अमेरिका के द्वारा वेनेजुएला पर हमला करके उसके राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार करने के बाद डोनाल्ड ट्रंप की साम्राज्य विस्तार की लालसा बढ़ गई है। वह अपनी ताकत के बल पर अपने सभी लक्ष्यों को हासिल करना चाहते हैं। इसी क्रम में अब उन्होंने दोबारा से ग्रीनलैंड को हासिल करने की इच्छा दोहराई है। उन्होंने कहा है कि हमें ग्रीनलैंड चाहिए। इस पर डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिकसेन ने तल्ख टिप्पणी की कि अमेरिका को इसका कोई हक नहीं है।
क्या है पूरा मामला
अमेरिका ने 3 जनवरी 2026 की रात को वेनेजुएला पर बड़ा सैन्य ऑपरेशन चलाया। इसमें राजधानी काराकास और आसपास के इलाकों पर हवाई हमले किए गए। ऑपरेशन में वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को पकड़ लिया गया। उन्हें न्यूयॉर्क ले जाया गया, जहां ड्रग ट्रैफिकिंग के आरोपों में उन पर मुकदमा चलाने की तैयारी है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका अब वेनेजुएला को “चलाएगा” जब तक सुरक्षित और सही तरीके से ट्रांजिशन नहीं हो जाता। उन्होंने वेनेजुएला के तेल संसाधनों पर भी नियंत्रण की बात की।
इस कार्रवाई के तुरंत बाद ट्रंप के सपोर्टर्स का ध्यान ग्रीनलैंड की तरफ गया, जो डेनमार्क का ऑटोनॉमस टेरिटरी है। ट्रंप ने The Atlantic मैगजीन को बताया, “हमें ग्रीनलैंड बिल्कुल चाहिए।” उन्होंने पहले भी कई बार ग्रीनलैंड खरीदने या लेने की बात की थी, खासकर आर्कटिक में रूस और चीन के प्रभाव को रोकने के लिए।
ट्रंप की तरफ से नए कदम
ट्रंप ने लुइसियाना के गवर्नर जेफ लैंड्री को ग्रीनलैंड के लिए स्पेशल दूत भी नियुक्त किया है। लैंड्री ने दिसंबर 2025 में कहा था कि यह “अमेरिका का हिस्सा बनाने” के लिए सम्मान की बात है। वेनेजुएला ऑपरेशन के बाद लैंड्री ने ट्रंप का शुक्रिया अदा किया और कहा कि मादुरो जैसे लोगों को जवाबदेह ठहराने के लिए आखिरकार कोई एक्शन हुआ। उन्होंने ड्रग्स के असर का हवाला दिया, जो अमेरिका में ओपियोइड संकट से जुड़ा है।
ट्रंप के डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ स्टीफन मिलर की पत्नी कैटी मिलर (राइट-विंग पॉडकास्टर) ने X पर ग्रीनलैंड का मैप पोस्ट किया, जिसमें अमेरिकी झंडा लगा था और कैप्शन था: “SOON”।
डेनमार्क और ग्रीनलैंड की प्रतिक्रिया
डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेट्टे फ्रेडरिकसेन ने कहा, “अमेरिका को ग्रीनलैंड लेने की कोई जरूरत नहीं है। अमेरिका का डेनमार्क के तीनों देशों (डेनमार्क, ग्रीनलैंड, फरो आइलैंड्स) में से किसी पर भी कब्जा करने का कोई हक नहीं है।” उन्होंने अंतरराष्ट्रीय कानून का हवाला दिया कि बॉर्डर और संप्रभुता को इस तरह नहीं बदला जा सकता।
ग्रीनलैंड के प्रधानमंत्री जेंस-फ्रेडरिक नीलसेन ने कैटी मिलर के पोस्ट को “असम्मानजनक” बताया, लेकिन कहा कि पैनिक की कोई बात नहीं। उन्होंने कहा, “हमारा देश बिकने के लिए नहीं है और हमारा भविष्य सोशल मीडिया पोस्ट से तय नहीं होता।” उन्होंने जोर दिया कि राष्ट्रों के रिश्ते आपसी सम्मान और अंतरराष्ट्रीय कानून पर टिके हैं। वहीं डेनमार्क के अमेरिका में राजदूत जेस्पर मोलर सोरेनसेन ने मिलर के पोस्ट पर रिप्लाई करते हुए कहा कि अमेरिका-डेनमार्क रक्षा साझेदारी मजबूत है, लेकिन “डेनमार्क के राज्य की क्षेत्रीय अखंडता का पूरा सम्मान” उम्मीद है।
ग्रीनलैंड की मौजूदा स्थिति
ग्रीनलैंड में करीब 57,000 लोग रहते हैं। 2009 से इसे स्वतंत्रता का अधिकार है। एक हालिया पोल में 85% लोगों ने डेनमार्क से इंडिपेंडेंस चाही, लेकिन अमेरिका में शामिल होने से इनकार किया। यह नाटो का हिस्सा है और यहां अमेरिका की पिटफिक स्पेस बेस है, जो आर्कटिक में स्ट्रैटेजिक है। डेनमार्क ने आर्कटिक डिफेंस के लिए खर्च बढ़ाया है। ट्रंप ने मई 2025 में NBC को कहा था कि वे ग्रीनलैंड के लिए मिलिट्री एक्शन को रूल आउट नहीं करते, क्योंकि “हमें इसे बहुत जरूरत है” और छोटी आबादी को अमेरिका “देखभाल” करेगा। दिसंबर 2025 में डेनिश इंटेलिजेंस ने अमेरिका को सिक्योरिटी रिस्क बताया था। डेनमार्क ने अमेरिकी राजदूत को समन भी किया था।

















