देहरादून: नैनीताल जिले में बाबा नींब करोरी आश्रम श्री कैंची धाम तक काठगोदाम से रोपवे बनाए जाने की कवायद शुरू हो गई है। उल्लेखनीय है कि कैंचीधाम में रोजाना दस से पंद्रह हजार श्रद्धालुओं का पहुंचना हो रहा है जिससे रोड जाम की स्थित उत्पन्न हो रही है।
उत्तराखंड आने वाले पर्यटकों को मैदानों से नैनीताल, कैंचीधाम और भीमताल पहुंचने में आसानी हो इसके लिए केंद्र और राज्य सरकार के निर्देशों पर एक निजी कंपनी ने रोपवे का सर्वे शुरू कर दिया है।
जाम से मिलेगी राहत
भीमताल में शुरू हुए सर्वे के बाद पर्यटकों और स्थानीय लोगों को जाम से राहत मिलने की उम्मीद जागने लगी है। नैनीताल समेत पहाड़ों में बसे भीमताल और कैंचीं धाम जाने वाले पर्यटकों को आने वाले समय में रोपवे के ज़रिये बड़ी सुविधा मिल सकती है। इसके लिए नैनीताल के रानीबाग में पहला स्टेशन और दूसरा भीमताल में लगाने का सर्वे चल रहा है। इसके बाद, भीमताल से भवाली और फिर भवाली से नैनीताल और कैंचीं धाम तक रोप वे चलाने की संभावनाएं सर्वे के माध्यम से खोजी जा रही हैं।
रोपवे कंपनी के सुपरवाइजर मयंक श्रीवास्तव ने बताया कि इस परियोजना को लेकर एजेंसी ने भीमताल से सर्वे का काम शुरू कर दिया है। लगभग 35 किलोमीटर लम्बी इस प्रस्तावित रोपवे लाइन में लगभग पाँच स्टेशन बनाए जाने हैं। ये स्टेशन रानीबाग, भीमताल, भवाली, नैनीताल और कैंची धाम में होंगे। अभी रोपवे परियोजना में एजेंसी ने भीमताल के सिडकुल में आधुनिक मशीनों के माध्यम से सर्वे का काम शुरू कर दिया है।
पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
इस परियोजना के पूरे होने से जहां एक तरफ पर्यटकों को बाधित यातायात और जाम से राहत मिलेगी, वहीं दूसरी तरफ वो हवा से पहाड़ों के सौंदर्य का आनंद ले सकेंगे। पर्यटन से जुड़ी सुविधाओं को बढ़ावा देने की दिशा में केंद्र और राज्य सरकार की यह योजना एक बड़ा और अहम कदम माना जाएगा। पिछले दिनों उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर मुख्य सचिव आनंद वर्धन ने एक उच्च स्तरीय बैठक कर प्रोजेक्ट्स के लिए एक सरकारी एजेंसी बनाने और उस में हेमकुंड, केदारनाथ ,प्रोजेक्ट के साथ साथ काठगोदाम नैनीताल रोपवे प्रोजेक्ट में कैंची धाम को शामिल कर प्रोजेक्ट का डीपीआर बनाए जाने की बात कही थी । जिसके बाद से यहां कार्यप्रगति देखी गई है।












