कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हालिया धमकियों पर साफ़ और सीधा जवाब दिया है। यह सब जनवरी 2026 की शुरुआत में हुआ, जब अमेरिका ने वेनेजुएला पर सैन्य कार्रवाई की और वहाँ के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ लिया। इसी पृष्ठभूमि में ट्रंप ने कोलंबिया को भी निशाना बनाया।
विवाद की शुरुआत
पेट्रो कोलंबिया के पहले वामपंथी राष्ट्रपति हैं और युवावस्था में M-19 गुरिल्ला ग्रुप के सदस्य रह चुके हैं। 1989 में शांति समझौते के बाद उन्होंने हथियार छोड़ दिए थे। ट्रंप प्रशासन ने कोलंबिया को ड्रग्स के खिलाफ लड़ाई में सहयोगी देशों की सूची से हटा दिया है। ट्रंप ने पेट्रो पर बिना सबूत के आरोप लगाए कि वे कोकीन बनवाना और अमेरिका में बेचना पसंद करते हैं। ट्रंप ने रविवार को पेट्रो को “बीमार आदमी” कहा और उन पर वित्तीय प्रतिबंध लगा दिए। साथ ही, उन्होंने संकेत दिया कि वेनेजुएला जैसी कार्रवाई कोलंबिया में भी हो सकती है।
ट्रंप ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि कोलंबिया “बहुत बीमार” है और वहाँ “एक बीमार आदमी” सत्ता में है, जो कोकीन बनाकर अमेरिका भेजता है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति ज्यादा दिन नहीं चलेगी।
पेट्रो का जवाब
सोमवार की सुबह पेट्रो ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक लंबा पोस्ट लिखा। उन्होंने ट्रंप की बातों को “अवैध धमकी” बताया। पेट्रो ने अपनी सरकार की ड्रग्स विरोधी नीति का बचाव किया और कहा कि उनकी सेना ने बमबारी करते समय इंसानी अधिकारों का ध्यान रखा है।
सबसे अहम बात यह थी कि उन्होंने लिखा, “मैंने 1989 के शांति समझौते के बाद कसम खाई थी कि दोबारा हथियार नहीं छुऊंगा। लेकिन मातृभूमि के लिए मैं फिर से हथियार उठाऊंगा, भले ही मैं नहीं चाहता।” पेट्रो ने आगे कहा कि अगर अमेरिका ने कोलंबियाई किसानों पर बमबारी की, तो हजारों लोग पहाड़ों में गुरिल्ला बन जाएंगे। अगर राष्ट्रपति (यानी खुद) को गिरफ्तार करने की कोशिश हुई, जिसे उनके लोगों का बड़ा हिस्सा प्यार और सम्मान करता है, तो इससे जनता में भयंकर विद्रोह छिड़ जाएगा। उन्होंने “जगुआर पॉपुलर” (जनता का जगुआर) छोड़ने की बात कही।
सेना और लोगों को संदेश
पेट्रो ने कोलंबियाई सेना को संदेश दिया कि हर सैनिक को बता दें, जो कमांडर अमेरिकी झंडे को कोलंबियाई झंडे से ऊपर रखेगा, वह तुरंत संस्था से बाहर हो जाए। सेना की जिम्मेदारी संप्रभुता की रक्षा करना है, लोगों पर गोली नहीं चलानी। अगर कोई हमला हुआ तो सेना को लोगों पर नहीं, बल्कि “आक्रमणकारी” पर गोली चलानी है। पेट्रो ने कहा कि वे खुद को बचाने का तरीका यह नहीं समझते कि सेना लड़े, बल्कि पूरा देश हर नगर पालिका में सत्ता संभाल ले। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे राष्ट्रपति की रक्षा करें।पेट्रो ने यह भी साफ किया कि वे न तो अवैध हैं और न ही ड्रग्स से जुड़े, सिर्फ अपना घर का लोन अपनी सैलरी से चुका रहे हैं।













