वाराणसी । भारत सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार के पर्वतमाला परियोजना के तहत एशिया के पहले अर्बन ट्रांसपोर्ट रोपवे प्रोजेक्ट काशी में अब मूर्त रूप ले रहा है। चार किमी के रोपवे कॉरिडोर को नो काईट फ्लाइंग जोन बनाया जाएगा। इसके लिए तैयारियां की जा रही है। रोपवे का संचालन शुरू होने पर पतंग उड़ाने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
नो काईट फ्लाइंग जोन में सख्त निगरानी
पुलिस टीम द्वारा पूरे क्षेत्र की निगरानी की जायेगी। साथ ही ड्रोन कैमरों से भी नजर रखी जाएगी। रोपवे के तारों पर अक्सर पतंग फंस जाती हैं। जिसकों हटाने में इंजीनियरों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है। मंडलायुक्त एस राजलिंगम के अनुसार प्रस्ताव तैयार किया गया है। नियम के अनुसार रोपवे संचालन शुरू होने के साथ ही पतंग उड़ाना उस क्षेत्र में पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया जायेगा।
वाराणसी कैंट से गोदौलिया तक चलेगा रोपवे
रोपवे करीब चार किलोमीटर की दूरी को कवर करेगा, जो वाराणसी कैंट स्टेशन से गोदौलिया तक होगा। इस मार्ग पर विद्यापीठ और रथयात्रा इंटरमीडिएट स्टेशन होंगे, जबकि गिरजाघर एक टेक्निकल स्टेशन होगा। कुल 5 स्टेशन और 29 टावर बनाए जाएंगे।

















