जगदलपुर (हि.स.) । छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग के आईजी सुंदरराज पी. ने शनिवार काे कहा कि सुरक्षाबलाें को नक्सल उन्मूलन में निर्णायक कामयाबी मिली है। वर्ष 2025 में हुई 100 मुठभेड़ों में कुल 256 नक्सली ढेर हुए और 1573 हिंसा छोड़ मुख्य धारा में शामिल हुए जबकि 898 नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया है।
पत्रकार वार्ता में जारी किए गए वर्ष 2025 के आंकड़े
बस्तर संभाग के आईजी सुंदरराज ने आज पत्रकार वार्ता में वर्ष भर की नक्सली उन्मूलन कार्रवाई के आंकड़े जारी करते हुए मुठभेड़ में मारे गए, गिरफ्तार किए गए और आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों का आंकड़ा बताया। इसके साथ उन्होंने बताया कि सुरक्षाबलाें ने साल भर में 677 हथियार बरामद किए। इसके अलावा सुरक्षा बलों ने 894 आईईडी भी खोजकर निष्क्रिय किए, जिससे बड़ी घटनाएं टलीं।
100 मुठभेड़ों में 256 नक्सली ढेर, 1573 ने किया आत्मसमर्पण
उन्होंने बताया कि बस्तर में सुरक्षाबलों के लिए वर्ष 2025 कामयाबी भरा रहा। इसमें कुल 100 मुठभेड़ हुईं, जिनमें 256 नक्सली मारे गए। इस दौरान 898 नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया और 1573 नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर पुनर्वास नीति को अपनाया।
बलिदान और नागरिक हानि की भी जानकारी
उन्हाेंने बताया कि इस संघर्ष में सुरक्षा बलों को बलिदान भी देना पड़ा। वर्ष 2025 में बस्तर क्षेत्र में 23 जवान शहीद हुए और नक्सली हिंसा में 46 आम नागरिकों की भी जान भी गई। उन्होंने कहा कि फोर्स का फोकस ऑपरेशन के साथ-साथ पुनर्वास पर भी रहा। उन्होंने भरोसा जताया कि 2026 में बस्तर को और सुरक्षित बनाने की दिशा में कार्रवाई तेज रहेगी।
2026 में जवानों की सुरक्षा को लेकर बड़ा फैसला
बस्तर आईजी ने 5 वर्षों में अपनी शहादत देने वाले जवानों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि वर्ष 2026 में एक बड़ा फैसला लिया गया है, जिसमें किसी भी तरह से होने वाले मुठभेड़ में हमारे जवानों को किसी भी तरह से कोई भी नुकसान नहीं होने देंगे। इसके लिए पूरी तरह से रणनीति तैयार कर ली गयी है। साथ ही शेष बचे नक्सली कैडराें काे उसे भी जल्द खत्म करते हुए बस्तर को पूरी तरह से नक्सल मुक्त कर दिया जाएगा।
सड़क दुर्घटनाओं को लेकर चिंता
उन्हाेंने वर्ष भर के जारी आंकड़े में बताया कि दुपहिया वाहन हों या फिर बड़े वाहन यातायात नियमों का पालन नहीं करते है और अपने वाहनों को फर्राटे से दौड़ाते हैं, जिसकी वजह से ऐसी बड़ी घटनाये देखने को मिलती हैं। इसके अलावा कई ऐसे लोग हैं, जो रात को वाहन चलाने के दौरान अचानक आयी झपकी की वजह से कई बार बड़ी दुर्घटनाएं घटित होती हैं। वहीं कई बार तो अन्य वजहों से एक साथ कई लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ती है।
पिछले पांच वर्षों के सड़क हादसों के आंकड़े
उन्होंने बताया कि देखा जाए तो वर्ष 2021 में हुए हादसों में 730 लोगों की मौत हुई, जबकि वर्ष 2022 में 740, 2023 में 837, 2024 में 830 व वर्ष 2025 में 782 लोगों ने अपनी जान गंवाई है।
हालिया सड़क हादसे का जिक्र
पिछले माह की बात करें तो इस सड़क हादसों में ट्रक चालक के द्वारा पंडरीपानी के पास एक मोटरसाइकिल सवार को ठोकर मार दी थी, जिसमें दो एमबीबीएस डॉक्टर की मौत हो गई थी। इसके अलावा अन्य सड़कों में भी हादसे लगातार देखने को मिल रहे हैं।
















