निपाह वायरस: क्यों है इतना खतरनाक? मौत की दर 40-75% तक, कोई वैक्सीन या खास दवा नहीं
August 9, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम स्वास्थ्य

निपाह वायरस: क्यों है इतना खतरनाक? मौत की दर 40-75% तक, कोई वैक्सीन या खास दवा नहीं

निपाह वायरस चमगादड़ से फैलता है, इंसानों में तेजी से ब्रेन इन्फेक्शन और मौत का कारण बनता है। मौत की दर 40-75% तक, हाल ही में वेस्ट बेंगाल में दो नर्सों में केस मिले। लक्षण, फैलाव और रोकथाम की पूरी जानकारी।

Written byकुलदीप सिंहकुलदीप सिंह
Jan 17, 2026, 10:45 am IST
inस्वास्थ्य
Nipah Virus

प्रतीकात्मक तस्वीर

निपाह वायरस आखिर क्यों इतना ज्यादा खतरनाक है? क्योंकि इसकी मौत की दर काफी ऊंची होती है। डॉक्टर ने बताया है कि ये वायरस फ्रूट बैट्स (चमगादड़) से आता है और इंसानों में फैल सकता है। हाल ही में वेस्ट बेंगाल में दो नर्सों में निपाह वायरस मिला है, जिससे फिर से सबकी चिंता बढ़ गई है।

केरल में सामने आया था पहला केस

भारत में पहली बड़ी डरावनी घटना 2018 में केरल के कोझिकोड में हुई थी। तब कुछ केस आए थे और पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। लोग डर गए क्योंकि शुरुआत में ये बिल्कुल सामान्य वायरल बुखार जैसा लगता है, लेकिन जल्दी ही हालत गंभीर हो जाती है। अस्पतालों को मरीजों को अलग रखना पड़ा, संपर्क में आए लोगों की लिस्ट बनानी पड़ी, क्वारंटाइन सख्त कर दिया गया। यात्रा पर भी रोक लगी। काफी कन्फ्यूजन था क्योंकि इतने कम समय में सबको समझ नहीं आया कि क्या हो रहा है।

निपाह भारत में बहुत कम होता है, इसलिए लोग रोज-रोज इसकी बात नहीं करते। इसी वजह से शुरुआत में पहचान मुश्किल हो जाती है। लक्षण पहले हल्के होते हैं – हल्का बुखार, सिरदर्द, बदन दर्द – और लोग सोचते हैं कि बस सर्दी-जुकाम है। लेकिन जब दिमाग में सूजन (एन्सेफलाइटिस) या सांस लेने में दिक्कत शुरू होती है, तब तक बहुत देर हो चुकी होती है।

निपाह क्यों है डेडली वायरस?

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, निपाह वायरस की सबसे बड़ी खासियत ये है कि ये तेजी से बढ़ता है और मौत की दर बहुत ज्यादा होती है। ये ब्रेन में गंभीर सूजन पैदा कर सकता है। ज्यादातर वायरल बीमारियों से अलग, ये संक्रमित इंसान या जानवर के बहुत करीब आने से फैलता है, न कि सिर्फ छुए हुए सामान से। अभी तक कोई खास एंटीवायरल दवा नहीं है। लक्षण एक बार गंभीर होने लगें तो इलाज के लिए बहुत कम समय बचता है।

इसे भी पढ़ें: ईरान से सुरक्षित वापसी: स्वदेश वापस लौटे लोगों ने कहा-‘मोदी हैं तो मुमकिन है’

वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) के मुताबिक, निपाह में मौत की दर 40% से 75% तक हो सकती है। भले ही एशिया में इसके बहुत कम आउटब्रेक हुए हों, लेकिन ये कई जानवरों को संक्रमित करता है और इंसानों में गंभीर बीमारी व मौत का कारण बनता है। इसलिए ये पब्लिक हेल्थ के लिए बड़ा खतरा है। शुरुआती लक्षण अक्सर नजरअंदाज हो जाते हैं। डॉ. संतोष ने कहा कि पहले हल्का बुखार, सिरदर्द या बदन दर्द होता है, जो आम वायरल फीवर जैसा लगता है। लोग घर पर ही दवा खा लेते हैं, ओवर-द-काउंटर दवाओं से ठीक करने की कोशिश करते हैं। इससे वायरस की पहचान में देरी हो जाती है और तब तक न्यूरोलॉजिकल लक्षण आ जाते हैं।

