ऑनलाइन डिलीवरी पार्टनर्स के कल्याण के लिए किए जा रहे केंद्र सरकार के कार्यों की आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने तारीफ की है। इसके साथ ही उन्होंने सभी गिग वर्कर्स और डिलीवरी पार्टनर्स को बधाई दी है। दरअसल श्रम और रोजगार मंत्रालय ने इस हफ्ते की शुरुआत में ‘कोड ऑन सोशल सिक्योरिटी (सेंट्रल) रूल्स, 2025’ नाम से ड्राफ्ट नियम जारी किए हैं। ये नियम गिग वर्कर्स को सोशल सिक्योरिटी के फायदे देने के लिए बनाए गए हैं।
राघव चड्ढा ने अपने एक्स (ट्विटर) अकाउंट पर पोस्ट किया – “सभी गिग वर्कर्स और डिलीवरी पार्टनर्स को बधाई। आपके लिए अच्छी खबर है। केंद्र सरकार के सोशल सिक्योरिटी नियमों का ड्राफ्ट आपके काम को मान्यता, सुरक्षा और सम्मान देने की दिशा में पहला कदम है। भले ही Zomato, Swiggy, Blinkit जैसे प्लैटफॉर्म्स ने आपकी बात नहीं सुनी, लेकिन इस देश के लोगों और सरकार ने सुनी। यह एक छोटी जीत है, लेकिन एक महत्वपूर्ण जीत है।”
उन्होंने एक वीडियो भी पोस्ट किया जिसमें कहा कि ये नियम सिर्फ इसलिए नहीं बने क्योंकि उन्होंने संसद में मुद्दा उठाया, बल्कि इसलिए क्योंकि गिग वर्कर्स ने खुद अपनी आवाज बुलंद की। कंपनियां नहीं मानीं, लेकिन सरकार ने सुनी और इस कदम का स्वागत होना चाहिए।
नए नियम क्या ला रहे हैं?
ये ड्राफ्ट नियम गिग वर्कर्स को कानूनी तौर पर मान्यता देते हैं। उन्हें एक यूनिक पहचान मिलेगी, जैसे यूनिवर्सल अकाउंट नंबर और डिजिटल आईडी कार्ड। अब कोई कंपनी ऐल्गोरिदम के बहाने उनकी पहचान छिपा नहीं सकेगी या बेवजह ब्लॉक नहीं कर सकेगी। कंपनियों को हर तीन महीने में वर्कर्स का सही डेटा सरकार को देना होगा।
फायदे क्या-क्या होंगे?
नए नियमों से गिग वर्कर्स को कई तरह की सुरक्षा मिल सकती है, जैसे:
- जीवन बीमा और विकलांगता कवर
- दुर्घटना बीमा
- स्वास्थ्य और मातृत्व लाभ
- बुढ़ापे की सुरक्षा
इसके अलावा एक सोशल सिक्योरिटी फंड बनेगा, जिसमें से वेलफेयर स्कीम्स चलेंगी। गिग और प्लैटफॉर्म वर्कर्स के लिए एक नेशनल सोशल सिक्योरिटी बोर्ड भी बनेगा, जो उनके कल्याण के लिए काम करेगा।
पहले से क्या चल रहा है?
सोशल सिक्योरिटी कोड 2020 में पहली बार ‘गिग वर्कर्स’ और ‘प्लैटफॉर्म वर्कर्स’ की परिभाषा और प्रावधान आए थे। ये कोड 21 नवंबर 2025 को लागू हुआ। असंगठित वर्कर्स के लिए ई-श्रम पोर्टल 26 अगस्त 2021 से चल रहा है, जहां सेल्फ-डिक्लेरेशन से रजिस्ट्रेशन होता है और यूनिवर्सल अकाउंट नंबर मिलता है। 21 अक्टूबर 2024 को ई-श्रम ‘वन-स्टॉप-सॉल्यूशन’ लॉन्च हुआ, जिसमें कई स्कीम्स एक जगह एकीकृत हो गईं।

















