भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने हाल ही में पाकिस्तान पर तीखा कटाक्ष किया। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर को फील्ड मार्शल बनाए जाने पर चुटकी ली। आईआईटी मद्रास में एक कार्यक्रम में बोलते हुए जनरल द्विवेदी ने कहा कि युद्ध में कहानी गढ़ने का बड़ा महत्व होता है। उनके इस बयान ने भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव और ऑपरेशन सिंदूर की चर्चा को फिर से सुर्खियों में ला दिया।
पाकिस्तान पर तंज
जनरल द्विवेदी ने मजाकिया अंदाज में कहा, “अगर आप किसी पाकिस्तानी से पूछें कि युद्ध में जीते या हारे, तो वह कहेगा, ‘हमारा चीफ फील्ड मार्शल बन गया, जरूर जीत गए होंगे।’” उनका इशारा असीम मुनीर की हालिया पदोन्नति की ओर था, जिसे पाकिस्तान सरकार ने मई 2025 में फील्ड मार्शल का दर्जा दिया। यह दर्जा वहां की सेना में सबसे ऊंचा माना जाता है, जो केवल असाधारण नेतृत्व के लिए दिया जाता है। लेकिन जनरल द्विवेदी का कहना था कि यह सिर्फ कहानी गढ़ने का हिस्सा है, न कि युद्ध में जीत का सबूत।
ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र
जनरल द्विवेदी ने ऑपरेशन सिंदूर की सफलता का भी जिक्र किया, जो 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में शुरू किया गया था। इस हमले में 26 लोग मारे गए थे। भारत ने 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और PoJK में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया। इस दौरान जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल मुजाहिदीन जैसे संगठनों के 100 से ज्यादा आतंकियों को मार गिराया गया। जनरल द्विवेदी ने बताया कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सेना को खुली छूट दी थी, जिसके बाद तीनों सेनाओं ने मिलकर इस ऑपरेशन को अंजाम दिया।
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राजनीतिक इच्छाशक्ति और सेना का मनोबल
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के स्पष्ट निर्देश और भरोसे ने सेना का हौसला बढ़ाया। रक्षा मंत्री ने 23 अप्रैल को बैठक में कहा, “अब बहुत हो गया।” इसके बाद सेना ने अपने विवेक से कार्रवाई की। जनरल द्विवेदी ने बताया कि यह पहली बार था जब सेना को इतनी स्पष्टता और स्वतंत्रता मिली। वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह ने भी ऑपरेशन की सफलता का श्रेय सरकार की मजबूत इच्छाशक्ति को दिया।

















