प्रवर्तन निदेशालय की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा कदम उठाते हुए पश्चिम बंगाल सरकार और राज्य के DGP राजीव कुमार को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने दोनों से दो हफ्ते के भीतर जवाब मांगा है। साथ ही अदालत ने साफ कहा कि केंद्रीय जांच एजेंसियों के काम में किसी तरह की बाधा बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
ईडी अधिकारियों पर FIR दर्ज करने पर सुप्रीम कोर्ट की रोक
सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने एक अहम अंतरिम आदेश देते हुए ईडी अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज करने पर रोक लगा दी। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जांच एजेंसियां कानून के तहत अपना काम कर रही हैं और उन्हें डराने या रोकने की कोशिश संवैधानिक व्यवस्था के खिलाफ है। अदालत ने यह भी कहा कि एजेंसियों के कामकाज में कोई भी हस्तक्षेप स्वीकार्य नहीं है।
CCTV फुटेज सुरक्षित रखने के निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए CCTV फुटेज को सुरक्षित रखने का भी आदेश दिया है। कोर्ट का मानना है कि छापेमारी के दौरान की रिकॉर्डिंग पूरे घटनाक्रम को समझने में अहम भूमिका निभा सकती है। इसलिए किसी भी तरह के सबूत से छेड़छाड़ को रोकना जरूरी है।
आई-पैक रेड मामले में डीजीपी को हटाने की मांग
आई-पैक रेड मामला सामने आने के बाद ईडी ने सुप्रीम कोर्ट में नई अर्जी दाखिल कर DGP राजीव कुमार को हटाने की मांग की है। ईडी ने यह भी कहा है कि पश्चिम बंगाल पुलिस के शीर्ष अधिकारियों को निलंबित किया जाना चाहिए, क्योंकि उन्होंने जांच में बाधा डाली।
ममता बनर्जी पर जांच में दखल का आरोप
ईडी की याचिका में आरोप लगाया गया है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पुलिस अधिकारियों के साथ मिलकर जांच को प्रभावित करने की कोशिश की। एजेंसी का दावा है कि छापेमारी के दौरान मुख्यमंत्री खुद आई-पैक के दफ्तर पहुंचीं और कुछ दस्तावेज व डिजिटल सबूत अपने साथ ले गईं। हालांकि ममता बनर्जी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है।
धरने पर बैठने का भी जिक्र, डीजीपी की भूमिका सवालों में
ईडी ने यह भी आरोप लगाया है कि राजीव कुमार जब कोलकाता पुलिस कमिश्नर थे, तब वे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ धरने पर बैठे थे। ईडी के मुताबिक यह आचरण एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी की निष्पक्षता पर सवाल खड़े करता है और जांच को प्रभावित करने की मंशा दिखाता है।
पश्चिम बंगाल सरकार की पहले से तैयारी
इस मामले में पश्चिम बंगाल सरकार ने पहले ही सुप्रीम कोर्ट में कैविएट दाखिल कर दी थी। राज्य सरकार का कहना है कि अगर ईडी इस मुद्दे को लेकर अदालत पहुंचती है, तो सरकार का पक्ष सुने बिना कोई आदेश पारित न किया जाए।
कोयला घोटाले से जुड़ा है पूरा मामला
गौरतलब है कि 8 जनवरी को ईडी ने तृणमूल कांग्रेस के प्रचार से जुड़ी कंपनी आई-पैक के दफ्तर और उसके निदेशक प्रतीक जैन के आवास पर छापा मारा था। यह कार्रवाई कथित कोयला घोटाला मामले की जांच के तहत की गई थी।

















