरबार साहिब के पवित्र सरोवर में एक मुसलमान के थूकने के बावजूद कुछ नहीं होगा। यह बेअदबी केवल कमजोर लोगों के लिए है। एसजीपीसी ने एक लड़की के योग करने पर आपत्ति जताई थी, लेकिन इस घटना पर उनकी तरफ से ऐसा कोई बयान नहीं आया है।”
सेंडी लिखते हैं कि मुझे नहीं पता कि गुरुद्वारे में टोपी पहनने की अनुमति किसने दी और पहरेदार कहां हैं। एसजीपीसी कृपया इस पर कार्रवाई करें। लोग इस वीडियो पर आपत्ति जता रहे हैं।
कपिल गौर ने लिखा कि यहां नियम श्रद्धा से नहीं, बल्कि इस बात से तय होते हैं कि सामने वाला कौन है? अर्चना मकवाना का योग तो अशांति फैला गया, लेकिन वजू वाली रील शायद शांति और भाईचारे का नया सिलेबस है। लगता है कुछ लोगों के चश्मे का नंबर सिर्फ योग देखते ही बढ़ जाता है
एसजीपीसी ने क्या कहा था?
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने कहा था कि लोग स्वर्ण मंदिर में मत्था टेकने आते हैं, जबकि एक युवती यहां योग कर रही थी। उसके ऐसा करने से संगत की धार्मिक भावना को ठेस पहुंची है।
अर्चना मकवाना को मिली थी जान से मारने की धमकी
अर्चना ने इस मामले पर विवाद बढ़ता देख वीडियो जारी कर माफी मांगी थी। उन्होंने कहा था, ” मैं19 जून को अवॉर्ड लेने के लिए दिल्ली आई थी। मैंने सोचा कि अमृतसर जाकर मत्था टेक लेती हूं। उस दिन योग दिवस था, इसलिए मैंने यहां योग किया, जो मैं हर जगह करती हूं। ये मैंने उनको थैंक्यू बोलने के लिए किया था, किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने के लिए ये सब नहीं किया गया था। मुझे बुरा लग रहा है। मुझे माफ कर दीजिए। मुझे गलत समझा गया। मुझे जान से मारने की धमकी दी जा रही है। कोई भी धर्म ये नहीं सिखाता कि किसी को अपमानित करो, उनकी गलती को तो माफ कर देना चाहिए। मैं आगे से ऐसा नहीं करूंगी। मुझे यहां के नियम नहीं पता थे।”

















