अमेरिका वेनेजुएला पर हमले कर रहा है। इस मामले में अब रूस खुलकर वेनेजुएला के समर्थन में आ गया है। हाल ही में रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने वेनेजुएला के अपने समकक्ष यवान गिल से फोन पर बात की। इस बातचीत में रूस ने कैरिबियन सागर में अमेरिका की बढ़ती सैन्य गतिविधियों पर गहरी चिंता जताई और वेनेजुएला को पूरा समर्थन देने का ऐलान किया। रूसी विदेश मंत्रालय के मुताबिक, दोनों मंत्रियों ने अमेरिकी कदमों को क्षेत्र के लिए खतरनाक बताया, जो अंतरराष्ट्रीय समुद्री यातायात को भी प्रभावित कर सकते हैं।
अमेरिका की सैन्य तैनाती और कार्रवाइयां
सितंबर 2025 से अमेरिका ने कैरिबियन क्षेत्र में कई नौसैनिक जहाज तैनात किए हैं। इनमें कथित तौर पर ड्रग तस्करी से जुड़ी बताई जाने वाली नावों पर हमले शामिल हैं, जिनमें कई नावें डुबोई गईं। पिछले दो हफ्तों में अमेरिकी बलों ने दो ऑयल टैंकरों को जब्त किया है। हाल ही में मीडिया रिपोर्ट्स में अनाम अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से कहा गया कि यूएस कोस्ट गार्ड एक वेनेजुएला से जुड़े ऑयल टैंकर का पीछा कर रहा है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने धमकी दी है कि जल्द ही जमीनी हमले भी हो सकते हैं। अमेरिका का दावा है कि ये कार्रवाइयां ड्रग ट्रैफिकिंग रोकने के लिए हैं और वेनेजुएला सरकार इसमें शामिल है।
वेनेजुएला की प्रतिक्रिया
वेनेजुएला ने इन टैंकर जब्ती को ‘समुद्री डकैती’ करार दिया है। राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की सरकार का कहना है कि अमेरिका एक कठपुतली सरकार थोपने और देश के प्राकृतिक संसाधनों पर कब्जा करने की कोशिश कर रहा है। काराकास ने अमेरिकी आरोपों को खारिज किया और इसे रिजीम चेंज की साजिश बताया। वेनेजुएला के विदेश मंत्री यवान गिल ने लावरोव से बात में अमेरिकी हमलों, गैर-कानूनी हत्याओं और डकैती जैसे कदमों का जिक्र किया।
रूस और अन्य देशों का रुख
रूस ने पहले भी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के जरिए वेनेजुएला के लोगों और मादुरो सरकार के साथ एकजुटता दिखाई है। लावरोव ने कहा कि अमेरिकी सैन्य बढ़ोतरी क्षेत्र में गंभीर परिणाम ला सकती है। दोनों देशों ने संयुक्त राष्ट्र में समन्वय करने पर सहमति जताई, ताकि देशों की संप्रभुता और गैर-हस्तक्षेप के सिद्धांतों का सम्मान हो। इससे पहले चीन ने भी वेनेजुएला का समर्थन किया और अमेरिकी एकतरफा कदमों की निंदा की। वेनेजुएला ने यूएन सुरक्षा परिषद में अमेरिकी ‘आक्रामकता’ पर चर्चा की मांग की है, जिसमें रूस और चीन इसका साथ दे रहे हैं।
















