बॉन्डी बीच आतंकी हमले के बाद ऑस्ट्रेलिया लगातार इस्लामिक कट्टरपंथ के खिलाफ कदम उठा रहा है। इसी को लेकर देश के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने यहूदी विरोधी भावना (एंटीसिमिटिज्म) और नफरत फैलाने वालों पर सख्ती करने के लिए एक पांच सूत्री योजना की घोषणा की है। यह ऐलान 18 दिसंबर 2025 को कैनबरा में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में किया गया। यह कदम बॉन्डी बीच पर हुए आतंकी हमले के चार दिन बाद आया है, जिसमें हनुक्का उत्सव मनाते 15 लोग मारे गए थे। अल्बनीज ने खुद माना कि अक्टूबर 2023 से बढ़ती यहूदी विरोधी घटनाओं से निपटने में सरकार और ज्यादा कर सकती थी।
हमले की पृष्ठभूमि
बॉन्डी में रविवार को हुआ हमला यहूदियों को निशाना बनाकर किया गया था। इसके बाद पूरे देश में यहूद समुदाय में डर और गुस्सा बढ़ गया। सरकार पर दबाव था कि वह यहूद विरोधी विशेष दूत जिलियन सेगल की जुलाई में सौंपी रिपोर्ट पर जल्दी कार्रवाई करे। सेगल ने कहा कि सरकार का यह औपचारिक जवाब काफी समय से लंबित था, लेकिन अब यह एक महत्वपूर्ण कदम है।
अल्बनीज का बयान
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकारें परफेक्ट नहीं होतीं और वो खुद भी नहीं। उन्होंने स्वीकार किया कि ज्यादा कुछ किया जा सकता था। साथ ही बताया कि उनकी सरकार ने पहली बार यहूदी विरोधी दूत नियुक्त किया, नफरत भरे भाषण पर कानून बनाया और नाजी प्रतीकों पर बैन लगाया। अब और कदम उठाए जा रहे हैं ताकि नफरत और कट्टरता फैलाने वालों पर लगाम लगे। गृह मामलों के मंत्री टोनी बर्क ने कहा कि कई लोग कानून की सीमा तक जाकर बच निकलते थे, अब ऐसा नहीं होगा।
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पांच सूत्री योजना के मुख्य बिंदु
- वीजा और प्रवास पर सख्ती: गृह मामलों के मंत्री को नए अधिकार मिलेंगे। वो उन लोगों के वीजा रद्द कर सकेंगे या नए वीजा देने से इनकार कर सकेंगे जो नफरत या विभाजन फैलाते हैं। साथ ही ऐसी संगठनों की लिस्ट बनेगी जिनके नेता हिंसा या नस्लीय नफरत भरे भाषण करते हैं।
- नफरत भरे भाषण पर कड़ी सजा: नफरत फैलाने वाले उपदेशकों (हेट प्रीचर्स) के लिए नए अपराध बनाए जाएंगे। हिंसा भड़काने वाले नफरत भरे भाषण पर सजाएं बढ़ाई जाएंगी। ऑनलाइन धमकियों या उत्पीड़न में नफरत को सजा बढ़ाने वाला फैक्टर माना जाएगा।
- शिक्षा में सुधार: मशहूर शिक्षाविद डेविड गोंस्की एक साल की टास्कफोर्स चलाएंगे। इसका मकसद स्कूलों, किंडरगार्टन और यूनिवर्सिटी में यहूदी विरोधी भावना के बारे में सही शिक्षा देना है। ऑस्ट्रेलियाई पाठ्यक्रम की समीक्षा होगी और शिक्षकों को मुफ्त संसाधन मिलेंगे ताकि बच्चे सामाजिक एकता सीखें।
- ऑनलाइन नफरत पर रोक: अगले साल की पहली तिमाही में ऑनलाइन सुरक्षा के नए दिशानिर्देश जारी होंगे, जो इंटरनेट पर यहूद विरोधी सामग्री को नियंत्रित करेंगे।
- कैंपस पर सख्त नियम: शिक्षा मंत्री जेसन क्लेयर यूनिवर्सिटी कैंपस पर नस्लवाद और यहूद विरोधी व्यवहार पर कड़े नियम लागू करवाएंगे। अगर यूनिवर्सिटी खुद कार्रवाई नहीं करेंगी तो नियामक हस्तक्षेप करेंगे।
सेगल रिपोर्ट पर काम जारी रहेगा
सरकार सेगल की रिपोर्ट की बाकी 13 सिफारिशों पर भी काम जारी रखेगी। बॉन्डी हमले के पीड़ितों को NSW सरकार के साथ मिलकर सहायता और भुगतान दिए जाएंगे। जिलियन सेगल ने शिक्षा संबंधी कदमों की तारीफ की और कहा कि ये आने वाली पीढ़ियों के लिए मजबूत आधार बनाएंगे। ये सुधार नए कानून लाकर लागू होंगे, जो ऑस्ट्रेलिया में पहले कभी नहीं बने।

















