लखनऊ के केजीएमयू में लव जिहाद और दुष्कर्म के मामले में अब एटीएस की एंट्री हों चुकी है। अभी तक मिली जानकारी के अनुसार, डा.रमीज, जाकिर नाईक को अपना आदर्श मानता है। ऐसा माना जा रहा है कि रमीज के संबंध पीएफआई से भी हैं। लखनऊ में एफआईआर दर्जन होने के बाद डा रमीज फरार हो गया था। फरार रहने के दौरान रमीज पीएफआई के संपर्क में था। डा रमीज पीएफआई से कानूनी मदद मांग रहा था। इस बात के भी इनपुट मिले हैं कि रमीज, दिल्ली ब्लास्ट में गिरफ्तार डा शाहीन सईद के संपर्क में भी था।
50,000 का ईनामी है रमीजुद्दीन
गत दिनों केजीएमयू में लव जिहाद और कन्वर्जन के अभियुक्त डॉक्टर रमीजुद्दीन को पुलिस ने ठाकुरगंज से गिरफ्तार कर लिया। अभियुक्त की गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपए का इनाम घोषित था। पुलिस ने अभियुक्त के लखनऊ, पीलीभीत और खटीमा स्थित आवास पर कुर्की का नोटिस भी चस्पा कर दिया था।
पुलिस का कहना है कि अभियुक्त डा रमीज, उसका पिता सलीमुद्दीन और काजी जाहिद हसन राना ये तीनों बंद कमरों में दीनी तालीम की बैठक किया करते थे। सलीमुद्दीन की पहली पत्नी पंजाब की हैं। उसके बाद सलीमुद्दीन ने 35 साल पहले खतीजा नाम की महिला से दूसरा निकाह किया था। सलीमुद्दीन ने उत्तराखंड के खटीमा में होम्योपैथिक क्लिनिक खोला था। आरोप है कि क्लिनिक की आड़ में सलीमुद्दीन महिलाओं का ब्रेन वाश करता था।
रमीज ने छिपाई अपनी पहली शादी की बात
गत दिनों कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए केजीएमयू के प्रवक्ता डॉक्टर के के सिंह ने बताया कि विशाखा कमेटी के सामने डॉक्टर रमीज मलिक ने अपनी पहली शादी की बात छिपाई थी। डॉक्टर रमीज मलिक के पिता ने भी विशाखा कमेटी के सामने उसकी पहली शादी को लेकर झूठ बोला। डॉक्टर रमीज़ की कथित पहली पत्नी के बयान भी विशाखा कमेटी ने फोन पर दर्ज किए हैं। डॉ रमीज की पत्नी ने काजी की मौजूदगी में निकाह की बात स्वीकार किया है। विशाखा कमेटी की अध्यक्ष डॉ मोनिका ने बताया कि 22 दिसंबर को पहली बार पीड़िता ने शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़िता ने इमोशनल, फिजिकल और मेंटल हैरेसमेंट का आरोप लगाया था। इसके बाद अभियुक्त को सस्पेंड करने का आदेश दिया गया था।
KGMU की महिला डॉक्टर ने किया था आत्महत्या का प्रयास
उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पहले, लखनऊ के किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी की लेडी रेजिडेंट डॉक्टर ने आत्महत्या का प्रयास किया था। पीड़िता का आरोप है उसके साथ पढ़ने वाले मुस्लिम रेजिडेंट डॉक्टर ने उस पर कन्वर्जन का दबाव बनाया था। जब पीड़िता ने इंकार कर दिया तो वह मानसिक रूप से प्रताड़ित करने लगा। पीड़िता ने आत्महत्या का प्रयास किया। उसके बाद यह मामला किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के प्रशासन की जानकारी में आया।
आरोप है कि मुस्लिम रेजिडेंट डॉक्टर ने पीड़िता को प्रेमजाल में फंसा लिया। पीड़िता का शोषण किया। उसने शादी का भी वादा किया था। जब बात शादी करने की आई तो उसने कन्वर्जन का दबाव बनाया। जब पीड़िता ने कन्वर्जन करने से मना किया तो उसके साथ पढ़ने वाले मुस्लिम रेजिडेंट डॉक्टर ने विवाह से इनकार कर दिया। जब युवक ने शादी से मना कर दिया तो पीड़िता डिप्रेशन में चली गई। पीड़िता के घरवालों ने सीएम के जन सुनवाई पोर्टल और राज्य महिला आयोग में शिकायत की।
जानकारी के अनुसार, दोनों एमडी पैथोलॉजी के छात्र हैं। वर्ष 2025 के जुलाई माह में दोनों की मुलाकात हुई थी। परिजनों का आरोप है पीड़िता काफी डरी हुई है। 17 दिसंबर को उसने हॉस्टल में दवा की कई गोलियां खाकर आत्महत्या का प्रयास किया। उसके बाद उसे ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया था। कुछ समय के बाद पीड़िता को क्रिटिकल केयर यूनिट में भर्ती कराया गया। स्वास्थ में सुधार होने के बाद पीड़िता को गत 19 दिसंबर को डिस्चार्ज कर दिया गया।













