नई दिल्ली: सर्दियों के सीजन में सैलानी बर्फबारी के लिए पहाड़ों की ओर रुख करते हैं। लेकिन इस बार पहाड़ ही बर्फबारी के लिए तरस गए हैं। उत्तराखंड और हिमाचल का एक-सा हाल है। बर्फबारी न होने के कारण पर्यटकों की संख्या में भी गिरावट आ रही है। 15 जनवरी तक उत्तराखंड में भी बर्फबारी नहीं हुई और न हिमाचल प्रदेश में बर्फ गिरी।
सूना पड़ा शिमला…मनाली और कुफरी
करीब तीन महीनों से हिमाचल में सूखा पड़ा है। विंटर सीजन है और पहाड़ों में अब तक ढंग की बर्फबारी भी नहीं हुई। शिमला, मनाली और कुफरी जैसे फेमस हिल स्टेशनों की वादियां सूनी पड़ी हैं। टूरिस्ट के साथ ही स्थानीय निवासी भी बर्फबारी की बाट जोह रहे हैं।
शिमला-मनाली में नहीं हुई सीजन की पहली बर्फबारी
जनवरी बीतने को है और शिमला और मनाली में अभी तक सीजन की पहली बर्फबारी नहीं हुई। बर्फ न गिरने का असर पर्यटन पर पड़ा है। बर्फबारी न होने से सेब उत्पादन पर भी संकट के बादल मंडराने लगे हैं। पर्यटन कारोबार प्रभावित हुआ है।
उत्तराखंड में भी बारिश-बर्फबारी का इंतजार
उत्तराखंड के लोग लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं कि बारिश और बर्फबारी हो जाए। 15 जनवरी तक यहां के पहाड़ भी बर्फबारी के बिना सूने रहे। मौसम विज्ञान केंद्र का पूर्वानुमान है कि 22 जनवरी तक बारिश और बर्फबारी हो सकती है। नैनीताल में 4 महीने से बरसात और बर्फबारी नहीं होने से हर तरफ सूखा देखने को मिल रहा है। इसका असर पर्यटन पर भी पड़ा है।
यही हाल शिमला और मनाली का भी है। यहां पर्यटकों की संख्या में तेज गिरावट आई है। वीकेंड पर भी कम ही पर्यटक देखे जा रहे हैं। पर्यटक और पर्यटन कारोबार से जुड़े लोग बर्फबारी का इंतजार कर रहे हैं। मौसम विभाग का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के असर से 22 जनवरी तक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हो सकती है।

















