ईरान में चल रहा विरोध प्रदर्शन लगातार तेज होता जा रहा है। जिस तरह से अली खामेनेई की अगुवाई वाला मुल्ला शासन लोगों की आवाज को दबाने के लिए दमन कर रहा है,उससे देश में अब तक 12,000 से अधिक लोगों की मौत की खबर है। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी ईरानी लोगों को संबोधित करते हुए अपील की है कि वे अपना प्रदर्शन जारी रखें। मदद बस पहुंचने ही वाली है। दरअसल, अमेरिका ईरान पर हमले की फिराक में है। बताया जाता है कि ज्यादातर मौतें 8 और 9 जनवरी की रातों में हुईं, जब पूरे देश में इंटरनेट पूरी तरह बंद था।
ईरान इंटरनेशनल की रिपोर्ट के अनुसार,मौतों का ये आंकड़ा सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के करीबी एक सूत्र, राष्ट्रपति कार्यालय के सूत्रों, ग्राउंड रिपोर्ट्स और मशहद, केरमानशाह और इस्फहान में इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के कई सदस्यों के बयानों समेत कई अन्य स्त्रोंतों के आधार पर जारी किया गया है।
हत्या का तरीका और आदेश
मारे गए ज्यादातर लोग IRGC और बसिज फोर्सेस की गोलीबारी से मारे गए। यह हिंसा योजनाबद्ध और संगठित थी, कोई छिटपुट झड़प नहीं। रिपोर्ट कहती है कि सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के सीधे आदेश पर यह कार्रवाई हुई। देश की तीन सर्वोच्च संस्थाओं (कार्यपालिका, विधायिका, न्यायपालिका) के प्रमुखों को इसकी पूरी जानकारी थी और मंजूरी थी। सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने लाइव फायर का आदेश दिया था। एक अहम बात ये भी है कि इस गोलीबारी में मारे गए अधिकतर लोग युवा यानि 30 साल से कम उम्र के थे।
इंटरनेट और मीडिया ब्लैकआउट
8 जनवरी से देशभर में इंटरनेट पूरी तरह बंद है, जो अब पांचवें दिन में है। फोन नेटवर्क भी बुरी तरह प्रभावित हैं। देश के अंदर सैकड़ों अखबार बंद हो गए हैं। लोगों की आवाज को मुल्ला शासन ने बुरी तरह से दबाने की कोशिश की है। यह ईरान के प्रेस इतिहास में पहली बार इतने बड़े पैमाने पर हुआ। ईरान में हालात ये हैं कि अब वहां केवल सरकारी ब्रॉडकास्टर IRIB और कुछ सेंसरशिप के अधीन न्यूज वेबसाइट्स चल रही हैं। मुल्ला शासन के क्रूर दमन के सच को बाहर आने से रोकने के लिए ईरानी सुरक्षाबल तेहरान, करज, महल्लत और पाकदश्त जैसे कई शहरों में घर-घर जाकर सैटेलाइट डिश जब्त कर रहे हैं और प्राइवेट CCTV फुटेज ले रहे हैं। विरोधियों ने कई जगहों पर CCTV कैमरे तोड़ दिए।
ट्रंप बोले-मदद आ रही है
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को ईरान के खिलाफ अपनी नई रणनीति का संकेत देते हुए कहा कि उन्होंने ईरानी अधिकारियों के साथ सभी बातचीत और बैठकें रद्द कर दी हैं। ट्रंप ने ईरानी नागरिकों और प्रदर्शनकारियों से अपील की है कि वे विरोध जारी रखें, क्योंकि “मदद आ रही है”। लेकिन उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि यह मदद किस रूप में होगी — सैन्य, आर्थिक या कोई और उपाय।

















