रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के घर पर यूक्रेन के ड्रोन अटैक के बाद हालात बिगड़े हुए हैं। हालांकि, उसे नाकाम कर दिया गया, लेकिन इस हरकत से पुतिन बहुत ही क्रोधित हैं। इस वारदात से यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की की अमेरिका के साथ चल रही बातचीत के बीच तनाव बढ़ गया है। यह सब 28-29 दिसंबर 2025 की रात को सामने आया, जब रूस ने दावा किया कि यूक्रेन ने उनके राष्ट्रपति की एक निजी रेजिडेंस पर हमला करने की कोशिश की।
रूस का दावा: पुतिन की रेजिडेंस पर ड्रोन अटैक
रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा कि 28-29 दिसंबर की रात को नोवगोरोड क्षेत्र (सेंट पीटर्सबर्ग के दक्षिण में) में स्थित पुतिन की राज्य रेजिडेंस (जिसे वैलदाई या डोल्गी बोरोडी भी कहते हैं) पर 91 लंबी दूरी के ड्रोन से हमला किया गया। रूसी वायु रक्षा ने सभी ड्रोन को मार गिराया, किसी को चोट नहीं आई और नुकसान भी नहीं हुआ। लावरोव ने इसे “राज्य आतंकवाद” बताया और कहा कि ऐसे लापरवाह कदम बिना जवाब के नहीं रहेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि रूस ने जवाबी हमलों के लिए टारगेट चुन लिए हैं।
क्रेमलिन के विदेश नीति सलाहकार यूरी उशाकोव ने बताया कि पुतिन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से फोन पर इस बारे में बात की। पुतिन ने कहा कि इस घटना के बाद रूस अपनी शांति वार्ता की स्थिति पर दोबारा विचार करेगा। ट्रंप ने बाद में पत्रकारों से कहा कि उन्हें पुतिन से यह बात सुनकर “बहुत गुस्सा” आया। उन्होंने कहा, “यह सही समय नहीं है… एक बात है दुश्मनी करना, दूसरी बात है किसी के घर पर हमला करना।” ट्रंप ने यह भी कहा कि वे जांच करेंगे कि क्या वाकई ऐसा हुआ, लेकिन फिलहाल पुतिन की बात पर भरोसा कर रहे हैं।
जेलेंस्की का जवाब: “यह रूसी झूठ है”
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने रूसी दावे को “पूरी तरह से मनगढ़ंत” और “रूसी झूठ का क्लासिक उदाहरण” बताया। उन्होंने कहा कि मॉस्को यह कहानी इसलिए गढ़ रहा है ताकि यूक्रेन पर और हमले कर सके, खासकर कीव पर, और शांति वार्ता को पटरी से उतार सके। जेलेंस्की ने चेतावनी दी कि रूस अब कीव के मुख्य सरकारी परिसर पर हमला कर सकता है, जैसा कि सितंबर में मंत्रिमंडल भवन पर किया था।
यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा ने कहा कि रूस अक्सर दूसरों पर वही आरोप लगाता है जो वह खुद करने वाला होता है। यूक्रेन ने हमेशा कहा है कि वह सिर्फ वैध सैन्य ठिकानों पर हमला करता है, आतंकवाद नहीं।
जेलेंस्की-ट्रंप की मुलाकात और सुरक्षा गारंटी
यह सब ठीक उसी समय हुआ जब जेलेंस्की 28 दिसंबर को फ्लोरिडा में ट्रंप के मार-ए-लागो रेजिडेंस में मिले। दोनों नेताओं ने करीब दो घंटे बात की। जेलेंस्की ने इसे “बहुत अच्छी और गंभीर चर्चा” बताया। ट्रंप ने कहा कि शांति समझौते पर “पहले से कहीं ज्यादा करीब” पहुंच गए हैं, हालांकि कुछ “कठिन मुद्दे” बाकी हैं।
मुख्य फोकस अमेरिकी सुरक्षा गारंटी पर रहा। जेलेंस्की ने बताया कि 20-सूत्री शांति योजना में अमेरिका ने यूक्रेन को 15 साल की मजबूत सुरक्षा गारंटी देने का वादा किया है। ये गारंटी अमेरिकी कांग्रेस और यूक्रेन की संसद दोनों से पास होंगी। जेलेंस्की ने ट्रंप से कहा कि वे इसे 30, 40 या 50 साल तक बढ़ाना चाहते हैं, क्योंकि 1994 के बुडापेस्ट समझौते जैसी पुरानी गारंटी काम नहीं आईं। ट्रंप ने कहा कि वे इस पर विचार करेंगे।
जेलेंस्की ने फ्रंटलाइन पर डिमिलिटराइज्ड जोन बनाने का प्रस्ताव रखा, जहां दोनों तरफ से सैनिक पीछे हटें। उन्होंने कहा कि अगर रूस 60 दिन के युद्धविराम पर राजी हो तो इसे जनमत संग्रह में रखा जा सकता है। ट्रंप ने कहा कि वे यूक्रेन में शांति सैनिक नहीं भेजेंगे, लेकिन अंतरराष्ट्रीय मॉनिटरिंग की बात हो सकती है। ट्रंप ने 29 दिसंबर को पुतिन से फोन पर बात की, जिसे व्हाइट हाउस ने “सकारात्मक” बताया। जेलेंस्की अब यूरोपीय नेताओं से मिलने वाले हैं और जनवरी में ट्रंप के साथ वाशिंगटन में फिर बैठक हो सकती है।

















