अमेरिकी नीतियों को देखकर अंग्रेजी की एक बात याद आती है ‘War is bloody business’ यानि कि युद्ध एक गंदा व्यवसाय है। इसमें युद्धक सामग्रियां बनाने वाली कंपनियों की चांदी होती है। एक लॉबी शांति नहीं चाहेगी, अन्यथा उसका धंधा बंद हो जाएगा। रूस-यूक्रेन के युद्ध में भी ऐसा ही हो रहा है। एक तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप शांति की बात करते हैं। लेकिन, दूसरी ओर अमेरिका में हाल ही में एक बड़ा रक्षा खर्च बिल पास हुआ है, जिसके तहत यूक्रेन को हथियार खरीदने के लिए प्रतिवर्ष करीब 400 मिलियन यूएस डॉलर की मदद दी जाएगी।
कीव इंडिपेंडेंट की रिपोर्ट के अनुसार, ये बिल 2026 फिस्कल ईयर के लिए है और इसमें करीब 900 अरब डॉलर का प्रावधान है। इसमें यूक्रेन को सैन्य मदद के लिए भी जगह दी गई है, जो रूस के साथ चल रहे संघर्ष के बीच महत्वपूर्ण है। बिल को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पास साइन करने के लिए भेजा जा रहा है, और व्हाइट हाउस का कहना है कि वो इसे साइन करेंगे।
बिल में यूक्रेन के लिए क्या है?
बिल में यूक्रेन सिक्योरिटी असिस्टेंस इनिशिएटिव (USAI) के तहत कुल 800 मिलियन डॉलर की मदद दी गई है। ये पैसा अमेरिकी रक्षा कंपनियों से हथियार खरीदने और यूक्रेन को देने के लिए इस्तेमाल होगा। इसमें 2026 और 2027 फिस्कल ईयर के लिए हर साल 400 मिलियन डॉलर का प्रावधान है। ये मदद पहले की तुलना में काफी कम है – रूस के पूर्ण आक्रमण के बाद से अमेरिका ने यूक्रेन को कुल 67 अरब डॉलर से ज्यादा की सैन्य मदद दी है, तो ये नई राशि उसका छोटा हिस्सा है।
वोटिंग कैसे हुई?
सीनेट में बिल 77 के मुकाबले 20 वोटों से पास हुआ। दोनों पार्टियों – डेमोक्रेट और रिपब्लिकन – से अच्छा सपोर्ट मिला। हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स ने इसे पिछले हफ्ते पास कर दिया था, जहां वोट 312 के मुकाबले 112 रहा। कुछ कंजर्वेटिव रिपब्लिकनों ने विदेशी मदद पर सवाल उठाए, लेकिन बिल आसानी से आगे बढ़ गया।
इंटेलिजेंस शेयरिंग पर नियम
बिल में एक खास प्रावधान है कि अगर पेंटागन यूक्रेन के साथ इंटेलिजेंस शेयरिंग रोकना या सीमित करना चाहे, तो उसे 48 घंटे के अंदर कांग्रेस को नोटिफाई करना होगा। इसमें रोकने की वजह, यूक्रेन पर असर और कितने समय के लिए बताना पड़ेगा। ये नियम इसलिए डाला गया ताकि कोई अचानक फैसला न हो सके। यूक्रेन की अमेरिकी राजदूत ओल्हा स्टेफानिशिना ने इस प्रावधान पर टिप्पणी की है।
यूरोप में अमेरिकी सैनिकों पर पाबंदी
बिल में यूरोप में तैनात अमेरिकी सैनिकों की संख्या पर भी नियम है। पेंटागन यूरोप में स्थायी या तैनात सैनिकों की संख्या 76,000 से नीचे 45 दिनों से ज्यादा समय तक नहीं रख सकता। ये यूरोपीय सुरक्षा को मजबूत करने वाला कदम है।
बिल के दूसरे मुख्य हिस्से
इस बड़े बिल में अमेरिकी सैनिकों के लिए करीब 4% सैलरी बढ़ोतरी है, मिलिट्री हाउसिंग बेहतर करने के प्रावधान हैं। इंडो-पैसिफिक इलाके में सैन्य तैयारी मजबूत करने के लिए फंडिंग है, इजरायल और ताइवान जैसे सहयोगियों के लिए भी मदद है। अमेरिका-मेक्सिको बॉर्डर पर एक्टिव ड्यूटी सैनिक तैनात करने की इजाजत है।

















