दिल्ली सरकार का आगामी विधानसभा सत्र 5-8 जनवरी 2026 तक चलेगा। सत्र में एक बार फिर से ‘शीशमहल’ और प्रदूषण के मुद्दे पर तीखी बहस देखने को मिलेगी। दिल्ली सरकार के मंत्रियों ने इसकी खास तैयारी कर ली है। बताया जा रहा है कि सत्र में पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आधिकारिक आवास, जिसे ‘शीशमहल’ कहा जा रहा है, उससे संबंधित सीएजी (CAG) रिपोर्ट पेश करने का फैसला किया है। इसके साथ ही दिल्ली में पिछले दो दशकों के प्रदूषण के रिकॉर्ड पर भी चर्चा की जाएगी।
शीतकालीन सत्र में जनता से जुड़े मुद्दों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। तीन दिन तक प्रश्नकाल चलेगा, जिसमें स्वास्थ्य, शिक्षा और शहरी विकास जैसे विभागों से संबंधित सवालों के जवाब मांगे जाएंगे।
पेश होगी ‘शीशमहल’ से जुड़ी CAG रिपोर्ट
दिल्ली के कानून मंत्री कपिल मिश्रा ने मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि आगामी विधानसभा सत्र में तीन महत्वपूर्ण सीएजी रिपोर्ट सदन के पटल पर पेश की जाएगी। इनमें सबसे प्रमुख रिपोर्ट अरविंद केजरीवाल के उस बंगले से जुड़ी है, जिसे लेकर भाजपा और अन्य विपक्षी दल भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते रहे हैं। कपिल मिश्रा ने आरोप लगाया कि यह सीएजी रिपोर्ट्स काफी समय पहले आ चुकी थीं, लेकिन पिछले मुख्यमंत्री (आतिशी या केजरीवाल) ने इन्हें दबाकर रखा था। वर्तमान सरकार ने पारदर्शिता बनाए रखने के लिए इन सभी दस्तावेजों को जनता के सामने लाने का फैसला किया है।
जल बोर्ड और उच्च शिक्षा की रिपोर्ट भी पेश की जाएगी
इसके अलावा साल 2022 तक दिल्ली जल बोर्ड की कार्यप्रणाली और वित्तीय स्थिति पर एक विस्तृत रिपोर्ट और साल 2023 तक उच्च शिक्षा विभाग में हुए कथित भ्रष्टाचार और गड़बड़ियों पर सीएजी का लेखा-जोखा भी पेश किया जाएगा। सीएजी की इन रिपोर्ट्स के पेश होने से सदन में भारी हंगामे के आसार हैं, क्योंकि यह सीधे तौर पर आम आदमी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व पर सवाल खड़े कर सकता है। यही नहीं प्रदूषण का मुद्दा भी दिल्ली सरकार के एजेंडे में दूसरा सबसे बड़ा मुद्दा है। सरकार ने प्रदूषण पर एक विशेष प्रस्ताव लाने का निर्णय लिया है, जिसके तहत केवल वर्तमान स्थिति ही नहीं, बल्कि पिछले 20 वर्षों के कामकाज की समीक्षा की जाएगी।
कपिल मिश्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “दिल्ली में प्रदूषण की मौजूदा स्थिति क्या है, उसके कारण क्या हैं, सुप्रीम कोर्ट में पिछली सरकारों ने जो हलफनामे दिए उनका क्या स्टेटस क्या है, वैज्ञानिकों ने क्या रिपोर्ट दी थी, सरकार की क्या जिम्मेदारी थी, पिछले 20 सालों का लेखा-जोखा और वर्तमान स्थिति को रखा जाएगा।” कपिल मिश्रा ने विपक्ष के नेताओं से अपील की है कि वे अपनी पिछली सरकारों के कामकाज का ब्योरा लेकर आएं। सरकार चाहती है कि इस मुद्दे पर खुली चर्चा हो ताकि भविष्य के लिए ठोस रणनीति बनाई जा सके। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए दिल्ली सरकार ने बता दिया है कि वह आगामी सत्र में पिछली सरकार को ‘शीशमहल’ और भ्रष्टाचार के मुद्दों पर घेरने की कोशिश करेगी। साथ ही उसने पिछली सरकार को बहस का सामना करने की भी चुनौती दी है।

















