महिलाओं को इन्फैंट्री में शामिल करने के लिए तैयार, सामाजिक स्वीकृति जरूरी: जनरल उपेंद्र द्विवेदी
June 30, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम भारत

महिलाओं को इन्फैंट्री में शामिल करने के लिए तैयार, सामाजिक स्वीकृति जरूरी: जनरल उपेंद्र द्विवेदी

भारतीय सेना के प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा कि अगर स्टैंडर्ड और क्षमताएं बराबर हों तथा समाज तैयार हो, तो महिलाओं को इन्फैंट्री और फ्रंटलाइन कॉम्बैट रोल्स में तुरंत शामिल किया जा सकता है। सेना जेंडर न्यूट्रैलिटी पर फोकस कर रही है।

Written byकुलदीप सिंहकुलदीप सिंह
Jan 14, 2026, 08:35 am IST
in भारत, रक्षा
General Upendra dwivedi taunts Pakistan

सेनाध्यक्ष जनरल उपेन्द्र द्विवेदी (फोटो साभार: SSB)

सेना इन्फैंट्री में महिलाओं को शामिल करने के लिए तैयार है, लेकिन इसके लिए समाज की स्वीकृति ज़रूरी है। ये बात भारतीय सेना के प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कही है। उन्होंने कहा कि अगर अगर स्टैंडर्ड एक जैसे हों, क्षमताएं बराबर हों और देश की समाज इस बात को स्वीकार कर ले, तो कल ही महिलाओं को कॉम्बैट रोल्स, यानी इन्फैंट्री जैसी फ्रंटलाइन ड्यूटी में शामिल किया जा सकता है।

मुख्य बात क्या है

जनरल द्विवेदी ने मंगलवार को एक मीडिया ब्रीफिंग के दौरान कहा कि अगर स्टैंडर्ड एक जैसे हों, क्षमताएं बराबर हों और देश की समाज इस बात को स्वीकार कर ले, तो कल ही महिलाओं को कॉम्बैट रोल्स, यानी इन्फैंट्री जैसी फ्रंटलाइन ड्यूटी में शामिल किया जा सकता है। उन्होंने जोर दिया कि महिलाओं को कभी भी “कमजोर या वल्नरेबल कमोडिटी” की तरह नहीं देखना चाहिए। सेना का फोकस पूरी तरह “जेंडर न्यूट्रैलिटी” पर है – यानी लिंग के आधार पर कोई भेदभाव नहीं, बस काम के हिसाब से योग्यता।

महिलाओं को अभी तक क्या भूमिकाएं मिली हैं

फिलहाल भारतीय सेना में महिलाओं की मौजूदगी बढ़ रही है, लेकिन इन्फैंट्री, आर्मर्ड या मैकेनाइज्ड इन्फैंट्री जैसी कोर कॉम्बैट यूनिट्स में अभी वे नहीं हैं। महिलाएं ऑफिसर्स के तौर पर कई ब्रांच में काम कर रही हैं। अभी कुल करीब 8,000 महिला अधिकारी हैं। नेशनल डिफेंस अकादमी (एनडीए) में 60 महिला कैडेट्स हैं और हर साल 20 को शामिल करने की योजना है। चेन्नई और गया के ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी में हर साल 120 महिलाओं को भर्ती करने का टारगेट है। टेरिटोरियल आर्मी में भी महिलाओं के लिए दरवाजे खुले हैं, जहां 110 वैकेंसी आने वाली हैं। अन्य रैंक्स (जवान स्तर) में महिलाओं को शामिल करने के लिए आर्मी एक्ट की धारा 12 में बदलाव की जरूरत है। सेना का योजना है कि 2032 तक जवान स्तर पर महिलाओं की भर्ती में 12 गुना बढ़ोतरी हो।

कैसे आगे बढ़ेगी ये प्रक्रिया

आर्मी चीफ ने बताया कि ये बदलाव एकदम से नहीं होगा, बल्कि क्रमिक तरीके से आएगा – पहले सपोर्टिंग आर्म्स में, फिर कॉम्बैट आर्म्स में और आखिर में स्पेशल फोर्सेस तक। महिला अधिकारियों के परफॉर्मेंस डेटा को देखकर ही आगे के रोल्स खोले जाएंगे। ये एक “क्रमिक और स्वागतयोग्य सामाजिक बदलाव” होगा।

उन्होंने ये भी कहा कि यूनिफॉर्म स्टैंडर्ड रखना बहुत जरूरी है, लेकिन मेडिकल और ऑपरेशनल वजहों से अभी ये चुनौतीपूर्ण है। कई बार मेडिकल अथॉरिटी महिलाओं को कुछ टास्क के लिए फिट नहीं मानतीं, और कभी-कभी महिलाएं खुद कहती हैं कि ये उनके लिए मुमकिन नहीं।

जेंडर न्यूट्रैलिटी पर जोर

जनरल द्विवेदी ने कहा कि सेना जेंडर इक्वालिटी से ज्यादा जेंडर न्यूट्रैलिटी की तरफ बढ़ रही है। समाज में अभी भी जेंडर लाइन्स हैं, लेकिन सेना में इसे धीरे-धीरे बदलना होगा। महिलाओं को मजबूत बनाना है – उन्होंने कहा कि हम मजबूत महिला अधिकारी चाहते हैं, शायद “काली माता का रूप”। ये सब बदलाव समाज की तैयारी और स्वीकृति पर टिका है। अगर समाज तैयार हो गया, तो सेना पीछे नहीं रहेगी।

