Sakat Chauth 2026: हिंदू धर्म में सकट चौथ का व्रत बेहद खास माना गया है क्योंकि कहा जाता है कि इस व्रत को रखने से भगवान गणेश जी की कृपा मिलती है। यह व्रत हर साल माघ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को रखा जाता है। इसे तिल चौथ या तिलकुट चतुर्थी भी कहा जाता है। इस व्रत को माताएं संतान की लंबी उम्र व सुख-समृद्धि की कामना से रखती हैं और ऐसी मान्यता है कि इस व्रत को रखने से संकट दूर होते हैं। जिस व्यक्ति के जीवन में कई संकट आते हैं तो उसे सकट चौथ व्रत रखने के लिए कहा जाता है। इस व्रत की तारीख को लेकर अगर आपको भ्रम की स्थिति बन रही है तो हम आपको बता रहे हैं कि यह व्रत किस दिन रखा जाएगा।
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6 जनवरी को रखा जाएगा सकट चौथ का व्रत
शास्त्री दीपक जोशी का कहना है कि वैदिक पंचांग के अनुसार माघ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी 6 जनवरी को सुबह 8 बजकर 1 मिनट पर शुरू होगी। यह तिथि 7 जनवरी को सुबह 6 बजकर 52 मिनट पर समाप्त होगी। सकट चौथ के दिन चंद्रमा का पूजन होता है। पंचांग के अनुसार चतुर्थी तिथि का चंद्रोदय 6 जनवरी को होगा। इसलिए इस बार सकट चौथ का व्रत 6 जनवरी को रखा जाएगा। उनका कहना है कि सकट चौथ के दिन सुबह 7 बजकर 15 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 17 मिनट तक सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है। इस दिन सुबह प्रीति योग शुरू हो रहा है जो कि रात 8 बजकर 21 मिनट तक रहेगा। 6 जनवरी को आयुष्मान योग भी बन रहा है जो कि दोपहर 12 बजकर 17 मिनट तक रहेगा।
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राहुकाल में न करें पूजा, इसे अशुभ मुहूर्त माना गया है
शास्त्री दीपक जोशी का कहना है कि सकट चौथ के दिन पूजा की शुभ मुहूर्त सुबह 9 बजकर 51 मिनट से लेकर दोपहर 1 बजकर 45 मिनट तक है। इस मुहूर्त में गणेश जी की पूजा करने से लाभ मिलेगा। उनका कहना है कि सकट चौथ के दिन दोपहर 3 बजकर 3 मिनट से लेकर 4 बजकर 21 मिनट तक राहुकाल रहेगा। इसे अशुभ मुहूर्त माना जाता है। इस दौरान शुभ कार्य करना वर्जित होता है। 6 जनवरी को चंद्रोदय का समय रात 8 बजकर 54 मिनट है।













