नई दिल्ली (हि.स.) । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि भारत में अब स्टार्टअप को उत्पादन क्षेत्र पर ध्यान केंद्रित करने की ज्यादा आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि हमें नए और दुनिया के श्रेष्ठतम गुणवत्ता वाले उत्पाद तैयार करने होंगे।
राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस के अवसर पर कार्यक्रम
राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस के मौके पर आज प्रधानमंत्री मोदी ने यहां भारत मंडपम में आयोजित स्टार्टअप इंडिया पहल के एक दशक पूरे होने से जुड़े कार्यक्रम में भाग लिया।
स्टार्टअप इंडिया ने बदल दी मानसिकता
प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले केवल बड़े घराने के बच्चे ही नया व्यवसाय और उद्यम शुरू करते थे और मध्यम वर्ग व गरीब परिवारों के अधिकतर बच्चे नौकरी पाने का सपना ही देखा करते थे। लेकिन स्टार्टअप इंडिया कार्यक्रम ने इस मानसिकता को बदला है और इस कारण आज युवा स्टार्टअप के माध्यम से वास्तविक समस्याओं का समाधान कर रहे हैं।
स्टार्टअप इकोसिस्टम के सदस्यों से बातचीत
प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान स्टार्टअप इकोसिस्टम के सदस्यों के साथ बातचीत की। कुछ चुने हुए स्टार्टअप प्रतिनिधियों ने अपनी उद्यमी यात्रा के अनुभव को साझा किया।
महिलाओं की बढ़ती भूमिका
इस मौके पर प्रधानमंत्री ने उपस्थित लोगों को संबोधित किया। प्रधानमंत्री ने नए स्टार्टअप्स में महिलाओं की लगातार बढ़ती भूमिका को गौरव का विषय बताते हुए कहा कि आज 45 प्रतिशत नए स्टार्टअप में महिला या निदेशक या फिर पार्टनर हैं। भारत महिला भागीदारी के हिस्से के तौर पर दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इको तंत्र बन गया है।
स्टार्टअप मिशन को रेनबो मिशन बताया
प्रधानमंत्री ने देश के स्टार्टअप मिशन को रेनबो मिशन की संज्ञा दी और कहा कि इसने विविध क्षेत्रों को आपस में जोड़ा है और नए अवसर पैदा किए हैं। उन्होंने देश के युवाओं की जोखिम उठाने की प्रवृत्ति की सराहना करते हुए कहा कि आज मासिक वेतन से आगे सोचने वालों को न केवल स्वीकार किया जाता है बल्कि सम्मान भी दिया जाता है। पहले जोखिम भरे विचारों को लोग फ्रिंज (अटपटी) नजर से देखते थे लेकिन अब वह फैशन बन रहे हैं।
स्टार्ट ऑफ इंडिया मिशन की उपलब्धियां
प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 10 सालों में स्टार्ट ऑफ इंडिया मिशन एक रिवॉल्यूशन बन चुका है। भारत आज दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम है। स्टार्टअप की संख्या 500 से बढ़कर अब 2 लाख हो गई है और 125 एक्टिव यूनिकॉर्न के साथ भारत दुनिया का तीसरा ऐसा देश है जहां इतनी बड़ी संख्या में यूनिकॉर्न है। अकेले साल 2025 में ही 44 स्टार्टअप रजिस्टर हुए हैं।

















