कांग्रेस के अंदर फिर से हलचल मची हुई है। इस बार बात है दिग्विजय सिंह के एक सोशल मीडिया पोस्ट की, जिसने पार्टी में खलबली मचा दी। और अब शशि थरूर ने भी दिग्विजय सिंह का साथ देते हुए कहा है कि संगठन को मजबूत करना बहुत जरूरी है।
क्या हुआ था विवाद की शुरुआत में?
वरिष्ठ कांग्रेस नेता और राज्या सभा सांसद दिग्विजय सिंह ने हाल ही में एक्स (ट्विटर) पर एक पुरानी तस्वीर शेयर की। ये 1995 की फोटो है, जिसमें नरेंद्र मोदी फर्श पर बैठे दिख रहे हैं और पीछे लालकृष्ण आडवाणी कुर्सी पर। दिग्विजय सिंह ने कैप्शन में लिखा कि RSS-BJP के सिस्टम में एक आम जमीनी कार्यकर्ता भी मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री तक पहुंच सकता है। उन्होंने इसे “संगठन की ताकत” बताया।
ये पोस्ट ऐसे समय आया जब कांग्रेस खुद RSS और BJP की विचारधारा का कड़ा विरोध करती आई है। पार्टी के कई कार्यकर्ताओं और नेताओं को ये बात चुभ गई। कुछ लोगों ने इसे पार्टी लाइन के खिलाफ माना। BJP ने भी फटाफट मौका ले लिया और राहुल गांधी पर निशाना साधा कि कांग्रेस में कितनी लोकतंत्र है।
दिग्विजय सिंह ने सफाई कैसे दी?
जैसे ही विवाद बढ़ा, दिग्विजय सिंह ने तुरंत स्पष्ट किया। उन्होंने कहा, “मैं RSS और मोदी का कट्टर विरोधी था, हूं और रहूंगा। मैंने सिर्फ उनके संगठन की तारीफ की है। क्या संगठन को मजबूत करना गलत है?” उन्होंने ये भी दोहराया कि विचारधारा से उनका कोई लेना-देना नहीं, बस संगठन की कार्यशैली की बात की।
ये पोस्ट कांग्रेस की CWC बैठक से ठीक पहले आया था, जिसमें पार्टी के संगठन को मजबूत करने की बात हो रही थी। दिग्विजय सिंह ने पहले भी राहुल गांधी को टैग करके लिखा था कि सामाजिक-आर्थिक मुद्दों के साथ संगठन पर भी ध्यान दो।
शशि थरूर ने क्या कहा?
विवाद के बीच जब शशि थरूर से पूछा गया कि क्या उन्होंने दिग्विजय सिंह से बात की, तो उन्होंने सीधे-सीधे जवाब दिया। थरूर बोले, “हम दोस्त हैं, बातचीत तो होती ही है। संगठन को मजबूत करना जरूरी है, इसमें कोई शक नहीं। हमारे पास 140 साल का इतिहास है, उससे बहुत कुछ सीख सकते हैं। अनुशासन बहुत जरूरी है। मैं भी चाहता हूं कि हमारा संगठन मजबूत हो।” उन्होंने ये भी कहा कि अनुशासन पार्टी के लिए बुनियादी चीज है।
पार्टी के अंदर अलग-अलग आवाजें
कांग्रेस के कुछ नेताओं ने दिग्विजय सिंह के पोस्ट का विरोध किया। जैसे पवन खेड़ा ने कहा कि RSS से कुछ सीखने की जरूरत नहीं। सलमान खुरशिद ने भी कहा कि विचारधारा तो RSS की भारत की विचारधारा के खिलाफ है, लेकिन दिग्विजय सिंह पार्टी के साथ ही हैं। वहीं कुछ नेताओं ने उनके संगठन मजबूत करने वाले नजरिए का साथ दिया। कुल मिलाकर ये मामला दिखाता है कि कांग्रेस के अंदर संगठन को लेकर चिंता और बहस चल रही है। दिग्विजय सिंह और शशि थरूर जैसे वरिष्ठ नेता बार-बार यही बात उठा रहे हैं कि पार्टी को अपनी जड़ों को मजबूत करना होगा।

















