खुफिया एजेंसियों को सूचना मिली है कि आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी फिर से भारत में घुसपैठ करने की कोशिश कर सकते हैं। बताया जा रहा है कि क्रिसमस और नए साल के दौरान वे जम्मू-कश्मीर के कठुआ, सांबा और उधमपुर जिलों में बड़ी घटना को अंजाम देने की योजना बना रहे हैं। इसी खतरे को देखते हुए इन तीनों जिलों में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है।
सीमा पार से आतंकी घुसपैठ का अलर्ट- सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि आतंकी सीमा पार से घुसकर इन इलाकों में हमले कर सकते हैं या किसी सुरक्षा ठिकाने को निशाना बना सकते हैं। सबसे ज्यादा खतरा कठुआ और सांबा के बॉर्डर इलाकों में माना जा रहा है, क्योंकि पहले भी इन्हीं रास्तों से आतंकी घुसपैठ कर चुके हैं। इसी कारण यहां सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। हालात को देखते हुए बीएसएफ, भारतीय सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस को पूरी तरह सतर्क कर दिया गया है। इसके साथ ही पंजाब पुलिस भी सुरक्षा में सहयोग कर रही है। खुफिया एजेंसियों ने कहा है कि 25 दिसंबर तक खास सतर्कता बरतने की जरूरत है, क्योंकि इसी दौरान आतंकी घुसपैठ की कोशिश कर सकते हैं।
बीएसएफ-पंजाब पुलिस का संयुक्त तलाशी अभियान- मंगलवार को बीएसएफ और पंजाब पुलिस ने मिलकर संयुक्त तलाशी अभियान चलाया। यह अभियान पठानकोट के बमियाल इलाके, गांव सिंबल कोलियां के अंदरूनी हिस्सों और कठुआ जिले में उज्ज नदी के किनारे पिंडी परोलियां गांव तक चलाया गया। इस दौरान कई संदिग्ध जगहों की तलाशी ली गई और कुछ लोगों से पूछताछ भी की गई। सुरक्षा बलों ने कुछ संदिग्धों के घरों की भी जांच की। साथ ही स्थानीय लोगों से अपील की गई है कि अगर उन्हें कोई संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि दिखाई दे, तो तुरंत पुलिस को सूचना दें।
तलाशी और गश्त तेज- सूत्रों के मुताबिक हीरानगर क्षेत्र में एक स्थानीय युवक ने दो संदिग्ध लोगों को देखा था, जिनके पास हथियार और वर्दी होने की बात कही गई। इसके बाद से पूरे इलाके में तलाशी अभियान तेज कर दिया गया है। फिलहाल पठानकोट, कठुआ और सांबा के बॉर्डर इलाकों में लगातार गश्त हो रही है। हर आने-जाने वाले पर नजर रखी जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं और लोगों से सहयोग की अपील की गई है, ताकि त्योहारों के दौरान शांति और सुरक्षा बनी रहे।

















