Mauni Amavasya 2026: मौनी अमावस्या 18 जनवरी को है। अमावस्या तिथि का प्रारम्भ 18 जनवरी दोपहर 12:03 बजे से होगा और समापन 19 जनवरी 2026 को 1:21 बजे होगा। मौनी अमावस्या के दिन सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर गंगा नदी में स्नान करना चाहिए। लेकिन अगर आप हरिद्वार या अन्य तीर्थों या संगम तट पर गंगा स्नान के लिए नहीं जा पा रहे हैं तो क्या कर सकते हैं? इसे लेकर वाराणसी के शास्त्री दीपक जोशी से पूछने पर उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में व्यक्ति घर में रखे गंगाजल को पानी में मिलाकर स्नान कर सकता है।
मौनी अमावस्या के दिन शुभ मुहूर्त में गंगा स्नान का बेहद पुण्य देने वाला बताया गया है। अगर आपके लिए ऐसा करना संभव नहीं है तो आप पहले तो अपने आसपास की किसी भी पवित्र नदी में स्नान कर सकते हैं। लेकिन अगर वो भी नहीं हो पा रहा है तो आप घर पर ही नहाने के पानी में थोड़ा-सा गंगाजल मिलाकर स्नान कर सकते हैं। इसे भी गंगा स्नान के बराबर ही महत्व दिया गया है। इसके बाद सूर्य देव को अर्घ्य दें। उसके बाद भगवान विष्णु और महादेव की विधिवत रूप से पूजा-अर्चना करें।
सनातन धर्म में गंगा को सर्वाधिक पवित्र नदी माना गया है। यही वजह है कि मौनी अमावस्या पर हरिद्वार और प्रयागराज में काफी भीड़ होती है। दूर-दूर से श्रद्धालु पवित्र गंगा नदी में डुबली लगाने के लिए पहुंचते हैं। मौनी अमावस्या के दिन गंगा का जल अमृत समान होता है। इस दिन गंगा में स्नान मात्र से साधक को सभी पापों से मुक्ति मिलती है और मृत्यु के बाद साधक जन्म-मरण के बंधन से मुक्त होकर मोक्ष की प्राप्ति करता है।
बता दें कि मौनी अमावस्या के दिन गुप्त दान करना चाहिए। ऐसा करने से जीवन में समृद्धि आती है। कई तरह के दोषों से भी मुक्ति मिलती है।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं।)

