Topics: आर्मी चीफ महिलाएं फ्रंटलाइनसेना में महिलाओं की भूमिकाwomen in the infantryIndian Army women in combat rolesgender neutrality in the armyArmy Chief on women in frontline rolesजनरल उपेंद्र द्विवेदीrole of women in the armyGeneral Upendra Dwivediमहिलाएं इन्फैंट्री मेंभारतीय सेना महिलाएं कॉम्बैट रोलजेंडर न्यूट्रैलिटी सेना
कुलदीप सिंह
कुलदीप सिंह
नागपुर स्थित राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज विद्यापीठ (नागपुर यूनिवर्सिटी) से मॉस कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट। बीते एक दशक से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विशेष रुचि। पत्रकारिता की इस यात्रा की शुरुआत नागपुर नवभारत में इंटर्नशिप से शुरू होती है, तदोपरांत GTPL न्यूज चैनल, लोकमत समाचार, ग्रामसभा मेल, मोबाइल न्यूज 24 और Way2News हैदराबाद के बाद अब पाञ्चजन्य के साथ सफर जारी है। [Read more]
ShareTweetSendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने विदाई भाषण में अपने कार्यकाल को बताया-‘जिंदगी का सबसे बड़ा सौभाग्य’

सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी

ऑपरेशन सिंदूर: 22 मिनट में 9 टेरर कैंप तबाह, जनरल उपेंद्र द्विवेदी बोले- ये तो सिर्फ ट्रेलर

General Upendra Dwivedi Saraswati Shishu Mandir school

55 साल बाद अपने स्कूल सरस्वती शिशु मंदिर पहुंचे सेनाध्यक्ष उपेंद्र द्विवेदी, ऑपरेशन सिंदूर को बताया धर्म युद्ध

सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने पाकिस्तान को चेतावनी दी

इस बार संयम नहीं, पाकिस्तान को सोचना पड़ेगा कि उसे भूगोल में रहना है या नहीं- सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी

Operation sindoor

ऑपरेशन ‘सिंदूर’ में सेना को मिली पूर्ण स्वतंत्रता, कमांडरों ने विवेक से लिए निर्णय: सेनाध्यक्ष

General Upendra dwivedi taunts Pakistan

पाकिस्तान पर जनरल द्विवेदी का तंज: मुनीर को फील्ड मार्शल बनाया, तो क्या जीत गए?

Load More

ताज़ा समाचार

सीमा पर संकल्प की सुरंग

solapur karmala iti renamed after rss leader madandas devi sunil ambekar

देश के आर्थिक विकास के लिए IIT की तरह जमीनी कौशल देने वाले ITI को भी बनाना होगा सशक्त: सुनील आंबेकर

mp dr muskan soni suspended by-aidsa for ketan agrawal murder

केतन अग्रवाल मर्डर केस: आपत्तिजनक पोस्ट पर डॉ. मुस्कान सोनी 5 साल के लिए सस्पेंड, AIDSA ने छीना कोषाध्यक्ष का पद

US Indo-Pacific Command Renamed US Pacific Command Trump Pentagon India China Strategic Shift

अमेरिका ने बदला ‘इंडो-पैसिफिक कमांड’ का नाम: क्या चीन के आगे झुका पेंटागन या भारत के लिए है कोई नया दांव?

Pakistan Historic Gurudwara Demolished Punjab Land Mafia Sikh Community Protest

जिन्ना के पाकिस्तान में नापाक करतूत: जिहादियों ने ढहाया ऐतिहासिक गुरुद्वारा, दुनिया भर के सिख समाज में भारी रोष!

Uttarakhand Highway Projects Nitin Gadkari CM Pushkar Singh Dhami Meeting New Delhi

उत्तराखंड को बड़ी सौगात: सड़कों के लिए मंजूर हुए ₹7,000 करोड़, अर्धकुंभ 2027 से पहले चकाचक होगा हरिद्वार बाईपास!

Pithoragarh Eco Task Force Tree Plantation Deval Village Kumaon Territorial Army Landslide Mitigation

पिथौरागढ़: भूस्खलन प्रभावित देवल ग्राम में 10,000 पौधों का विशेष वृक्षारोपण, जानिए इसके पीछे की बड़ी वजह

bharat tibet sahyog manch delegation visits ladakh arun gupta appointed cashier

लद्दाख में भारत तिब्बत सहयोग मंच का बड़ा संगठनात्मक मंथन: राष्ट्रीय एकता व तिब्बती विरासत संरक्षण पर दिया जोर

पुलिस के हाथ से तृणमूल नेता को छुड़ाने की कोशिश, बसंती के मस्जिदबाटी इलाके में तनाव

Weather Update: MP में मानसून का कहर, बिजली गिरने से 3 की मौत, बैतूल में परिवार के 4 लोग झुलसे

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies