युद्ध खत्म होने पर यूक्रेन 8 लाख सैनिकों वाली सेना नहीं चला पाएगा, पश्चिमी पैसा चाहिए: जेलेंस्की
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युद्ध खत्म होने पर यूक्रेन 8 लाख सैनिकों वाली सेना नहीं चला पाएगा, पश्चिमी पैसा चाहिए: जेलेंस्की

यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने कहा कि युद्ध समाप्ति के बाद 8 लाख सैनिकों वाली सेना को फंड करने के लिए पश्चिमी देशों की मदद जरूरी है। EU ने 90 बिलियन यूरो लोन का फैसला लिया, जबकि रूस ने इसे युद्ध लंबा खींचने की कोशिश बताया।

Written byकुलदीप सिंहकुलदीप सिंह
Dec 22, 2025, 06:38 am IST
in विश्व
Russia us peace plan ukraine Zelensky

वोलोडिमिर जेलेंस्की, यूक्रेन के राष्ट्रपति (फोटो साभार: द गॉर्जियन)

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने हाल ही में एक बयान दिया है जो काफी सीधा और स्पष्ट है। उन्होंने कहा कि अगर रूस के साथ जंग खत्म हो जाती है, तो यूक्रेन अपने दम पर 8 लाख सैनिकों वाली सेना को फंड नहीं कर पाएगा। यह बात उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कही। ज़ेलेंस्की के मुताबिक, देश के पास इतने पैसे नहीं हैं कि वह इतनी बड़ी आर्मी को खुद चलाए। इसलिए वे पश्चिमी देशों के नेताओं से बात कर रहे हैं कि वे सेना के कुछ खर्चे उठाएं। वे इसे सुरक्षा की गारंटी मानते हैं।

सेना की मौजूदा ताकत और प्रस्ताव

जनवरी 2025 में ज़ेलेंस्की ने बताया था कि यूक्रेनी सेना में करीब 8 लाख 80 हजार सैनिक हैं। जंग के बाद सेना का साइज़ क्या हो, इस पर बातें चल रही हैं। अमेरिका के एक लीक हुए पीस प्लान में सुझाव है कि जंग खत्म होने के बाद यूक्रेन की सेना को 6 लाख सैनिकों तक सीमित रखा जाए। लेकिन यूक्रेन और उसके यूरोपीय साथी देश चाहते हैं कि सेना 8 लाख की रहे, ताकि रूस से किसी खतरे को रोका जा सके। रूस ने इस दावे को बकवास बताया है।

ज़ेलेंस्की की सीधी बात

पत्रकारों ने पूछा कि क्या सीजफायर के बाद यूक्रेन 8 लाख सैनिकों वाली सेना खुद चला पाएगा? ज़ेलेंस्की ने साफ कहा, “नहीं, हम अकेले ऐसा नहीं कर पाएंगे। हमारे पास इतने फाइनेंशियल रिसोर्स नहीं हैं।” उन्होंने आगे बताया कि इसी वजह से वे पश्चिमी लीडर्स से डायलॉग कर रहे हैं। उनका मानना है कि सहयोगियों का सेना को आंशिक फंडिंग करना एक तरह की सिक्योरिटी गारंटी होगी। यह मदद कुछ सालों तक चाहिए, जब तक यूक्रेन की इकोनॉमी ठीक नहीं हो जाती।

पश्चिमी मदद की कोशिशें

यूक्रेन की इकोनॉमी को सपोर्ट करने के लिए यूरोपीय देश काफी समय से तरीके ढूंढ रहे हैं। हाल ही में EU लीडर्स ने रूसी एसेट्स से करीब 210 बिलियन डॉलर के फंड से लोन देने का प्लान नहीं पास किया। इसके बजाय उन्होंने कॉमन बॉरोइंग का फैसला लिया, जिसमें अगले दो सालों में 90 बिलियन यूरो (करीब 105 बिलियन डॉलर) जुटाए जाएंगे। यह पैसे टैक्सपेयर्स से आएंगे और हर साल करीब 3 बिलियन यूरो का इंटरेस्ट लगेगा। ज़ेलेंस्की ने यूरोपीय गारंटी को 90% अच्छा बताया, लेकिन अमेरिकी गारंटी के लिए कांग्रेस की मंजूरी चाहिए।

रूस का नजरिया

रूस की तरफ से कहा जा रहा है कि पश्चिमी देश जंग को लंबा खींचने के लिए पैसे ढूंढ रहे हैं। क्रेमलिन के स्पोक्सपर्सन दमित्री पेस्कोव ने EU को जंग जारी रखने का जुनूनी बताया। रूस का कहना है कि कोई स्थायी समझौता तभी होगा जब यूक्रेन की NATO महत्वाकांक्षाएं और टेरिटोरियल रियलिटी को माना जाए।

Topics: Zelenskyysecurity guaranteesयूक्रेन सेना8 लाख सैनिक800पश्चिमी मददरूस-यूक्रेन युद्धEU लोनRussia-Ukraine warयूक्रेन फंडिंगजेलेंस्की000 soldiersवोलोदिमिर जेलेंस्कीWestern aidUkrainian ArmyEU loanसुरक्षा गारंटी
कुलदीप सिंह
कुलदीप सिंह
नागपुर स्थित राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज विद्यापीठ (नागपुर यूनिवर्सिटी) से मॉस कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट। बीते एक दशक से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विशेष रुचि। पत्रकारिता की इस यात्रा की शुरुआत नागपुर नवभारत में इंटर्नशिप से शुरू होती है, तदोपरांत GTPL न्यूज चैनल, लोकमत समाचार, ग्रामसभा मेल, मोबाइल न्यूज 24 और Way2News हैदराबाद के बाद अब पाञ्चजन्य के साथ सफर जारी है। [Read more]
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