वेनेजुएला के बाद अब ग्रीनलैंड पर ट्रंप की नजर! मार्को रुबियो के बात करने के लिए भेजा
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वेनेजुएला के बाद अब ग्रीनलैंड पर ट्रंप की नजर! मार्को रुबियो के बात करने के लिए भेजा

ट्रंप ने अपनी पहली टर्म से ही ग्रीनलैंड खरीदने या कंट्रोल करने की बात की थी। उन्हें लगता है कि ये आर्कटिक में अमेरिका का मजबूत बेस बनेगा। हाल में उन्होंने कहा कि ग्रीनलैंड में चाइनीज और रूसी जहाज भरे पड़े हैं, और डेनमार्क इसे डिफेंड नहीं कर पा रहा।

Written byकुलदीप सिंहकुलदीप सिंह
Jan 8, 2026, 06:44 am IST
inविश्व
Donald trump Greenland

प्रतीकात्मक तस्वीर

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप फिर से ग्रीनलैंड पर अपनी पुरानी जिद पकड़ रहे हैं। ये वो आर्कटिक का बड़ा द्वीप है, जो डेनमार्क का हिस्सा है, लेकिन काफी हद तक खुद का फैसला ले सकता है। ट्रंप कह रहे हैं कि ग्रीनलैंड अमेरिका की नेशनल सिक्योरिटी के लिए बहुत जरूरी है, खासकर रूस और चीन की बढ़ती हरकतों को रोकने के लिए। हाल ही में वेनेजुएला में अमेरिकी ऑपरेशन के बाद उनकी बातें और तेज हो गई हैं। अब इसी क्रम में उन्होंने उप राष्ट्रपति मार्को रुबियो को इस मामले में ग्रीनलैंड बात करने के लिए भेज दिया है।

ट्रंप की पुरानी और नई जिद

ट्रंप ने अपनी पहली टर्म से ही ग्रीनलैंड खरीदने या कंट्रोल करने की बात की थी। उन्हें लगता है कि ये आर्कटिक में अमेरिका का मजबूत बेस बनेगा। हाल में उन्होंने कहा कि ग्रीनलैंड में चाइनीज और रूसी जहाज भरे पड़े हैं, और डेनमार्क इसे डिफेंड नहीं कर पा रहा। लेकिन डेनमार्क के विदेश मंत्री लार्स लोक्के रासमुसेन ने कहा कि ये बातें गलत हैं—न तो वहां इतने विदेशी जहाज हैं, न ही चाइना का इतना बड़ा निवेश। डेनमार्क ने ग्रीनलैंड की सिक्योरिटी पर करीब 100 अरब डेनिश क्रोनर (लगभग 11.6 अरब पाउंड) खर्च किए हैं।

ट्रंप के एक करीबी सहयोगी (शायद स्टीफन मिलर) ने कहा कि अमेरिका ग्रीनलैंड पर फोर्स से कब्जा करने को तैयार हो सकता है। व्हाइट हाउस की प्रवक्ता कारोलाइन लेविट ने कहा कि सभी ऑप्शंस टेबल पर हैं, लेकिन पहले डिप्लोमेसी। ट्रंप खुद ट्रुथ सोशल पर लिखते हैं कि अमेरिका नाटो को नहीं छोड़ेगा, लेकिन बाकी सदस्य खर्च नहीं करते तो रूस-चीन को डर नहीं रहेगा।

डेनमार्क और ग्रीनलैंड की प्रतिक्रिया

डेनमार्क और ग्रीनलैंड ने तुरंत आपत्ति जताई। डेनिश प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिकसेन ने कहा कि अगर अमेरिका ने ग्रीनलैंड पर हमला किया तो नाटो खत्म हो जाएगा, और द्वितीय विश्व युद्ध के बाद की सिक्योरिटी का अंत। ग्रीनलैंड के प्रधानमंत्री ने ट्रंप से कहा कि एनेक्सेशन के फैंटेसी छोड़ दो। दोनों ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो से इमरजेंसी मीटिंग मांगी, जो अगले हफ्ते होनी है। डेनिश संसद ने भी स्पेशल बैठक की।

फ्रांस और यूरोपीय सहयोगियों की चर्चा

फ्रांस के विदेश मंत्री जीन-नोएल बारोट ने कहा कि अगर अमेरिका ने ग्रीनलैंड पर इनवेजन किया तो हम यूरोपीय पार्टनर्स के साथ मिलकर रेस्पॉन्स पर काम कर रहे हैं। वे चाहते हैं कि सब साथ में कोई एक्शन लें। ब्रिटेन के पीएम कीर स्टार्मर ने ट्रंप से फोन पर बात की और कहा कि ग्रीनलैंड का भविष्य सिर्फ ग्रीनलैंड और डेनमार्क तय करेंगे। फ्रांस, जर्मनी, ब्रिटेन, इटली, स्पेन, पोलैंड जैसे देशों के लीडर्स ने जॉइंट स्टेटमेंट जारी किया कि “ग्रीनलैंड उसके लोगों का है”। आर्कटिक सिक्योरिटी नाटो के साथ मिलकर होनी चाहिए, बल से बॉर्डर नहीं बदल सकते।

रूबियो ने बारोट से फोन पर कहा कि इनवेजन की कोई बात नहीं है। लेकिन व्हाइट हाउस ने फिर भी कहा कि मिलिट्री ऑप्शन हमेशा ओपन है। यूरोप में लोग चिंतित हैं कि ये नाटो के लिए बड़ा झटका होगा। ये सब मिलकर एक बड़ा डिप्लोमैटिक तनाव बना रहा है, जहां पुराने दोस्त अमेरिका और यूरोप के बीच बातें बिगड़ रही हैं।

Topics: ट्रंप वेनेजुएलाGreenlandग्रीनलैंडमार्को रुबियो ग्रीनलैंडMarco Rubio GreenlandTrump Venezueladonald trumpडोनाल्ड ट्रंपdenmarkडेनमार्क
कुलदीप सिंह
कुलदीप सिंह
नागपुर स्थित राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज विद्यापीठ (नागपुर यूनिवर्सिटी) से मॉस कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट। बीते एक दशक से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विशेष रुचि। पत्रकारिता की इस यात्रा की शुरुआत नागपुर नवभारत में इंटर्नशिप से शुरू होती है, तदोपरांत GTPL न्यूज चैनल, लोकमत समाचार, ग्रामसभा मेल, मोबाइल न्यूज 24 और Way2News हैदराबाद के बाद अब पाञ्चजन्य के साथ सफर जारी है। [Read more]
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