एक्सपोजर से लेकर लक्षण गंभीर होने तक का समय 5 से 14 दिन का होता है। शुरू में बुखार, सिरदर्द, थकान। कुछ दिनों बाद कन्फ्यूजन, दौरा पड़ना, सांस लेने में तकलीफ शुरू हो सकती है। डॉक्टर का कहना है कि शुरुआती बुखार के समय ही तेजी से अलग-थलग करना, टेस्टिंग और सपोर्टिव केयर बहुत जरूरी है। इससे फैलने की रफ्तार कम होती है और मरीज की हालत सुधारने की संभावना बढ़ जाती है।

Topics: निपाह वायरसNipah virus treatmentNipah virusNipah virus symptomsक्यों खतरनाक है निपाह वायरसनिपाह मौत दरनिपाह पश्चिम बंगालनिपाह वायरस लक्षणनिपाह वायरस इलाजwhy is Nipah virus dangerousNipah death rateNipah in West Bengal
कुलदीप सिंह
कुलदीप सिंह
नागपुर स्थित राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज विद्यापीठ (नागपुर यूनिवर्सिटी) से मॉस कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट। बीते एक दशक से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विशेष रुचि। पत्रकारिता की इस यात्रा की शुरुआत नागपुर नवभारत में इंटर्नशिप से शुरू होती है, तदोपरांत GTPL न्यूज चैनल, लोकमत समाचार, ग्रामसभा मेल, मोबाइल न्यूज 24 और Way2News हैदराबाद के बाद अब पाञ्चजन्य के साथ सफर जारी है। [Read more]
Share
Tweet
SendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

बांग्लादेश में नीपाह वायरस से एक महिला की मौत, कच्ची ताड़ी पीने से संक्रमण: WHO

पश्चिम बंगाल : दिसंबर से अबतक निपाह के 2 मामले, जानिए क्या है स्थिति..?

Nipah virus symptoms

भारत में फिर बढ़ा निपाह वायरस का खतरा, जानिए क्या है यह बीमारी और कैसे करें बचाव?

पश्चिम बंगाल में निपाह अलर्ट : दो नर्सें ICU में, हालत गंभीर, केंद्र सक्रिय

पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस के दो मामलों की पुष्टि, केंद्र सरकार सतर्क

निपाह वायरस का आतंक : केरल में 24 वर्षीय छात्र की मौत, ICMR से मांगी मदद

Load More

ताज़ा समाचार

स्वातंत्र्य वीर सावरकर

कहाँ-कहाँ से हटाओगे सावरकर को? वे भारतीय स्वतंत्रता की ऐसी धारा हैं जिसे मिटाया नहीं जा सकता!

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गांधी पार्क में हर घर तिरंगा यात्रा में हिस्सा लिया, राष्ट्रभक्ति का आह्वान

क्या है 'विश्वास स्कीम'?

EPFO: रिटायरमेंट के बाद PF खाते में पड़ा पैसा कब तक देगा ब्याज? जानिए जरूरी नियम

NALSAR हैदराबाद में CJI सूर्यकांत को चीफ गेस्ट बनाने पर छात्रों का विरोध, कॉकरोच बयान का जिक्र

इंडिया पोस्ट दे रहा ‘डाक सेवा गिफ्ट्स’! PIB फैक्ट चेक ने बता दी सच्चाई

प्रतीकात्मक तस्वीर

केंद्र सरकार का बड़ा कदम: मेटा को भारतीय कानून का पालन करना होगा, ग्लोबल पॉलिसी से काम नहीं चलेगा

डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिका के राष्ट्रपति

Explainer: अमेरिका के 100% टैरिफ बिल से भारत पर क्या पड़ेगा असर?

पोस्टर का लोकार्पण करते अतिथि

‘सिने टॉकीज 2026’ के पोस्टर का लोकार्पण

Bank Holiday

Bank Holidays: अगस्त में कब बंद रहेंगे बैंक? यहां देखें पूरी छुट्टियों की लिस्ट

PM Kisan Yojana

PM Kisan Yojana: PM किसान योजना का लाभ लेना है तो जान लें ये जरूरी नियम, हर साल मिलते हैं ₹6000

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies