जानिए क्यों हर श्रद्धालु को अयोध्या के गुप्तार घाट जरूर जाना चाहिए?
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जानिए क्यों हर श्रद्धालु को अयोध्या के गुप्तार घाट जरूर जाना चाहिए?

गुप्तार घाट अयोध्या के उन पवित्र स्थलों में से एक है, जो सीधे भगवान राम से जुड़े हैं। यहां आने वाले भक्त अपनी श्रद्धा और भक्ति प्रकट करने के लिए पूजा-अर्चना करते हैं। मान्यता है कि इस घाट पर आने से व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त होता है।

Written byMahak SinghMahak Singh
Dec 27, 2025, 05:11 pm IST
inभारत
Guptar Ghat History

Guptar Ghat History

रामनगरी अयोध्या का नाम सुनते ही हर किसी के मन में भगवान श्रीराम की छवि उभर आती है। यह नगरी न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी अनमोल है। अयोध्या की धरती पर भगवान राम के जीवन से जुड़े अनेक स्थल हैं, जो उनके दिव्य व्यक्तित्व और महानता की गाथा को जीवंत करते हैं। ऐसे ही एक प्रमुख स्थल है गुप्तार घाट, जो सरयू नदी के तट पर स्थित है। कहा जाता है कि इसी घाट पर भगवान श्रीराम ने जलसमाधि ली थी। यह स्थान न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि यहां का प्राकृतिक सौंदर्य भी पर्यटकों और श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करता है।

गुप्तार घाट का महत्व

गुप्तार घाट अयोध्या के उन पवित्र स्थलों में से एक है, जो सीधे भगवान राम से जुड़े हैं। यहां आने वाले भक्त अपनी श्रद्धा और भक्ति प्रकट करने के लिए पूजा-अर्चना करते हैं। मान्यता है कि इस घाट पर आने से व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त होता है। गुप्तार घाट सिर्फ एक धार्मिक स्थल नहीं है, बल्कि यह अयोध्या नगरी की संस्कृति और इतिहास का भी एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस घाट का नाम सुनते ही मन में एक शांत और पवित्र वातावरण का अनुभव होता है। सरयू नदी के किनारे बसा यह घाट, चारों ओर हरियाली और शांति से भरा हुआ है। यहां शाम के समय विशेष रूप से नौका विहार का आनंद लिया जा सकता है, जब नदी की शांत जल पर सूर्यास्त की सुनहरी किरणें पड़ती हैं।

गुप्तार घाट का इतिहास

इतिहास में दर्ज है कि गुप्तार घाट का निर्माण 19वीं शताब्दी में अयोध्या के राजा दर्शन सिंह द्वारा कराया गया था। उस समय से लेकर आज तक इस घाट का समय-समय पर पुनर्निर्माण होता रहा है, जिससे इसकी धार्मिक और ऐतिहासिक पहचान बनी रही। गुप्तार घाट पर कई मंदिर भी स्थित हैं, जो भगवान राम और उनकी जीवनगाथा से जुड़े हुए हैं। इनमें प्रमुख हैं-

  • राम जानकी मंदिर
  • प्राचीन चरण पादुका मंदिर
  • नरसिंह मंदिर
  • हनुमान मंदिर

ये सभी मंदिर न केवल श्रद्धालुओं के लिए पूजा-अर्चना का स्थल हैं, बल्कि यहां आने वाले पर्यटकों को भगवान राम की कथाओं और उनके जीवन की गाथाओं से जोड़ते हैं।

यह भी पढ़ें-जानिए कौन थे वो वीर रामभक्त जिनके लहू से सरयू हुई लाल?

गुप्तार घाट की धार्मिक मान्यता

लोकश्रुति के अनुसार, भगवान श्रीराम ने जब गुप्तार घाट पर जलसमाधि ली थी, तो उनके साथ जुड़ी हर जीवित चीजें उनके दिव्य धाम चली गईं। इसके कारण अयोध्या वीरान हो गई थी। बाद में, भगवान राम के पुत्र कुश ने अयोध्या नगरी को पुनः बसाया। इस कथा से यह स्पष्ट होता है कि गुप्तार घाट न केवल भगवान राम से जुड़ा हुआ है, बल्कि इसका संबंध अयोध्या की पुनर्निर्मित और समृद्ध संस्कृति से भी है। गुप्तार घाट पर श्रद्धालु अपने जीवन की इच्छाओं और समस्याओं के समाधान के लिए पूजा करते हैं। यहां आकर लोग भगवान राम से आशीर्वाद प्राप्त करते हैं और अपने मन की शांति का अनुभव करते हैं।

यह भी पढ़ें- राम मंदिर के आसपास की प्राचीन धरोहर जो हर भारतीय को पता होनी चाहिए

घाट का प्राकृतिक सौंदर्य

गुप्तार घाट सिर्फ धार्मिक दृष्टि से ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि इसका प्राकृतिक सौंदर्य भी आकर्षक है। सरयू नदी का शांत और निर्मल जल, घाट की रेतीली जमीन, चारों ओर फैली हरियाली और सूर्यास्त के समय का दृश्य इसे अत्यंत मनोहारी बना देता है। गुप्तार घाट पर शाम के समय नौका विहार करना एक अद्भुत अनुभव होता है। नदी की लहरों की हल्की आवाज़, ठंडी हवा और दूर तक फैली हरियाली पर्यटकों को प्रकृति के नजदीक महसूस कराती है। यहां आकर श्रद्धालु न केवल आध्यात्मिक शांति का अनुभव करते हैं, बल्कि प्रकृति की सुंदरता का भी आनंद उठाते हैं।

अयोध्या में गुप्तार घाट के अलावा कई अन्य घाट भी हैं, जो धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इनमें प्रमुख घाट हैं-

  • लक्ष्मण घाट
  • ऋणमोचन घाट
  • शिवाला घाट
  • जटाई घाट
  • अहिल्याबाई घाट
  • धौरहरा घाट
  • जानकी घाट

यह भी पढ़ें- राम मंदिर बनने के बाद अयोध्या की पहचान कैसे बदल गई?

ये सभी घाट सरयू नदी के किनारे स्थित हैं और श्रद्धालुओं के लिए पूजा-अर्चना का महत्वपूर्ण स्थल हैं। हर घाट की अपनी विशेषता और धार्मिक महत्व है। आज गुप्तार घाट न केवल धार्मिक दृष्टि से बल्कि पर्यटन स्थल के रूप में भी जाना जाता है। देश-विदेश से लोग यहां आते हैं और घाट के इतिहास, प्राकृतिक सौंदर्य और धार्मिक महत्व को अनुभव करते हैं। अयोध्या की यात्रा पर आने वाले हर पर्यटक के लिए गुप्तार घाट की यात्रा एक अद्भुत अनुभव साबित होती है।

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Mahak Singh
Mahak Singh
2022 में ज़ी न्यूज़ से पत्रकारिता की शुरुआत की। उसके बाद न्यूज़ नेशन, दैनिक जागरण और न्यूज़ 24 जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में कार्य करते हुए पत्रकारिता के विभिन्न आयामों का अनुभव प्राप्त किया। वर्तमान में पाञ्चजन्य में सब एडिटर के रूप में कार्यरत हूं। ज़िमा ज़ी इंस्टीट्यूट ऑफ मीडिया आर्ट्स से मैने पत्रकारिता की है। [Read more]
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