रूस ने कहा है कि उसने हाल ही में गिराए गए एक यूक्रेनी ड्रोन से डेटा निकाला और डिकोड किया। रूसी रक्षा मंत्रालय का दावा है कि इस डेटा से साफ पता चलता है कि 29 दिसंबर 2025 को हुए ड्रोन हमले का असली निशाना रूस के नोवगोरोड इलाके में राष्ट्रपति का एक निवास था। मॉस्को ने आगे कहा कि वह ये सारे सबूत और जानकारी अमेरिका के साथ शेयर करेगा। ये बात ऐसे समय में आई है जब अमेरिका की मदद से युद्ध खत्म करने की बातचीत चल रही है और हाल ही में ट्रंप और ज़ेलेंस्की की मुलाकात हुई थी।
रूसी दावे
रूस के रक्षा मंत्रालय ने टेलीग्राम पर बयान जारी किया। उसमें लिखा है – “रूटिंग डेटा की डिक्रिप्शन से पता चला कि 29 दिसंबर 2025 को यूक्रेनी ड्रोन हमले का आखिरी निशाना नोवगोरोड इलाके में रूसी राष्ट्रपति निवास की एक फैसिलिटी थी। ये सामग्री अमेरिकी पक्ष को तय चैनलों के ज़रिए भेजी जाएगी।”
रूस का कहना है कि यूक्रेन ने 91 लंबी दूरी के ड्रोन इस्तेमाल करके राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के नोवगोरोड स्थित निवास पर हमला करने की कोशिश की थी। रूसी एयर डिफेंस ने इन सबको रोक लिया। मॉस्को ने ये भी कहा कि इस घटना को देखते हुए वो चल रही बातचीत में अपनी पोजीशन को फिर से देखेगा।
ड्रोन की डिटेल्स
घटना 29 दिसंबर 2025 की बताई जा रही है। रूस का दावा है कि उस रात यूक्रेन ने नोवगोरोड इलाके की तरफ 91 लंबी दूरी वाले अटैक ड्रोन भेजे थे। इनमें से एक ड्रोन को गिराया गया और उसका काफी हिस्सा सही-सलामत बचा रहा, जिससे डेटा निकालना आसान हो गया। रूसी सेना ने कहा कि नेविगेशन सिस्टम से फ्लाइट प्लान वाली फाइल निकाली गई, जिसे डिकोड करने पर पता चला कि टारगेट राष्ट्रपति निवास था।
निशाना क्या था
रूस के मुताबिक, डिकोडेड डेटा से कन्फर्म हुआ कि ड्रोन का फाइनल टारगेट नोवगोरोड में रूसी राष्ट्रपति आवास की एक इमारत या फैसिलिटी थी। मॉस्को ने पहले भी दावा किया था कि ये पुतिन के निवास पर सीधा हमला था, लेकिन अब डेटा के आधार पर इसे दोबारा दोहराया है।
अमेरिका के साथ शेयरिंग
रूस ने स्पष्ट कहा कि वो ये डिकोडेड मैटेरियल और बाकी सबूत अमेरिका को सौंप देगा। ये चैनल पहले से बने हुए हैं। रूसी सेना के एक सीनियर अफसर ने अमेरिकी मिलिट्री अटैची को ड्रोन का हिस्सा सौंपा भी है। मॉस्को का कहना है कि इससे बातचीत पर असर पड़ेगा।
यूक्रेन और अमेरिका की प्रतिक्रिया
यूक्रेन ने इस पूरे आरोप को सिरे से खारिज कर दिया। राष्ट्रपति व्लादिमीर ज़ेलेंस्की ने इसे “पूरी तरह से गढ़ी हुई कहानी” बताया। उनका कहना है कि रूस ऐसा करके कीव और वॉशिंगटन के बीच दरार डालना चाहता है, और ये बहाना बनाकर यूक्रेन पर और हमले कर सकता है। अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA ने भी रूस के दावे को नकार दिया। अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि CIA डायरेक्टर जॉन रैटक्लिफ ने राष्ट्रपति ट्रंप को ब्रिफ किया कि ऐसा कोई हमला पुतिन के निवास पर नहीं हुआ।

















