लखनऊ । जनपद गाजियाबाद में पुलिस को ज्ञात हुआ कि फर्म एवं अन्य बोगस फर्मों का पंजीकरण कर बोगस इनवाइसेज तथा ई-वे बिल तैयार कर वास्तविक फर्मों को बेचकर करोड़ों रूपये की राजस्व क्षति पहुंचाने वाला गिरोह नई दिल्ली व दिल्ली एनसीआर क्षेत्र में सक्रिय है। पुलिस ने तत्परता के साथ मोहम्मद शादाब और मोहम्मद आलम को गिरफ्तार किया । सहारनपुर जनपद के थाना सदर बाजार में इन अभियुक्तों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।
पूछताछ में सामने आया फर्जीवाड़े का पूरा नेटवर्क
गिरफ्तार अभियुक्तों से की गयी विस्तृत पूछताछ से ज्ञात हुआ कि मोहम्मद शादाब एवं मोहसिन द्वारा गाजियाबाद क्षेत्र में एकाउण्टेसी सम्बन्धी कार्यों को किया जाता है, जहाँ पर अभियुक्त मोहम्मद आलम, समर, तुफैल व रहमान उसके साथ कार्य करते है।
बोगस फर्म बनाकर फर्जी इनवाइस और ई-वे बिल तैयार करने का तरीका
मोहम्मद शादाब एवं मोहसिन द्वारा अपने उपरोक्त सहयोगियों के साथ मिलकर कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर बोगस फर्मे बनाना, बिना किसी परचेज के बोगस सेल्स इनवाईस काटना, बोगस ई-वे बिल तैयार कर जीएसटी पोर्टल पर अपलोड करना एवं फर्जी जीएसटी रिटर्न फाईल करने सम्बन्धी कार्य किया जाता है। उक्त कार्य मो शादाब एवं मोहसिन द्वारा स्वंय की एंव अन्य विभिन्न वास्तविक फर्मों को लाभ पहुँचाने हेतु किया जाता है।
वास्तविक फर्मों से व्हाट्सएप के जरिए ली जाती थी जानकारी
वास्तविक फर्म धारक अपना जीएसटी नम्बर, माल की किस्म, मात्रा, कीमत का विवरण मोहम्मद शादाब एवं मोहसिन को व्हाट्सएप के माध्यम से भेजा जाता था, जिस पर वह अपने साथियों मोहम्मद आलम, समर, तुफैल व रहमान आदि के माध्यम से पूर्व में बनायी गयी बोगस फर्मों के सेल्स इनवाईस, ई-वे बिल आदि विवरण जीएसटी पोर्टल पर अपलोड कराकर उक्त विवरण सम्बन्धित वास्तविक फर्म धारको को उपलब्ध करा दिया जाता था।
फर्जी परचेज दिखाने के लिए बैंक ट्रांजेक्शन का खेल
इन बोगस इनवाईसेज में अंकित माल की फर्जी परचेज को वास्तविक रूप देने के लिए सम्बन्धित फर्मों द्वारा बैंक खातों के माध्यम से सेल्स इनवाइस में अंकित रकम बोगस फर्म के खाते में ट्रांसफर दिखाई जाती है।
कैश और सर्कुलर ट्रेडिंग से लेन-देन की भरपाई
उक्त लेन-देन से सम्बन्धित धनराशि की पूर्ति बोगस फर्मों से कैश के माध्यम अथवा अन्य बोगस फर्मों से सकुर्लर ट्रेडिंग दिखाकर कर वास्तविक फर्म धारक कर लेता था।
फर्मों के लॉगिन आईडी और ओटीपी तक थी अभियुक्तों की पहुंच
उक्त बैंक ट्रान्जेक्शन हेतु विभिन्न फर्मों के लागिन आई०डी०, पासवर्ड की एक्सेस अभियुक्तों के पास रहती थी जिससे वह सम्बन्धित फर्मों से ओटीपी प्राप्त कर सुविधाजनक ढंग से लेन-देन करता रहता था।
देश के कई राज्यों में पंजीकृत थीं बोगस फर्में
अभियुक्तों द्वारा भारत के हैदराबाद, महाराष्ट्र, तमिलनाडू, बिहार, झारखंड तेलंगाना, दिल्ली व उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों में कई बोगस फर्मे पंजीकृत करायी गयी थी जिनके माध्यम से सर्कुलर ट्रेडिंग करते हुए स्वयं की एवं अन्य वास्तविक फर्मों को लाभ पहुँचाते हुए करोड़ो रूपये की जीएसटी चोरी कर राजस्व क्षति की गयी है।
लखनऊ पते पर पंजीकृत बोगस फर्मों का विवरण
अभियुक्तों द्वारा भारत के हैदराबाद, महाराष्ट्र, तमिलनाडू, बिहार, झारखंड तेलंगाना, दिल्ली, उडीसा व उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों के पत्तों पर कई बोगस फर्मे पंजीकृत कराकर उनके माध्यम से जीएसटी चोरी कर राजस्व को क्षति पहुंचाया जा रहा था। इनके द्वारा तीन बोगस फर्म RAM ENTERPRISES-09JKAPK0892K1ZO, V.S.R TRADERS-09CJMPR8079RIZP, SHIV TRADERS-09OIZPS1708CIZI जनपद लखनऊ के पते पर पंजीकृत करायी गयी थी।
मोबाइल फोन में 15 से अधिक ई-मेल आईडी
अभियुक्तों के मोबाइल फोन में 15 से अधिक ई-मेल आई०डी० लागिन थी जिनके माध्यम से बोगस फर्मों का पंजीकरण, फर्जी इनवाईस एवं ई-वे बिल काटने, जीएसटी रिटर्न फाइलिंग एवं बैंक ट्रांजेक्शन सम्बन्धी ओ०टी०पी० प्राप्त किया जाता था।
100 करोड़ से अधिक की जीएसटी चोरी का अनुमान
इन लोगो द्वारा शौर्या इण्टरप्राइजेज एवं अपनी अन्य बोगस फर्मों के माध्यम से प्रथम दृष्टया लगभग 100 करोड़ से अधिक धनराशि की जीएसटी चोरी कर राजस्व क्षति की गयी है।
पूर्व से दर्ज मुकदमा और आगे की कार्रवाई
पूर्व से पंजीकृत मुकदमा अमराध संख्या -420/25 धारा-318(4), 338, 336(2), 340 (2) बी०एन०एस० थाना सदर बाजार सहारनपुर के विवेचक द्वारा गिरफ्तार अभियुक्तों को सम्बन्धित न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जायेगा। वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी एवं अग्रिम विधिक कार्यवाही विवेचक द्वारा की जायेगी है।
















