अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि संयुक्त राज्य अमेरिका वेनेजुएला के रोज़मर्रा के प्रशासन में हिस्सा नहीं लेगा। ये बात उन्होंने रविवार को कई इंटरव्यू में कही, जहां उन्होंने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान को स्पष्ट किया जिसमें ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका वेनेजुएला को “चलाएगा”।
क्या है पूरा मामला
ये सब तब शुरू हुआ जब शनिवार को अमेरिकी सेना ने एक बड़ी कार्रवाई की, जिसमें वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को काराकास से उठा लिया गया। दोनों को पहले कैरिबियन में USS Iwo Jima जहाज पर ले जाया गया और फिर न्यूयॉर्क के ब्रुकलिन स्थित मेट्रोपॉलिटन डिटेंशन सेंटर में रखा गया।
मादुरो और उनकी पत्नी पर न्यूयॉर्क के साउदर्न डिस्ट्रिक्ट में कई गंभीर आरोप हैं। इनमें नारको-टेररिज्म की साजिश, कोकीन की तस्करी, मशीन गन और विस्फोटक रखने की साजिश शामिल है। मादुरो ने हमेशा इन आरोपों से इनकार किया है और कहा है कि अमेरिका अपनी “ड्रग्स के खिलाफ जंग” का बहाना बनाकर वेनेजुएला के तेल के भंडार पर कब्जा करना चाहता है। वेनेजुएला के पास करीब 303 अरब बैरल क्रूड ऑयल रिजर्व हैं, जो दुनिया के कुल रिजर्व का लगभग 20 फीसदी है (अमेरिकी एनर्जी इन्फॉर्मेशन एडमिनिस्ट्रेशन के अनुसार)।
ट्रप ने कहा था-हम चलाएंगे देश
ट्रंप ने शनिवार को फ्लोरिडा के मार-ए-लागो में प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था, “हम देश चलाएंगे जब तक सुरक्षित, सही और समझदारी भरी ट्रांजिशन नहीं हो जाती।” उन्होंने ये भी कहा कि अमेरिकी ऑयल कंपनियां वेनेजुएला की “टूट-फूट चुकी इंफ्रास्ट्रक्चर” को ठीक करेंगी और देश के लिए कमाई शुरू करेंगी। ट्रंप ने बार-बार “हम देश चलाएंगे” शब्द दोहराया।
मार्को रुबियो ने मारी पलटी
इसके जवाब में रुबियो ने रविवार को कई टीवी चैनलों पर बात की। उन्होंने कहा कि अमेरिका वेनेजुएला को डायरेक्ट तरीके से नहीं चलेगा। इसके बजाय, पहले से चली आ रही “ऑयल क्वारंटाइन” या तेल पर रोक को जारी रखा जाएगा। ये रोक पहले से ही सैंक्शन्ड वेनेजुएला टैंकरों पर लगी हुई है। रुबियो बोले, “वे ऑयल ब्लॉकेड को लागू करते रहेंगे, जो पहले से था, और इसका इस्तेमाल वेनेजुएला में पॉलिसी बदलाव के लिए दबाव बनाने में करेंगे।”
रुबियो का कहना था कि अमेरिका का फोकस नीतिगत बदलाव लाने पर है, न कि रोज़ाना का शासन चलाने पर। उन्होंने ये भी कहा कि अमेरिकी फोर्सेस वेनेजुएला में जमीन पर नहीं हैं, लेकिन कैरिबियन में नौसेना की मौजूदगी बनी रहेगी ताकि ड्रग बोट्स और सैंक्शन्ड टैंकरों पर नजर रखी जा सके।
इसे भी पढ़ें: वेनेजुएला के बाद ट्रंप का नया टारगेट ग्रीनलैंड! कहा-हमें चाहिए, डेनमार्क की पीएम ने दी तीखी प्रतिक्रिया
‘ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व’
वेनेजुएला के खिलाफ अमेरिका ने ऑपरेशन का नाम ‘ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व’ था। इसमें काराकास के आसपास विस्फोट हुए, मिलिट्री बेस पर टारगेटेड स्ट्राइक्स की गईं और अमेरिकी एयरक्राफ्ट दो घंटे से ज्यादा समय तक शहर के ऊपर उड़ते रहे। स्पेशल फोर्सेस ने मादुरो के सुरक्षित घर में घुसकर उन्हें और उनकी पत्नी को उठा लिया।
वेनेजुएला में अब उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज को इंटरिम राष्ट्रपति बना दिया गया है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के सामने शपथ ली और कहा कि वे “अमेरिका जो कहेगा वो करेंगी”। लेकिन साथ ही उन्होंने स्टेट टीवी पर कहा कि मादुरो ही “वेनेजुएला का एकमात्र राष्ट्रपति” है।
ट्रंप का बयान
ट्रंप ने कहा था कि ट्रांजिशन के लिए उनका नेशनल सिक्योरिटी टीम काम करेगी, लेकिन अभी तक ये तय नहीं हुआ कि अमेरिका किस तरह का मैनेजमेंट या रिजीम चेंज अपनाएगा। रुबियो ने बार-बार दोहराया कि अमेरिका वेनेजुएला के लोगों के भविष्य के लिए बेहतर चीजें चाहता है, लेकिन मुख्य रूप से ये अमेरिका के नेशनल इंटरेस्ट के लिए है।

















