अमृतसर। गत रविवार को अमृतसर जिले के मजीठा इलाके में तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान नामक एक संदिग्ध आतंकी संगठन ने पंजाब पुलिस (ट्रैफिक विंग) के एएसआई जोगा सिंह की निर्मम हत्या कर दी थी। अब इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड में एक नया और बेहद गंभीर मोड़ सामने आया है। वारदात के बाद इस आतंकी संगठन की ओर से एक 27 सेकंड का कथित लाइव वीडियो जारी किया गया है, जिसने सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है।
वीडियो सामने आने के बाद पंजाब पुलिस और केंद्रीय खुफिया एजेंसियां पूरी तरह से हाई अलर्ट पर आ गई हैं। एजेंसियों को गहरा शक है कि यह कोई स्थापित आतंकी संगठन नहीं, बल्कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI द्वारा पंजाब में डर और अस्थिरता फैलाने के लिए तैयार किया गया एक नया प्रॉक्सी नेटवर्क (Proxy Network) हो सकता है।
27 सेकेंड का खौफनाक वीडियो: खेत में गिर जाने के बाद भी मारी गोलियां
जानकारी के अनुसार, गुरदासपुर जिले के गांव घनिये के बांगर निवासी एएसआई जोगा सिंह की रविवार सुबह करीब छह बजे उस समय गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जब वह अपनी ड्यूटी पर जा रहे थे। वारदात के तुरंत बाद इंटरनेट मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हुई, जिसमें ‘तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान’ की अल-बरक ब्रिगेड (Al-Burq Brigade) ने इस हत्या की जिम्मेदारी ली थी।
वीडियो में क्या है? अब जो 27 सेकंड का वीडियो सामने आया है, उसमें हत्या का खौफनाक मंजर साफ दिखाई दे रहा है। वीडियो में दिख रहा है कि एएसआई जोगा सिंह अपने स्कूटर पर जा रहे थे, तभी अज्ञात हथियारबंद हमलावरों ने उन पर अंधाधुंध गोलियां चला दीं। हमलावर यहीं नहीं रुके; जब एएसआई गोली लगने से खेत में गिर गए, तो हमलावरों ने पास जाकर उनकी छाती पर गोलियां दागीं।
विदेशी सर्वर से जुड़े तार, तकनीकी जांच में जुटीं एजेंसियां
सूत्रों के अनुसार, शुरुआती जांच में कुछ इंटरनेट अकाउंट्स के तार विदेशी सर्वर से जुड़े मिले हैं। साइबर और खुफिया एजेंसियां इस पोस्ट और वीडियो के डिजिटल ओरिजिन (Digital Origin) तथा आईपी ट्रेल (IP Trail) को ट्रैक करने में जुटी हुई हैं।
हालांकि, अभी तक राज्य में किसी बड़े आतंकी नेटवर्क, ट्रेनिंग मॉड्यूल या जमीनी ढांचे की पुष्टि नहीं हुई है। यही कारण है कि जांच एजेंसियां इसे इंटरनेट के जरिए पंजाब में भय का माहौल पैदा करने की नई पाकिस्तानी रणनीति मान रही हैं।
पहले भी पुलिसकर्मियों को बनाया गया है निशाना
यह कोई पहली घटना नहीं है। गौरतलब है कि फरवरी 2026 में गुरदासपुर जिले के सीमावर्ती गांव आदियां स्थित पुलिस चेकपोस्ट पर तैनात एक एएसआई और होमगार्ड जवान की भी इसी तरह गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
- उस घटना के बाद भी ‘अल-बुर्क ब्रिगेड’ के नाम से इंटरनेट पर पोस्ट जारी कर जिम्मेदारी ली गई थी।
- पोस्ट के जरिए पंजाब पुलिस को खुली धमकी दी गई थी।
- अब लगातार दूसरी बार इसी तरह के संदिग्ध नाम सामने आने से सुरक्षा एजेंसियों की चिंता काफी बढ़ गई है।
अमृतसर पुलिस की बड़ी कार्रवाई: अवैध हथियारों के साथ 5 तस्कर गिरफ्तार
एक तरफ जहां आतंकी खतरे मंडरा रहे हैं, वहीं अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए अंतरराज्यीय अवैध हथियार तस्करी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
बरामदगी और जांच के मुख्य बिंदु:
- आरोपियों के कब्जे से 8 अत्याधुनिक पिस्तौल और जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं।
- डीजीपी पंजाब गौरव यादव के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी एक विदेशी तस्कर के सीधे संपर्क में थे।
- आरोपी वर्चुअल नंबरों (Virtual Numbers) के जरिए सीमा पार से ड्रोन के माध्यम से हथियार और नशीले पदार्थों की खेप मंगवाते थे।
- इस खेप को पंजाब के विभिन्न आपराधिक तत्वों तक पहुंचाया जाता था।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ थाना छेहरटा (अमृतसर) में एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है। फिलहाल पुलिस इस पूरे सिंडिकेट और नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है ताकि इसके स्लीपर सेल और मददगारों तक पहुंचा जा सके।
















