Sakat Chauth 2026 Vrat Katha in Hindi: हिंदू धर्म में सकट चौथ का व्रत बेहद अहम माना गया है। यह व्रत हर साल माघ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को रखा जाता है। इस साल सकट चौथ व्रत 6 जनवरी को है। सकट चौथ के दिन पूजा की शुभ मुहूर्त सुबह 9 बजकर 51 मिनट से लेकर दोपहर 1 बजकर 45 मिनट तक है। इस मुहूर्त में गणेश जी की पूजा करने से लाभ मिलेगा। सकट चौथ का व्रत भगवान गणेश जी को समर्पित है तो इस दिन उनकी कथा सुनने का प्रावधान भी है। ऐसी पौराणिक मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से पूजा करने और व्रत कथा पढ़ने या सुनने से भगवान गणपति जल्दी प्रसन्न होते हैं और उनकी कृपा मिलती है। आइए गणेश जी से जुड़ी यह कथा जानते हैं।
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गणेश जी और कार्तिकेय की कथा
गणेश और कार्तिकेय जी की यह कहानी बेहद प्रसिद्ध है और इसका पौराणिक महत्व भी है। एक बार गणेश जी और कार्तिकेय जी के बीच श्रेष्ठता को लेकर प्रतियोगिता हुई। जिसमें शिव-पार्वती ने शर्त रखी कि जो पूरे ब्रह्मांड का चक्कर लगाकर पहले लौटेगा वही श्रेष्ठ होगा।
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कार्तिकेय अपने वाहन मयूर पर निकल पड़े। जबकि गणेश ने अपनी बुद्धि का प्रयोग करके अपने माता-पिता (शिव-पार्वती) का ही चक्कर लगाया और उन्हें ही अपना ब्रह्मांड बताकर जीत गए। क्योंकि वे जानते थे कि माता-पिता ही सब कुछ हैं। जिससे गणेश को प्रथम पूज्य का वरदान मिला और कार्तिकेय नाराज होकर दक्षिण भारत चले गए। यहां क्रौंच पर्वत (श्रीपर्वत) पर रहने लगे। जहां आज भी उनका प्रसिद्ध मंदिर है। सकट चौथ व्रत भगवान गणेश जी को ही समर्पित है। इस दिन यह कथा सुनने/सुनाने और चंद्रमा को अर्घ्य देने से सुख, समृद्धि, संतान और धन की प्राप्ति होती है और सभी संकट दूर होते हैं।













