दिल्ली और आसपास के इलाकों में हवा की खराब गुणवत्ता को लेकर संसद के विंटर सेशन में होने वाली अहम चर्चा कैंसल हो गई। 19 दिसंबर 2025 को संसद का यह सेशन अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। सेशन 1 दिसंबर से चल रहा था और इसमें कई महत्वपूर्ण बिल पास हुए, लेकिन प्रदूषण जैसे बड़े मुद्दे पर बात नहीं हो पाई।
संसद में क्या हुआ?
विंटर सेशन के आखिरी दिनों में दिल्ली-एनसीआर की बढ़ती प्रदूषण समस्या पर चर्चा होने वाली थी। पिछले हफ्ते राहुल गांधी ने इस मुद्दे पर जोरदार तरीके से चर्चा की मांग की थी, जिसे केंद्र सरकार ने स्वीकार भी कर लिया था। यह दोनों पक्षों के बीच दुर्लभ सहमति का मामला था। पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव को लोकसभा में गुरुवार शाम करीब 6 बजे प्रदूषण पर जवाब देना था। प्रियंका गांधी विपक्ष की तरफ से चर्चा शुरू करने वाली थीं।
लेकिन गुरुवार को सदन दोबारा शुरू होने के सिर्फ एक घंटे बाद ही हंगामा हो गया। विपक्षी सांसदों ने जी राम जी बिल पर जोरदार नारे लगाए। कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान इस बिल पर बोल रहे थे। हंगामे की वजह से सदन स्थगित कर दिया गया। यह बिल लोकसभा में पास हो गया और रात में राज्यसभा में भी मंजूरी मिल गई। विपक्ष इस बिल का पुरजोर विरोध कर रहा था क्योंकि यह पुरानी मनरेगा योजना की जगह ले रहा है।
कांग्रेस के कई सांसदों ने प्रदूषण पर तुरंत चर्चा के लिए एडजर्नमेंट नोटिस भी दिया था। कन्याकुमारी के सांसद विजय वसंत ने दिल्ली-एनसीआर में राष्ट्रीय स्वास्थ्य आपातकाल घोषित करने की मांग की। लेकिन ये सब प्रयास बेकार गए और प्रदूषण पर कोई बात नहीं हुई।
दिल्ली की हवा की हालत कैसी है?
दिल्ली में 13 से 15 दिसंबर तक तीन दिन लगातार AQI गंभीर और गंभीर प्लस स्तर पर रहा। 16 दिसंबर से थोड़ी राहत मिली, लेकिन अब फिर हवा खराब हो रही है। कई मॉनिटरिंग स्टेशनों पर AQI 400 से ऊपर दर्ज किया जा रहा है। घनी धुंध ने हालात और बिगाड़ दिए हैं। लोग सांस लेने में तकलीफ महसूस कर रहे हैं और रोजाना की जिंदगी प्रभावित हो रही है।
सेशन खत्म होने के बाद क्या हुआ?
19 दिसंबर को लोकसभा और राज्यसभा दोनों को साइन डाई स्थगित कर दिया गया। स्पीकर ओम बिरला ने दोनों पक्षों के सांसदों से मुलाकात की। अब प्रदूषण पर अगली चर्चा कम से कम 2026 के बजट सेशन तक नहीं होगी।

















