पाकिस्तान के लयारी इलाके में भारत विरोधी गैंगस्टर लॉबी को खत्म करने के लिए अपराध की दुनिया में घुसे भारतीय एजेंट की कहानी पर आधारित धुरंधर फिल्म की देश-दुनिया में धूम मची है तो इससे मिलता जुलता केस पंजाब में भी सामने आया है। नशे की दुनिया के इस धुरंधर ने तस्करों में शामिल हो अपने छोटे भाई की मौत का न केवल बदला लिया बल्कि तस्कर गैंग को भी पकड़वा दिया। इस धुरंधर के छोटे भाई की ओवरडोज से मौत हो गई थी और तब से उसने तस्करों को पकड़वाने का संकल्प लिया था।
कहानी लुधियाना जिले के हलवारा इलाके के गांव अकालगढ़ की है, जहां चिट्टे की ओवरडोज से छोटे भाई की मौत के बाद बड़े भाई अमरजीत सिंह दीपू ने नशा तस्करों को पकड़वाने का संकल्प लिया। अकालगढ़ निवासी दीपू ने करीब एक माह तक नशा तस्करों के बीच रहकर अंडरकवर एजेंट की तरह काम किया और गिरोह के चार लोगों को पकड़वा दिया।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में गुरपिंदर सिंह हनी निवासी नई आबादी अकालगढ़, मनिंदर सिंह निवासी अकालगढ़, गोरा निवासी घुमाण चौक और करमजीत कौर निवासी हलवारा शामिल हैं। यह पूरी घटना किसी फिल्मी कहानी जैसी लगती है लेकिन हकीकत है।
नशा खरीद कर जीता तस्करों का भरोसा
शुरुआत में तस्करों ने दीपू पर शक किया और उसे चिट्टा नहीं दिया लेकिन लगातार संपर्क और व्यवहार से उसने उनका भरोसा जीत लिया। इसके बाद वह नियमित रूप से उनसे चिट्टा खरीदने लगा और सुबूत इक_ा करता रहा। उसने यह सबूत पुलिस को सौंपे जिनके आधार पर पुलिस ने गिरोह के चार नशा तस्करों को गिरफ्तार किया है जिनमें एक युवती भी शामिल है।
डेढ़ लाख खर्च कर जुटाए डिजिटल सबूत
सीमित आय के बावजूद दीपू ने करीब डेढ़ लाख रुपये का चिट्टा खरीदा। अधिकतर भुगतान ऑनलाइन माध्यमों से किया ताकि लेनदेन के ठोस प्रमाण मिल सकें। तस्करों का भरोसा बनाए रखने के लिए उसने कई बार उनके सामने नशा सेवन करने का नाटक भी किया। एक माह में पर्याप्त सुबूत जुटाने के बाद दीपू ने जिला लुधियाना ग्रामीण पुलिस प्रमुख एसएसपी डॉ. अंकुर गुप्ता को शिकायत सौंपी।
दीपू ने किए खुलासे
शिकायत में दीपू ने खुलासा करते हुए पंजाब पुलिस के एक मुलाजिम और भारतीय वायु सेना केंद्र हलवारा की अफसर कॉलोनी में सिविलियन हाउस हेल्पर के रूप में रह रहे युवक का नाम लिया। आरोप है कि उक्त युवक अफसर कॉलोनी के मुख्य द्वार के आसपास चिट्टे की खेप सौंपकर अंदर लौट जाता था जबकि पुलिस मुलाजिम नशा सेवन और तस्करी में शामिल था।
फेसबुक लाइव के बाद जानलेवा हमला
दीपू ने नशा विरोधी हेल्पलाइन, थाना सुधार और रायकोट के विधायक हाकम सिंह ठेकेदार को सुबूत दिए लेकिन कार्रवाई न होने पर फेसबुक लाइव होकर पूरे खुलासे कर दिए। इसके बाद रत्तोवाल चौक के पास कथित तस्करों ने उस पर हमला किया। पुलिस ने एक बाइक जब्त की, हालांकि आरोपियों को छोड़ दिया गया। मामले के बाद डीआईजी सतिंदर सिंह के आदेश पर सीआईए स्टाफ जगरांव ने पूछताछ शुरू की। कई युवकों को हिरासत में लिया गया। मंगलवार को फोन लोकेशन के आधार पर गांव छज्जावाल से एक और नशा तस्कर को गिरफ्तार किया गया। दीपू के इस साहस भरे कार्य की सर्वत्र प्रशंसा हो रही है।

















